Ladki Bahin scam : महाराष्ट्र सरकार की ‘माझी लड़की बहीण’ योजना भ्रष्टाचार के आरोपों में घिर गई है। योजना की शुरुआत को अभी एक साल ही हुआ है, और अब सामने आया है कि 14,000 से अधिक पुरुषों को महिला बताकर इस योजना का लाभ मिला। इसके अलावा, 26 लाख से अधिक महिलाएं भी अपात्र होने के बावजूद इस योजना से हर महीने 1,500 रुपये की राशि लेती रहीं। इन खुलासों के बाद योजना की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
भाजपा की मध्य प्रदेश में ‘लाडली बहना’ योजना की सफलता के बाद, महाराष्ट्र सरकार ने भी ‘माझी लड़की बहीण’ योजना की शुरुआत की थी। इसका मकसद 21 से 65 वर्ष की आयु की महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये देना था, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को सहायता मिल सके। योजना की शुरुआत जून 2024 में की गई थी, और इसे चुनावी मास्टरस्ट्रोक के रूप में देखा गया।
हाल ही में महिला एवं बाल कल्याण विभाग द्वारा किए गए ऑडिट में खुलासा हुआ कि 14,298 पुरुषों ने पोर्टल पर खुद को महिला बताकर योजना के लिए आवेदन किया और लाभ भी प्राप्त किया। इन पुरुषों को कुल मिलाकर 21.44 करोड़ रुपये की राशि दे दी गई। जब यह मामला उजागर हुआ, तब उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने स्पष्ट किया कि यह योजना केवल महिलाओं के लिए है, और पुरुषों से मिली राशि वापस वसूली जाएगी।
सिर्फ पुरुष ही नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में महिलाएं भी इस योजना का अनुचित लाभ लेती रही हैं। ऑडिट के अनुसार, 26 लाख से अधिक महिलाओं ने या तो झूठे दस्तावेज दिए या पात्रता की शर्तों का उल्लंघन कर योजना में नाम दर्ज कराया। कई मामलों में एक ही परिवार की तीन या अधिक महिलाओं ने आवेदन किया, कुछ ने 65 साल की उम्र के बाद भी योजना का लाभ लिया, और कई उच्च आय वर्ग की महिलाएं भी इसमें शामिल पाई गईं।
ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, इस तरह अपात्र लाभार्थियों पर अब तक 1,640 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले ने इस मामले को गंभीर बताते हुए सीबीआई जांच की माँग की है। उन्होंने कहा, “सरकार मामूली मामलों में भी ईडी-सीबीआई भेज देती है, तो इतने बड़े भ्रष्टाचार की जांच केंद्रीय एजेंसियों से क्यों नहीं कराई जा रही?” ‘माझी लड़की बहीण’ योजना भ्रष्टाचार और प्रणालीगत खामियों का शिकार बन गई है। राज्य सरकार के लिए यह एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है कि वह इस योजना में पारदर्शिता कैसे सुनिश्चित करेगी और गड़बड़ियों के दोषियों पर क्या कार्रवाई की जाएगी।
Read More : SIR controversy India : संशोधित सूची पर फिर विवाद: सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला
Harish Rana euthanasia: भारत के कानूनी और मानवीय इतिहास में एक अत्यंत भावुक क्षण दर्ज…
Ambikapur News : महिला उत्पीड़न और साइबर ब्लैकमेलिंग के एक गंभीर मामले में सरगुजा पुलिस…
Bijapur Pota Cabin News: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले से एक हृदयविदारक और शर्मनाक…
Rikesh Sen Security Row: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के भिलाई में वैशाली नगर से भाजपा…
SSC CGL 2025: कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल (CGL) परीक्षा 2025 के…
Neuralink Engineer Warning: दुनिया के सबसे चर्चित और महत्वाकांक्षी ब्रेन-टेक प्रोजेक्ट Neuralink से एक ऐसी…
This website uses cookies.