Lionel Messi Fraud
Lionel Messi Fraud : केरल के खेल और वित्त जगत में उस समय हड़कंप मच गया जब राज्य के वित्त मंत्री वी. अब्दुर्रहीम ने विश्व चैंपियन फुटबॉल टीम अर्जेंटीना और दिग्गज खिलाड़ी लियोनेल मेसी पर गंभीर आरोप लगाए। मंत्री का दावा है कि केरल में एक अंतरराष्ट्रीय मैत्री मैच (Friendly Match) खेलने के नाम पर अर्जेंटीना की टीम के साथ करोड़ों रुपये का लेन-देन हुआ था, लेकिन अंततः टीम केरल नहीं आई। इसे मंत्री ने सीधे तौर पर ‘फ्रॉड’ करार दिया है। केरल जैसे फुटबॉल प्रेमी राज्य में इस खबर ने प्रशंसकों और राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है।
पूरा विवाद पिछले साल नवंबर से शुरू हुआ, जब लियोनेल मेसी की कप्तानी वाली अर्जेंटीना टीम का ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ केरल में एक मैत्री मैच प्रस्तावित था। केरल सरकार ने इस बड़े आयोजन के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी थीं। हालांकि, तमाम कोशिशों के बावजूद फीफा (FIFA) से आवश्यक तकनीकी अनुमति न मिलने के कारण वह मैच आयोजित नहीं हो सका। उस वक्त फुटबॉल संघ और आयोजकों की ओर से यह आश्वासन दिया गया था कि यदि नवंबर में नहीं, तो इस साल मार्च की इंटरनेशनल विंडो के दौरान मेसी और उनकी टीम केरल की धरती पर कदम जरूर रखेंगे।
केरल में फुटबॉल के प्रति जुनून जगजाहिर है, और मेसी की लोकप्रियता वहां किसी भगवान से कम नहीं है। राज्य की वामपंथी (एलडीएफ) सरकार ने मेसी के आगमन को एक बड़े इवेंट के रूप में प्रमोट करना शुरू कर दिया था। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सरकार की योजना चुनाव से ठीक पहले मेसी को केरल लाकर एक सकारात्मक माहौल बनाने की थी। सरकार को उम्मीद थी कि इस वैश्विक आइकन की मौजूदगी का असर मतदाताओं पर पड़ेगा। लेकिन जब मार्च की समयसीमा भी बीत गई और मेसी नहीं आए, तो सरकार के लिए स्थितियां असहज हो गईं।
मेसी के न आने पर अब केरल की राजनीति गरमा गई है। विपक्षी दल कांग्रेस ने वामपंथी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि सरकार ने मेसी को लाने के नाम पर आम जनता और फुटबॉल प्रशंसकों को केवल सुनहरे सपने दिखाए और उन्हें धोखा दिया है। विपक्ष का कहना है कि यह केवल एक राजनीतिक स्टंट था, जिसका हकीकत से कोई लेना-देना नहीं था। इस राजनीतिक दबाव के बीच अब सत्तापक्ष के मंत्रियों को सफाई देना भारी पड़ रहा है।
वित्त मंत्री वी. अब्दुर्रहीम ने इस पूरे मामले में एक चौंकाने वाला आंकड़ा पेश किया है। उन्होंने दावा किया कि मैच के लिए स्पॉन्सरशिप के जरिए लगभग 250 करोड़ रुपये जुटाए गए थे। यह बड़ी राशि अर्जेंटीना की टीम को दी जानी थी। मंत्री ने भारी मन से कहा, “हमने पूरी व्यवस्था कर ली थी और फंड भी तैयार था, लेकिन हमारे साथ छल हुआ।” उन्होंने अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि इस अंतरराष्ट्रीय स्तर के धोखे के खिलाफ अब किसके पास गुहार लगाई जाए या कानूनी रूप से क्या कदम उठाए जाएं।
केरल के लाखों फुटबॉल प्रशंसक, जो अपनी आंखों के सामने मेसी को खेलते देखने का सपना संजोए बैठे थे, इस विवाद से बेहद आहत हैं। 250 करोड़ रुपये जैसे भारी-भरकम बजट और सरकार के बड़े दावों के बावजूद मेसी का न आना राज्य की साख पर भी सवाल उठा रहा है। अब देखना यह होगा कि क्या अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन (AFA) इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया देता है या यह मामला केवल राजनीतिक बयानबाजी तक ही सीमित रह जाता है।
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