LS Election Opinion Poll
LS Election Opinion Poll 2026: वर्ष 2024 के लोकसभा चुनावों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने जीत की हैट्रिक लगाते हुए केंद्र में तीसरी बार अपनी सरकार बनाई थी। हालांकि, उस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी अपने दम पर पूर्ण बहुमत के जादुई आंकड़े को छूने से चूक गई थी। लेकिन अब सामने आए एक ताजा सर्वे ने देश की राजनीतिक सरगर्मी को फिर से बढ़ा दिया है। इंडिया टुडे के नवीनतम ‘मूड ऑफ द नेशन’ सर्वे के चौंकाने वाले नतीजे बताते हैं कि यदि आज की तारीख में देश में आम चुनाव कराए जाएं, तो नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाला एनडीए गठबंधन पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ते हुए एकतरफा जीत हासिल कर सकता है। यह सर्वे स्पष्ट संकेत देता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता अभी भी चरम पर है।
सर्वेक्षण के आंकड़ों पर नजर डालें तो सबसे बड़ी खबर भाजपा के लिए है। 2024 के चुनाव में 240 सीटें जीतने वाली भाजपा को आज चुनाव होने पर 287 सीटें मिलने का अनुमान है, जो बहुमत के 272 के आंकड़े से काफी अधिक है। दूसरी ओर, मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस को बड़ा नुकसान होता दिख रहा है। पिछले चुनाव में 99 सीटें जीतने वाली कांग्रेस इस सर्वे के अनुसार महज 80 सीटों पर सिमटती नजर आ रही है। अन्य क्षेत्रीय दलों और पार्टियों के खाते में 176 सीटें जाने की संभावना जताई गई है।
गठबंधन की राजनीति के लिहाज से देखें तो एनडीए और ‘इंडिया’ (INDIA) ब्लॉक के बीच की खाई और चौड़ी होती दिख रही है। सर्वे के मुताबिक:
NDA (एनडीए): 352 सीटें
INDIA Alliance (इंडिया अलायंस): 182 सीटें
अन्य: 9 सीटें
यह आंकड़ा बताता है कि विपक्षी एकता के बावजूद एनडीए का किला पहले से कहीं अधिक मजबूत हुआ है। 2024 के असल नतीजों की तुलना में एनडीए की सीटों में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो मतदाताओं के बदलते मिजाज की ओर इशारा करती है।
लोकतंत्र में सीटों के साथ-साथ वोट शेयर भी काफी मायने रखता है। सर्वे के अनुसार, एनडीए को कुल 47 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है। इसके मुकाबले ‘इंडिया’ ब्लॉक को मात्र 39 प्रतिशत वोट शेयर से संतोष करना पड़ सकता है। अन्य छोटे दलों और निर्दलीयों के खाते में 14 फीसदी वोट जाने की उम्मीद है। एनडीए और विपक्ष के बीच यह 8 फीसदी का अंतर चुनावों में किसी भी गठबंधन के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है।
याद दिला दें कि 2024 के लोकसभा चुनाव परिणामों ने भाजपा को थोड़ा असहज कर दिया था, क्योंकि पार्टी ‘400 पार’ के अपने लक्ष्य से काफी दूर रह गई थी। हालांकि, लोकसभा चुनावों के तुरंत बाद हुए विभिन्न राज्यों के विधानसभा चुनावों ने भाजपा और एनडीए के पक्ष में हवा बदल दी। महाराष्ट्र, हरियाणा, बिहार और दिल्ली जैसे राज्यों में एनडीए के बेहतरीन प्रदर्शन और झारखंड व जम्मू-कश्मीर में मिली मजबूती ने पार्टी के आत्मविश्वास को फिर से बहाल किया है। इसी सकारात्मक लहर का असर ‘मूड ऑफ द नेशन’ के ताजा आंकड़ों में भी साफ दिखाई दे रहा है।
सर्वे के ये नतीजे विपक्षी गठबंधन के लिए चिंता का विषय हैं। कांग्रेस की सीटों में गिरावट और एनडीए की बढ़ती ताकत यह दर्शाती है कि जनता अभी भी केंद्र में एक स्थिर और मजबूत नेतृत्व को प्राथमिकता दे रही है। फिलहाल, देश के राजनीतिक परिदृश्य को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि ‘ब्रांड मोदी’ का जादू बरकरार है और जनता की पहली पसंद अभी भी मौजूदा प्रधानमंत्री ही बने हुए हैं।
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