London Terror Attack
London Terror Attack : इंग्लैंड की राजधानी लंदन एक बार फिर सांप्रदायिक हिंसा और आतंक की गूंज से दहल उठी है। उत्तर-पश्चिमी लंदन के यहूदी बहुल इलाके ‘गोल्डर्स ग्रीन’ में बुधवार को एक अज्ञात हमलावर ने दो यहूदी पुरुषों पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हमले में 34 और 76 वर्ष के दो व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमला अचानक और बेहद हिंसक था। ब्रिटिश पुलिस ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए इसे एक ‘आतंकी हमला’ करार दिया है और हमलावर को घटनास्थल से ही दबोच लिया है।
इस हमले के कुछ ही घंटों बाद ‘हरकत अशाब अल यामीन अल इस्लामिया’ (HAYI) नामक एक कट्टरपंथी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। SITE इंटेलिजेंस ग्रुप की रिपोर्ट के मुताबिक, इस संगठन के तार सीधे तौर पर ईरान से जुड़े होने का संदेह है। संगठन ने दावा किया है कि यह एक ‘लोन वुल्फ’ हमला था, यानी इसे एक व्यक्ति ने बिना किसी प्रत्यक्ष टीम के अंजाम दिया। इतना ही नहीं, HAYI ने हाल के महीनों में यूरोप के विभिन्न हिस्सों में यहूदियों पर हुए अन्य हमलों में भी अपनी संलिप्तता स्वीकार की है, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है।
मेट्रोपॉलिटन पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किया गया हमलावर 45 वर्षीय व्यक्ति है। जब पुलिस की टीम उसे पकड़ने पहुंची, तो उसने समर्पण करने के बजाय अधिकारियों पर भी चाकू से वार करने का प्रयास किया, लेकिन सुरक्षाबलों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे काबू में कर लिया। जांच में सामने आया है कि आरोपी का पहले भी हिंसक व्यवहार और मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का पुराना रिकॉर्ड रहा है। हालांकि, आतंकी संगठन द्वारा जिम्मेदारी लिए जाने के बाद पुलिस अब इस बात की गहराई से पड़ताल कर रही है कि क्या उसकी मानसिक स्थिति का इस्तेमाल कट्टरपंथ फैलाने के लिए किया गया था।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने इस घटना की तीव्र निंदा की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यहूदी समुदाय को निशाना बनाना केवल एक समुदाय विशेष पर नहीं, बल्कि पूरे देश की एकता पर हमला है। प्रधानमंत्री ने देश की आंतरिक सुरक्षा की समीक्षा के लिए एक आपातकालीन बैठक बुलाई है। वहीं, इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने भी वैश्विक समुदाय से अपील की है कि यहूदी विरोधी (Anti-Semitic) नफरत के खिलाफ एकजुट होकर कार्रवाई की जाए, क्योंकि नफरत की ऐसी विचारधारा के लिए सभ्य समाज में कोई स्थान नहीं है।
ब्रिटेन की घरेलू खुफिया एजेंसी MI5 और आतंकवाद-रोधी इकाइयां अब इस मामले के अंतरराष्ट्रीय संबंधों को खंगाल रही हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों को संदेह है कि इस हमले के पीछे ईरान समर्थित समूहों की बड़ी साजिश हो सकती है। MI5 की एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले एक साल में ब्रिटेन की धरती पर ईरान समर्थित करीब 20 आतंकी साजिशों को समय रहते नाकाम किया गया है। अक्टूबर 2023 में गाजा संघर्ष शुरू होने के बाद से लंदन और आसपास के इलाकों में यहूदियों के खिलाफ नफरती अपराधों में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है।
पिछले एक साल के आंकड़ों पर गौर करें तो ब्रिटेन में यहूदी विरोधी करीब 3700 घटनाएं दर्ज की गई हैं, जो एक रिकॉर्ड स्तर है। लंदन के यहूदी समुदाय में इस ताजा हमले के बाद डर और गुस्से का माहौल व्याप्त है। धार्मिक स्थलों और सामुदायिक केंद्रों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। यह घटना दर्शाती है कि मध्य पूर्व का तनाव अब यूरोप की सड़कों पर खूनी संघर्ष के रूप में सामने आ रहा है, जो ब्रिटिश सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।
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