LPG Rules
LPG Rules : यदि आपके रसोई घर में भी एलपीजी (LPG) सिलेंडर का उपयोग होता है, तो 1 मई से होने वाले बदलावों को जानना आपके लिए अनिवार्य है। भारत सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां गैस वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए नए नियम लागू करने जा रही हैं। इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य गैस की कालाबाजारी को रोकना, सब्सिडी का लाभ सही लाभार्थियों तक पहुँचाना और सुरक्षा मानकों को और अधिक सख्त करना है। 1 मई से सिलेंडर की बुकिंग से लेकर घर तक पहुँचने (डिलीवरी) की पूरी प्रक्रिया बदल जाएगी, जिसका सीधा प्रभाव देश के करोड़ों परिवारों के मासिक बजट और दिनचर्या पर पड़ेगा।
नए नियमों के तहत अब केवल गैस बुक कर देना ही काफी नहीं होगा। सरकार अब ‘डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड’ (DAC) प्रणाली को पूरी तरह अनिवार्य कर रही है। अब जब आप गैस सिलेंडर बुक करेंगे, तो आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक विशिष्ट ओटीपी प्राप्त होगा। जब डिलीवरी बॉय आपके घर सिलेंडर लेकर आएगा, तो उसे यह कोड बताना अनिवार्य होगा। जब तक सिस्टम में यह कोड दर्ज नहीं होगा, डिलीवरी की प्रक्रिया पूरी नहीं मानी जाएगी। यह कदम उन मामलों को रोकने के लिए उठाया गया है जहाँ सिलेंडर किसी और के नाम पर बुक होता था और डिलीवरी कहीं और कर दी जाती थी।
गैस के अनावश्यक भंडारण और दुरुपयोग को नियंत्रित करने के लिए बुकिंग के बीच की समय सीमा में भी संशोधन किया गया है। नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, शहरी क्षेत्रों के उपभोक्ताओं के लिए दो रिफिल बुकिंग के बीच का अंतर अब 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में वितरण की चुनौतियों को देखते हुए इस अवधि को 45 दिन तक निर्धारित किया गया है। इसका मतलब यह है कि यदि आपका सिलेंडर जल्दी खत्म हो जाता है, तब भी सिस्टम निर्धारित समय से पहले आपकी अगली बुकिंग को स्वीकार नहीं करेगा और उसे अपने आप रिजेक्ट कर देगा।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर घरेलू एलपीजी दरों पर पड़ता है। तेल कंपनियों के सूत्रों के अनुसार, वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के कारण 1 मई से गैस सिलेंडर की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। घरेलू उपयोग के साथ-साथ कमर्शियल सिलेंडर के दामों में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। हर महीने की पहली तारीख को होने वाला यह संशोधन उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल सकता है, जिससे रसोई का बजट बिगड़ने की आशंका है।
सरकार अब यह सुनिश्चित करना चाहती है कि गैस सब्सिडी का लाभ केवल वास्तविक उपभोक्ताओं को ही मिले। इसके लिए विशेष रूप से प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए ‘आधार आधारित ई-केवाईसी’ प्रक्रिया को अनिवार्य कर दिया गया है। जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उन्हें 1 मई से पहले इसे पूरा करने की सलाह दी गई है। इसके अतिरिक्त, सभी सामान्य उपभोक्ताओं को भी यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका वर्तमान मोबाइल नंबर गैस एजेंसी के साथ अपडेटेड है। अगली बुकिंग की संभावित तारीख और स्टेटस जानने के लिए ‘MyLPG’ पोर्टल का उपयोग किया जा सकता है।
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