Lucknow Crime: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। बंथरा थाना क्षेत्र के हरौनी इलाके में 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक नाबालिग छात्रा के साथ पांच युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) की वारदात को अंजाम दिया। इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर से प्रदेश में महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रास्ते में किया गया हमला
पीड़िता अपनी बड़ी बहन के घर जा रही थी, तभी रास्ते में उसे एक जान-पहचान का दोस्त मिला। दोनों की बातचीत चल ही रही थी कि तभी पांच युवक वहां पहुंचे और लड़की से छेड़छाड़ करने लगे। जब छात्रा और उसके दोस्त ने विरोध किया, तो आरोपियों ने उसके दोस्त की बेरहमी से पिटाई की और उसे मौके से भगा दिया।
दुष्कर्म के बाद दी जान से मारने की धमकी
इसके बाद पांचों आरोपियों ने छात्रा को जबरन पकड़कर सामूहिक दुष्कर्म किया। दरिंदों ने घटना के बाद छात्रा के साथ मारपीट की और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। किसी तरह हिम्मत जुटाकर छात्रा ने अपने जीजा को फोन कर घटना की जानकारी दी।
पुलिस की तत्परता से दो आरोपी गिरफ्तार
पीड़िता के जीजा ने तुरंत मौके पर पहुंचकर छात्रा को सुरक्षित हरौनी पुलिस चौकी पहुंचाया। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल एफआईआर दर्ज की और कार्रवाई शुरू कर दी। कुछ ही घंटों में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। तीन अन्य की तलाश के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी जल्द
लखनऊ पुलिस का कहना है कि जल्द ही बाकी तीन आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। गिरफ्तार युवकों से पूछताछ जारी है और उनकी निशानदेही पर बाकी आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने आईपीसी की धारा 376D (गैंगरेप), 323 (मारपीट), 506 (धमकी) और पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया है।
समाज में आक्रोश, प्रशासन पर दबाव
इस घटना को लेकर इलाके में गुस्से का माहौल है। लोगों ने दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है। महिला संगठनों और बाल अधिकार कार्यकर्ताओं ने भी इस पर सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए सरकार से कानून व्यवस्था को मजबूत करने की अपील की है।
लखनऊ की यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर समाज और प्रशासन दोनों को मिलकर कदम उठाने होंगे। पुलिस की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन जरूरत इस बात की है कि ऐसे मामलों में तेजी से न्याय सुनिश्चित किया जाए ताकि दरिंदों में कानून का भय बना रहे।