Lucky Bisht Viral Claim: नई दिल्ली में हाल ही में हुए छात्र आंदोलन को लेकर पूर्व एनएसजी कमांडो और स्वयं को पूर्व रॉ एजेंट बताने वाले लकी बिष्ट ने कई गंभीर दावे किए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर हुआ आंदोलन केवल छात्रों तक सीमित नहीं था। उनके अनुसार, इस प्रदर्शन में कुछ वकील, डॉक्टर, गैर-सरकारी संगठन (NGO), मीडिया संस्थान और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स भी कथित रूप से सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

कथित टूलकिट फाइल साझा करने का दावा
लकी बिष्ट ने अपनी पोस्ट में दावा किया कि उनके पास एक कथित “सीक्रेट टूलकिट फाइल” है, जिसमें उन लोगों के नाम और संपर्क विवरण दर्ज हैं जो कथित रूप से ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) का समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस सूची में कुछ प्रमुख व्यक्तियों, वकीलों, डॉक्टरों, एनजीओ और अन्य समर्थकों के नाम शामिल हैं। बिष्ट का कहना है कि इस फाइल का उद्देश्य आंदोलन के पीछे मौजूद कथित नेटवर्क को उजागर करना है। हालांकि, इस दस्तावेज़ की प्रामाणिकता की पुष्टि किसी सरकारी एजेंसी या स्वतंत्र जांच से नहीं हुई है।

विदेशी कनेक्शन का भी लगाया आरोप
अपनी पोस्ट में लकी बिष्ट ने यह भी दावा किया कि इस पूरे नेटवर्क के तार विदेशी ताकतों से जुड़े हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारत में सक्रिय कुछ लोगों के पीछे विदेश में बैठे प्रभावशाली व्यक्तियों का समर्थन होने की संभावना है और इस संबंध में आगे और जानकारी सामने आएगी। हालांकि, उन्होंने अपने दावों के समर्थन में कोई सार्वजनिक रूप से सत्यापित साक्ष्य या आधिकारिक दस्तावेज़ साझा नहीं किया। इसलिए इन आरोपों को फिलहाल केवल दावा ही माना जा रहा है।
फाइल विदेश से मिलने का किया दावा
लकी बिष्ट ने कहा कि कथित फाइल उन्हें विदेश से प्राप्त हुई है और उन्होंने उसमें किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं किया है। उनके अनुसार, यदि किसी व्यक्ति को फाइल में दर्ज जानकारी पर आपत्ति है, तो वह संबंधित सरकारी एजेंसियों से इसकी जांच कराने की मांग कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि फाइल से जुड़े मेटाडेटा, डिजिटल ट्रैक और टाइम ज़ोन संबंधी तकनीकी जानकारियां उनके पास सुरक्षित हैं, जिन्हें आवश्यकता पड़ने पर जांच एजेंसियों के सामने प्रस्तुत किया जा सकता है।
नीट-यूजी विवाद के बाद शुरू हुआ था आंदोलन
दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल ही में नीट-यूजी परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया था। यह प्रदर्शन ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के आह्वान पर शुरू हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए। समय के साथ आंदोलन का दायरा बढ़ता गया और प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे सहित कई मांगें सरकार के सामने रखीं।
‘संसद चलो’ अभियान के दौरान हुई थी झड़प
20 जुलाई को आंदोलन के तहत ‘संसद चलो’ अभियान आयोजित किया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। इस घटना के बाद आंदोलन और अधिक चर्चा में आ गया तथा देशभर में इसे लेकर राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
सरकार के फैसले के बाद समाप्त हुआ प्रदर्शन
जंतर-मंतर पर कई दिनों तक चले प्रदर्शन के बीच तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद सरकार ने आंदोलन से जुड़ी कई प्रमुख मांगों को स्वीकार करने की घोषणा की। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संगठन ने सरकार की घोषणा के बाद धरना समाप्त करने का ऐलान कर दिया। इसके साथ ही कई दिनों से जारी विरोध प्रदर्शन खत्म हो गया।
दावों की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
लकी बिष्ट द्वारा लगाए गए आरोपों और कथित टूलकिट फाइल को लेकर अभी तक किसी सरकारी एजेंसी की ओर से आधिकारिक पुष्टि या विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में उनके दावों की सत्यता की पुष्टि होना बाकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ऐसे किसी दस्तावेज़ में तथ्यात्मक जानकारी मौजूद है, तो उसकी जांच संबंधित एजेंसियों द्वारा ही की जानी चाहिए। फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
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