Global Alliance
Global Alliance: उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग इन दिनों अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का केंद्र बनी हुई है। बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको अपनी पहली आधिकारिक यात्रा पर उत्तर कोरिया पहुँचे, जहाँ उन्होंने किम जोंग उन के साथ एक ऐतिहासिक मुलाकात की। इस मुलाकात की सबसे खास बात वह लम्हा रहा जब लुकाशेंको ने किम जोंग उन को एक विशेष ‘ऑटोमैटिक राइफल’ भेंट की। यह केवल एक औपचारिक उपहार नहीं था, बल्कि इसके पीछे एक गहरा संदेश भी छिपा था। तोहफा देते समय लुकाशेंको का अंदाज काफी हल्का-फुल्का और मजाकिया था, जिसने इस गंभीर कूटनीतिक दौरे में भी सुर्खियां बटोर लीं।
राइफल सौंपते समय बेलारूस के राष्ट्रपति ने मुस्कुराते हुए किम जोंग उन से कहा, “यह राइफल मैं आपको इसलिए दे रहा हूँ कि अगर कहीं कोई दुश्मन दिखाई दे, तो यह आपके काम आ सके।” लुकाशेंको का यह बयान सीधे तौर पर उन पश्चिमी देशों और वैश्विक शक्तियों की ओर इशारा था, जो बेलारूस और उत्तर कोरिया दोनों पर कड़े प्रतिबंध लगाए हुए हैं। उन्होंने बताया कि यह अत्याधुनिक राइफल पूरी तरह से बेलारूस में निर्मित है और अपनी मारक क्षमता के लिए जानी जाती है। किम जोंग उन ने भी इस उपहार को बड़े उत्साह के साथ स्वीकार किया और बदले में लुकाशेंको को कई उत्तर कोरियाई स्मृति चिह्न भेंट किए।
यह मुलाकात ऐसे समय में हो रही है जब यूक्रेन युद्ध को लेकर रूस, बेलारूस और उत्तर कोरिया एक ही खेमे में खड़े नजर आ रहे हैं। दोनों ही देशों ने युद्ध के दौरान रूस को विभिन्न स्तरों पर सहायता प्रदान की है। अंतरराष्ट्रीय दबाव और अलगाव के बावजूद, बेलारूस और उत्तर कोरिया का एक-दूसरे के करीब आना पश्चिम के लिए चिंता का विषय है। लुकाशेंको ने स्पष्ट किया कि दोनों देश अब रिश्तों के एक ‘नए स्वर्ण युग’ में प्रवेश कर चुके हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि पुराने जमाने के पश्चिमी दबाव और प्रतिबंध अब इन देशों की प्रगति को रोकने में कारगर साबित नहीं होंगे।
इस मुलाकात का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि जहाँ लुकाशेंको खिलखिलाते हुए राइफल पेश कर रहे हैं, वहीं किम जोंग उन एक पेशेवर की तरह बेहद गंभीरता से हथियार की बारीकियों को परख रहे हैं। वे राइफल के हैंडल और ट्रिगर को ध्यान से देख रहे हैं। नेटिजन्स इस वीडियो को दो ‘तानाशाहों’ के बीच की अटूट दोस्ती के प्रतीक के रूप में देख रहे हैं। वीडियो में दोनों नेताओं की बॉडी लैंग्वेज उनके बीच के बढ़ते भरोसे और आपसी तालमेल को बखूबी बयां कर रही है।
प्योंगयांग यात्रा के दौरान केवल उपहारों का ही आदान-प्रदान नहीं हुआ, बल्कि ठोस कूटनीतिक परिणाम भी सामने आए। दोनों नेताओं ने एक व्यापक ‘मित्रता और सहयोग की संधि’ पर हस्ताक्षर किए। इसके अलावा, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और तकनीकी विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए 10 से अधिक महत्वपूर्ण समझौतों पर विस्तृत चर्चा की गई। बेलारूस अब उत्तर कोरिया को आधुनिक कृषि मशीनरी और स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की योजना बना रहा है, जबकि उत्तर कोरिया बेलारूस को तकनीकी श्रमशक्ति दे सकता है। यह दौरा साबित करता है कि वैश्विक राजनीति में नए ध्रुवीकरण की शुरुआत हो चुकी है।
Read More : Space Race 2.0: ट्रंप का चाँद पर ‘मिलिट्री बेस’ बनाने का एलान, चीन की अंतरिक्ष चुनौतियों का देंगे जवाब
Qin Shi Huang Tomb : चीन की धरती के नीचे एक ऐसा विशाल और भव्य…
Singapore Open 2026 : सिंगापुर ओपन सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट के पुरुष डबल्स इवेंट से…
Abhishek Banerjee Attack : पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव…
Delhi Building Collapse : राजधानी दिल्ली के साकेत इलाके से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर…
Korba News : छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में भ्रष्टाचार के एक मामले में बड़ी प्रशासनिक…
China Nuclear Expansion : चीन अपने परमाणु हथियारों की सुरक्षा और रणनीतिक क्षमता को मजबूत…
This website uses cookies.