Lymphatic Walking: क्या यह सच में सूजन और ब्लोटिंग कम कर सकती है? जानें क्या कहता है विज्ञान

Lymphatic Walking: सोशल मीडिया पर लिम्फैटिक वॉकिंग को सूजन, पफीनेस और ब्लोटिंग कम करने वाले तरीके के रूप में प्रचारित किया जा रहा है। वास्तव में यह कोई औपचारिक मेडिकल एक्सरसाइज प्रोटोकॉल नहीं है। सामान्य चलना और मांसपेशियों की गतिविधि लिम्फ फ्लो को सपोर्ट कर सकती है, लेकिन इसे “डिटॉक्स” इलाज मानना सही नहीं है।

Lymphatic Walking : इन दिनों सोशल मीडिया पर ‘लिम्फैटिक वॉकिंग’ काफी चर्चा में है। इसे शरीर में जमा अतिरिक्त तरल पदार्थ को नियंत्रित करने और सूजन कम करने वाली आसान वॉकिंग तकनीक के तौर पर बताया जा रहा है। इसमें सामान्य चलने के साथ सही बॉडी पोस्चर, गहरी सांस और हाथों की नियंत्रित गतिविधियों पर ध्यान दिया जाता है। हालांकि, इसे लेकर इंटरनेट पर किए जा रहे कई दावों को समझने के लिए वैज्ञानिक नजरिए से जानकारी हासिल करना जरूरी है।

ads

क्या है लिम्फैटिक सिस्टम और कैसे करता है काम?

लिम्फैटिक सिस्टम शरीर में मौजूद रक्त वाहिकाओं और लिम्फ नोड्स का एक जटिल नेटवर्क है। यह शरीर में तरल पदार्थों के संतुलन को बनाए रखने के साथ-साथ प्रतिरक्षा प्रणाली को सपोर्ट करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हार्ट की तरह लिम्फैटिक सिस्टम में कोई केंद्रीय पंप नहीं होता। ऐसे में मांसपेशियों की गतिविधि और सांस लेने की प्रक्रिया लिम्फ फ्लूइड को शरीर में आगे बढ़ाने में मदद करती है।

Adst

हल्की वॉक शरीर में तरल पदार्थों के प्रवाह को कर सकती है सपोर्ट

गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. महादेवन बी, सीनियर कंसल्टेंट, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, ग्लेनीगल्स हेल्थसिटी के अनुसार, हल्की वॉक पैरों की मांसपेशियों को सक्रिय करती है और शरीर में तरल पदार्थों के सामान्य प्रवाह को सपोर्ट कर सकती है। हालांकि, हर प्रकार की सूजन को लिम्फैटिक वॉकिंग से ठीक किया जा सकता है, ऐसा मानना सही नहीं होगा।

लगातार सूजन दिखे तो सिर्फ वॉकिंग पर निर्भर न रहें

पैरों या पेट में लंबे समय तक बनी रहने वाली सूजन के कई कारण हो सकते हैं। यह नसों या लिम्फैटिक सिस्टम से जुड़ी परेशानी, किडनी या लिवर की बीमारी अथवा कुछ दवाओं के प्रभाव के कारण भी हो सकती है। इसलिए अगर सूजन लगातार बनी रहती है या बढ़ रही है, तो केवल एक्सरसाइज करने के बजाय डॉक्टर से जांच और उचित सलाह लेना जरूरी है।

ब्लोटिंग और शरीर में सूजन एक जैसी समस्या नहीं

विशेषज्ञों के अनुसार, ब्लोटिंग को सामान्य सूजन से अलग समझना चाहिए। गैस्ट्रोएंटरोलॉजी के नजरिए से पेट फूलने या ब्लोटिंग की समस्या गैस बनने, कब्ज, कुछ खाद्य पदार्थों को पचाने में परेशानी, आंतों की गतिविधियों में बदलाव या इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम जैसी स्थितियों से संबंधित हो सकती है।

Adst

खाना खाने के बाद टहलने से मिल सकती है राहत

खाना खाने के बाद थोड़ी देर हल्की वॉक करना कुछ लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है। शारीरिक गतिविधि आंतों की गतिविधियों को बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद कर सकती है और पाचन तंत्र में मौजूद गैस को आगे बढ़ाने में सहायक हो सकती है। इससे भोजन के बाद होने वाला पेट का भारीपन और असहजता कुछ हद तक कम हो सकती है। विशेषज्ञ के मुताबिक, खाना खाने के बाद 10 से 15 मिनट की हल्की वॉक रोजमर्रा की दिनचर्या में शामिल की जा सकती है।

लिम्फैटिक वॉकिंग से ब्लोटिंग ठीक होने के पुख्ता प्रमाण नहीं

फिलहाल ऐसे पर्याप्त क्लिनिकल प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं, जिनसे यह साबित हो कि खास तौर पर ‘लिम्फैटिक वॉकिंग’ ब्लोटिंग को दूर करती है। यदि किसी व्यक्ति को वॉकिंग के बाद पेट फूलने में राहत महसूस होती है, तो इसका संबंध शारीरिक गतिविधि के कारण पाचन और आंतों की गतिशीलता में होने वाले बदलाव से हो सकता है। इसे ब्लोटिंग का विशेष इलाज नहीं माना जाना चाहिए।

वॉकिंग टॉक्सिन नहीं निकालती, न घटाती है पेट की चर्बी

लिम्फैटिक वॉकिंग को लेकर सोशल मीडिया पर शरीर से ‘टॉक्सिन’ निकालने या पेट की चर्बी कम करने जैसे दावे भी किए जाते हैं। लेकिन इन दावों को सामान्य वॉकिंग के स्थापित स्वास्थ्य लाभों के समान नहीं माना जाना चाहिए। हल्की शारीरिक गतिविधि स्वस्थ दिनचर्या का हिस्सा हो सकती है, लेकिन इसे डिटॉक्स या वजन घटाने का कोई विशेष शॉर्टकट समझना सही नहीं है।

पानी और नियमित मल त्याग की आदत भी रखें जरूरी

पेट फूलने और पाचन संबंधी असहजता से बचने के लिए रोजमर्रा की जीवनशैली पर ध्यान देना जरूरी है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, नियमित शारीरिक गतिविधि करना और मल त्याग की नियमित आदत बनाए रखना पाचन स्वास्थ्य के लिए उपयोगी हो सकता है। अपनी डाइट में ऐसे खाद्य पदार्थों को पहचानना भी महत्वपूर्ण है, जिनसे बार-बार गैस या ब्लोटिंग की समस्या होती है।

इन लक्षणों में डॉक्टर से तुरंत लें सलाह

अगर पेट लगातार फूला हुआ रहता है और इसके साथ बिना स्पष्ट कारण वजन कम होना, तेज पेट दर्द, उल्टी या मल में खून जैसे लक्षण दिखाई दें, तो इसे केवल सामान्य ब्लोटिंग समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षणों की स्थिति में चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। निष्कर्ष रूप में, हल्की वॉक पाचन और सामान्य शारीरिक गतिविधि के लिए उपयोगी हो सकती है, लेकिन लिम्फैटिक वॉकिंग को हर प्रकार की सूजन या ब्लोटिंग का इलाज नहीं माना जा सकता।

Read More : Manipur Violence: 48 घंटे में छह हत्याओं से दहला मणिपुर, ताजा हमले में चार लोगों की मौत

Chandan Das

Chandan Das

Writer & Blogger

All Posts
पिछले पोस्ट
अगला पोस्ट

ताज़ा खबरे

  • All Posts
  • FIFA World Cup 2026
  • Thetarget365
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अन्य
  • अपराध
  • कारोबार
  • कृषि
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • टेक
  • ट्रेंड
  • ताज़ा खबर
  • धर्म
  • पशु-पक्षी
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय
  • विचार/लेख
  • शिक्षा और नौकरी
  • साहित्य/मीडिया
  • सेहत-फिटनेस
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • महाराष्ट्र
    • झारखंड
    • राजस्थान
    • ओडिशा

© 2026 | All Rights Reserved | Thetarget365.com | Made By Top News Portal Development Company. 

Contacts

Call Us At – +91-:9406130006
WhatsApp – +91 62665 68872
Mail Us At – thetargetweb@gmail.com
Meet Us At – Shitla Ward, Ambikapur Dist. Surguja Chhattisgarh.497001.

Adst