Mahadev Satta App: फर्जी पासपोर्ट से ओमान पहुंचा था सौरभ चंद्राकर? जांच में बड़ा खुलासा

Mahadev Satta App:  महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप से जुड़े बहुचर्चित मामले में एक बहुत बड़ा और चौकाने वाला खुलासा सामने आया है। इस मामले के कथित मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को ओमान देश में एक फर्जी इंडोनेशियाई पासपोर्ट का इस्तेमाल करने के गंभीर आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, जब्द किए गए इस पासपोर्ट की जांच करने पर एक अजीब बात सामने आई है। उस पर छपी तस्वीर तो कुख्यात आरोपी सौरभ चंद्राकर की ही बताई जा रही है, लेकिन पासपोर्ट में उसका नाम “अजंता मेंडिस” दर्ज किया गया है। यह नाम श्रीलंका के प्रसिद्ध पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर अजंता मेंडिस के नाम से काफी ज्यादा मिलता-जुलता है, जिससे चारों तरफ सनसनी फैल गई है।

ads

पूर्व क्रिकेटर अजंता मेंडिस का इस मामले से कोई सीधा संबंध नहीं

इस पूरे घटनाक्रम के सामने आने के बाद जांच एजेंसियों ने तुरंत स्थिति स्पष्ट करते हुए यह साफ कर दिया है कि श्रीलंकाई पूर्व क्रिकेटर अजंता मेंडिस का इस अवैध मामले से दूर-दूर तक कोई भी संबंध नहीं है। शुरुआती जांच-पड़ताल के दौरान ऐसा माना जा रहा है कि आरोपी ने अपनी असली पहचान छुपाने और दुनिया की आंखों में धूल झोंकने के लिए एक सोची-समझी रणनीति के तहत पूर्व क्रिकेटर के नाम से मिलते-जुलते नाम का चालाकी से इस्तेमाल किया है ताकि किसी को उस पर आसानी से शक न हो सके।

Adst

फर्जी इंडोनेशियाई पासपोर्ट के जरिए ओमान में प्रवेश की आशंका

जांच कर रही एजेंसियों के मुताबिक, आरोपी के पास से बरामद किए गए उस फर्जी इंडोनेशियाई पासपोर्ट का नंबर E3387986 है। इस नकली दस्तावेज में उसकी जन्मतिथि 11 मार्च 1998 दर्ज की गई है, जिसके हिसाब से पासपोर्ट धारक की उम्र 28 वर्ष दिखाई गई है। चौंकाने वाली बात यह है कि यह फर्जी पासपोर्ट 21 जून 2024 को जारी किया गया था और इसकी वैधता 21 जून 2034 तक की बताई गई है। देश के प्रमुख मीडिया संस्थान बंसल न्यूज़ की रिपोर्ट्स के अनुसार, सुरक्षा अधिकारियों को गहरा संदेह है कि सौरभ चंद्राकर ने इसी जाली और फर्जी दस्तावेज के दम पर ओमान की सीमा में अवैध रूप से प्रवेश किया था।

फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की भी हो रही जांच

अब इस पूरे मामले की तह तक जाने के लिए भारतीय और ओमान की जांच एजेंसियां मिलकर यह पता लगाने में पूरी मुस्तैदी से जुटी हैं कि आखिर यह फर्जी पासपोर्ट किसने तैयार किया था। इसके अलावा यह भी खंगाला जा रहा है कि श्रीलंकाई क्रिकेटर के नाम से मिलता-जुलता नाम रखने का फैसला आखिर किसका था। यह पूरी हरकत खुद सौरभ चंद्राकर की किसी सोची-समझी चाल का हिस्सा थी या फिर इसके पीछे किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय फर्जी दस्तावेज बनाने वाले गिरोह का हाथ था, इन सभी पहलुओं पर बेहद बारीकी से गहन जांच की जा रही है।

भारत प्रत्यर्पण (Extradition) की कानूनी प्रक्रिया पर पड़ सकता है असर

सुरक्षा और कानूनी मामलों के अधिकारियों का कहना है कि इस फर्जी पासपोर्ट और अन्य अवैध दस्तावेजों से जुड़े मामलों की जांच पूरी होने तक भारत में उसके प्रत्यर्पण यानी एक्सट्रैडिशन की प्रक्रिया में लंबी देरी हो सकती है। फिलहाल ओमान की स्थानीय एजेंसियां और भारत की तमाम शीर्ष जांच एजेंसियां मिलकर इस मामले के हर एक पहलू को बहुत गहराई से खंगाल रही हैं, ताकि जल्द ही इस अंतर्राष्ट्रीय फर्जीवाड़े के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।

NEET Row: राहुल गांधी बोले- विपक्ष इसे दबने नहीं देगा, खरगे और प्रियंका ने भी साधा निशाना

Adst
Chandan Das

Chandan Das

Writer & Blogger

All Posts
Previous Post
Next Post

ताज़ा खबरे

  • All Posts
  • FIFA World Cup 2026
  • Thetarget365
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अन्य
  • अपराध
  • कारोबार
  • कृषि
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • टेक
  • ट्रेंड
  • ताज़ा खबर
  • धर्म
  • पशु-पक्षी
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय
  • विचार/लेख
  • शिक्षा और नौकरी
  • साहित्य/मीडिया
  • सेहत-फिटनेस

© 2026 | All Rights Reserved | Thetarget365.com | Made By Top News Portal Development Company

Contacts

Call Us At – +91-:9406130006
WhatsApp – +91 62665 68872
Mail Us At – thetargetweb@gmail.com
Meet Us At – Shitla Ward, Ambikapur Dist. Surguja Chhattisgarh.497001.