NEET Row: देश भर में बहुचर्चित नीट पेपर लीक मामले को लेकर उपजा तनाव थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक तरफ जहां देश के विभिन्न हिस्सों में छात्र सड़कों पर उतरकर लगातार अपना कड़ा विरोध दर्ज करा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी समेत तमाम प्रमुख विपक्षी दल इस गंभीर मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार के साथ आमने-सामने आ गए हैं। संसद के भीतर आज भी इस संवेदनशील विषय को लेकर भारी हंगामा जारी है।

इसी गहमागहमी के बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कई वरिष्ठ विपक्षी नेताओं के साथ मिलकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से उनके कार्यालय में एक अहम मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से दो टूक शब्दों में यह ऐलान किया कि विपक्ष देश के युवाओं और छात्रों के भविष्य से जुड़े इस बड़े मुद्दे को किसी भी कीमत पर दबने नहीं देगा और सरकार को इसके लिए पूरी तरह जवाबदेह बनाएगा।

संसद में चर्चा की मांग और राहुल गांधी का तीखा हमला
लोकसभा अध्यक्ष के साथ हुई बैठक के बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक तीखा पोस्ट साझा करते हुए अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि उन्होंने विपक्षी सांसदों के प्रतिनिधिमंडल के साथ लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर सदन में इस पर चर्चा की मांग उठाई है। राहुल गांधी ने अपनी मांग को बेहद सरल बताते हुए कहा कि छात्रों के खिलाफ की गई बर्बर पुलिस कार्रवाई और परीक्षा से जुड़े संकट पर सरकार की जवाबदेही के पूर्ण अभाव को लेकर संसद के भीतर एक विस्तृत और गंभीर चर्चा होनी चाहिए।
उन्होंने केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि देश के छात्रों को अपने भविष्य से जुड़े बेहद जायज और बुनियादी सवाल पूछने पर पुलिस द्वारा लाठियों से पीटा गया है। कांग्रेस नेता ने कड़े शब्दों में सवाल उठाते हुए कहा कि यदि देश की सबसे बड़ी पंचायत यानी संसद भारत के युवाओं के भविष्य पर खुलकर चर्चा नहीं कर सकती, तो फिर इस संसद के होने का क्या औचित्य बचता है।
मल्लिकार्जुन खरगे का सरकार पर बड़ा आरोप, माइक बंद करने का दावा
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी केंद्र सरकार पर आक्रामक रुख अपनाते हुए बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। खरगे ने कहा कि कल शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे मासूम बच्चों पर बर्बर लाठीचार्ज किया गया, जिसकी वजह से आज बहुत सारे छात्र गंभीर हालत में अस्पतालों में भर्ती हैं। उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि विपक्ष इस भयंकर अन्याय और अत्याचार के खिलाफ सदन के अंदर सरकार से चर्चा चाहता था, लेकिन जैसे ही उन्होंने इस पर बोलना शुरू किया, उनका माइक तुरंत बंद कर दिया गया।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या वाकई देश में लोकतंत्र बचा है और अगर सरकार हमारी बात ही सुनना नहीं चाहती, तो पीड़ित छात्र और विपक्ष कहां जाएं। खरगे ने कहा कि हम चाहते थे कि इस गंभीर मुद्दे पर सदन में चर्चा हो और इसके बाद गृह मंत्री इस पर अपना आधिकारिक बयान दें, लेकिन सरकार ने जानबूझकर विपक्ष का मुंह बंद कराने का काम किया है।
प्रियंका गांधी की मांग, शिक्षा मंत्री को देना चाहिए इस्तीफा
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस पूरे प्रकरण पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की है। प्रियंका गांधी ने कहा कि पेपर लीक का यह गंभीर मुद्दा कांग्रेस पार्टी बहुत पहले से लगातार उठाती आ रही है, लेकिन बार-बार पेपर लीक होने के बावजूद इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि देश के गरीब और मध्यम वर्ग के मां-बाप बैंक से भारी-भरकम लोन लेकर अपने बच्चों को पढ़ाते हैं, लेकिन अंत में उनके हाथ निराशा लगती है।
उत्तर प्रदेश का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसे कई युवा मिले जिनकी उम्र शादी की हो चुकी है, लेकिन वे आज भी नियुक्ति पत्रों का इंतजार करते-करते और पेपर लीक के जाल में फंसकर परेशान हैं। प्रियंका गांधी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बच्चों की आवाज सुनी जानी चाहिए और नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री को अपने पद से तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए।
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