Maharashtra civic polls
Maharashtra civic polls 2026: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता देवेंद्र फडणवीस ने राज्य की स्थानीय राजनीति में उभरे ‘अप्राकृतिक’ गठबंधनों पर अपना कड़ा ऐतराज जताया है। अंबरनाथ और अकोला में स्थानीय भाजपा नेताओं द्वारा कांग्रेस और एआईएमआईएम (AIMIM) जैसे धुर विरोधी दलों के साथ हाथ मिलाने की खबरों ने पार्टी के प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व को असहज कर दिया है। फडणवीस ने इन फैसलों को पार्टी की मूल विचारधारा के खिलाफ बताते हुए संबंधित नेताओं की जमकर आलोचना की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा एक अनुशासित पार्टी है और यहाँ व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं के लिए वैचारिक सीमाओं को लांघना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
एक निजी समाचार चैनल से विशेष बातचीत के दौरान देवेंद्र फडणवीस ने स्थिति साफ करते हुए कहा कि अंबरनाथ और अकोला में जो कुछ भी हुआ, उसमें पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व की कोई सहमति नहीं थी। उन्होंने इसे संगठनात्मक अनुशासन का गंभीर उल्लंघन करार दिया। फडणवीस ने चेतावनी देते हुए कहा, “यदि किसी स्थानीय इकाई या नेता ने अपनी मर्जी से कांग्रेस या एआईएमआईएम के साथ गठबंधन करने का दुस्साहस किया है, तो वे कार्रवाई के लिए तैयार रहें।” उनके इस बयान से साफ है कि भाजपा अब अपने उन नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाने में संकोच नहीं करेगी जो सत्ता के लालच में पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
देवेंद्र फडणवीस ने अपने बयान में वैचारिक स्पष्टता पर जोर देते हुए कहा कि कांग्रेस और असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के साथ किसी भी स्तर पर गठबंधन भाजपा के लिए असंभव है। उन्होंने कहा कि भाजपा इन दलों की नीतियों और कार्यशैली का हमेशा विरोध करती रही है, ऐसे में स्थानीय स्तर पर भी इनके साथ जाना कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ने जैसा है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “मैं यह फिर से स्पष्ट कर रहा हूं कि कांग्रेस या एआईएमआईएम के साथ किसी भी प्रकार का गठबंधन स्वीकार्य नहीं होगा। यह हमारे सिद्धांतों के विरुद्ध है।”
स्थानीय नगर निकायों में सत्ता हासिल करने के लिए किए गए इन गठबंधनों को भाजपा नेतृत्व ने सिरे से खारिज कर दिया है। फडणवीस ने जानकारी दी कि इन विवादित गठबंधनों को तुरंत प्रभाव से रद्द करने के निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके हैं। पार्टी के प्रदेश संगठन ने स्थानीय इकाइयों को अल्टीमेटम दिया है कि वे इन समझौतों से बाहर निकलें, अन्यथा कड़े दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे। फडणवीस ने विश्वास जताया कि इन ‘स्थानीय गलतियों’ को जल्द ही सुधार लिया जाएगा और पार्टी की गरिमा बहाल की जाएगी।
अंबरनाथ और अकोला के घटनाक्रम के बाद विपक्षी दलों को भाजपा पर हमला करने का मौका मिल गया था। शिवसेना (यूबीटी) और अन्य प्रतिद्वंद्वी दल भाजपा को ‘सत्ता का भूखा’ बता रहे थे। फडणवीस की इस त्वरित और तीखी प्रतिक्रिया को पार्टी की साख बचाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए फडणवीस यह संदेश देना चाहते हैं कि भाजपा अपनी हिंदूवादी और विकासवादी छवि से कभी समझौता नहीं करेगी, चाहे इसके लिए उसे स्थानीय स्तर पर सत्ता गंवानी ही क्यों न पड़े।
RB Choudary Death : मनोरंजन जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। 'सुपर…
Bulldozer Celebration Bengal : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद राज्य की…
CSK vs DC IPL 2026: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के मौजूदा सीजन में चेन्नई सुपर…
Sankalp Hospital Ambikapur : छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर जिले से एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई…
Mamata Banerjee Resignation : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के ऐतिहासिक नतीजों ने राज्य की…
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने मंगलवार, 5 मई 2026 को इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा के दूसरे…
This website uses cookies.