Student Protest : महासमुंद स्कूल में शिक्षकों की कमी पर छात्राओं का प्रदर्शन, गेट पर जड़ा ताला

Student Protest : छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में शिक्षा व्यवस्था के खोखले दावों की पोल खुल गई है। सरायपाली ब्लॉक के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, जम्हारी में पढ़ने वाली छात्राओं का भविष्य दांव पर लगा है, जिसके कारण उन्हें खुद सड़कों पर उतरकर संघर्ष करना पड़ रहा है। स्कूल में 150 से अधिक छात्र-छात्राएं नामांकित हैं, लेकिन उन्हें पढ़ाने के लिए शिक्षकों का भारी अभाव है। इसी अव्यवस्था से तंग आकर छात्राओं ने स्कूल के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया है और अपनी मांगें पूरी न होने तक इसे न खोलने की जिद पर अड़ी हैं। उनके इस संघर्ष को स्थानीय अभिभावकों का भी पूरा समर्थन प्राप्त है।

ads

सात दिनों से धूप और बारिश में धरने पर छात्राएं

स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि छात्राएं पिछले सात दिनों से भीषण गर्मी, उमस और बारिश की परवाह किए बिना स्कूल के बाहर धरने पर बैठी हैं। विद्यालय में 150 छात्रों के लिए मात्र 3 शिक्षक ही तैनात हैं, जो शैक्षणिक गतिविधियों को सुचारू रूप से चलाने में पूरी तरह असमर्थ हैं। छात्राओं का कहना है कि वे अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं और जब तक शासन-प्रशासन द्वारा स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की जाती, तब तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने साफ कर दिया है कि पढ़ाई के नाम पर हो रही इस खानापूर्ति को वे और बर्दाश्त नहीं करेंगी।

Adst

मुख्य विषयों के शिक्षकों का अभाव, पढ़ाई भगवान भरोसे

स्कूल में शिक्षकों की कमी इस कदर है कि गणित, संस्कृत, अर्थशास्त्र, भूगोल, सामाजिक विज्ञान और राजनीति विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषयों के लिए एक भी शिक्षक उपलब्ध नहीं है। विशेषकर कक्षा 12वीं की पढ़ाई पूरी तरह से भगवान भरोसे चल रही है। विशेषज्ञों की कमी के कारण छात्रों का पाठ्यक्रम समय पर पूरा होना असंभव सा हो गया है। छात्राओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने उनकी समस्याओं को नजरअंदाज किया है, जिससे उनका शैक्षणिक स्तर लगातार गिर रहा है। बिना शिक्षकों के परीक्षा की तैयारी करना उनके लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है।

संसाधनों के अभाव में सिमटता जा रहा शैक्षणिक दायरा

स्कूल की बदहाली का आलम यह है कि पांच साल पहले, यानी 2019-20 के शैक्षणिक सत्र में शिक्षकों की कमी के चलते साइंस संकाय तक बंद कर दिया गया था। वर्तमान में कक्षा 11वीं में केवल आर्ट्स विषय ही शेष बचा है, लेकिन वहां भी महत्वपूर्ण विषयों के लिए विशेषज्ञ शिक्षकों का भारी टोटा है। संसाधनों और शिक्षकों के निरंतर घटते स्तर के कारण ही छात्रों का आक्रोश फूट पड़ा है और उन्होंने तालाबंदी का रास्ता चुना है। अब देखना यह है कि प्रशासन कब तक इन छात्रों की सुध लेता है और कब तक उन्हें उचित शैक्षणिक सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। छात्रों का स्पष्ट कहना है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे अपना आंदोलन और तेज करेंगे।

Read More :  Chhattisgarh Assembly : बाघों की तस्करी पर विधानसभा में मचा हंगामा, जानिए सरकार का जवाब

Adst
Chandan Das

Chandan Das

Writer & Blogger

All Posts
Previous Post
Next Post

ताज़ा खबरे

  • All Posts
  • FIFA World Cup 2026
  • Thetarget365
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अन्य
  • अपराध
  • कारोबार
  • कृषि
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • टेक
  • ट्रेंड
  • ताज़ा खबर
  • धर्म
  • पशु-पक्षी
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय
  • विचार/लेख
  • शिक्षा और नौकरी
  • साहित्य/मीडिया
  • सेहत-फिटनेस

© 2026 | All Rights Reserved | Thetarget365.com | Made By Top News Portal Development Company

Contacts

Call Us At – +91-:9406130006
WhatsApp – +91 62665 68872
Mail Us At – thetargetweb@gmail.com
Meet Us At – Shitla Ward, Ambikapur Dist. Surguja Chhattisgarh.497001.