Mahendragarh : हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के झगड़ोली गांव के पास उस समय हड़कंप मच गया जब नहर में दो संदिग्ध सैन्य मोर्टार शेल मिलने की सूचना सामने आई। जैसे ही स्थानीय लोगों ने पानी में सैन्य जैसी वस्तुएं देखीं, उन्होंने तुरंत पुलिस को इसकी जानकारी दी। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके की ओर जुटने लगे।

सूचना मिलते ही पुलिस ने इलाके को किया सुरक्षित
सूचना मिलने पर सदर थाना पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस टीम ने सबसे पहले इलाके को घेराबंदी कर सुरक्षित किया ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके। आसपास मौजूद लोगों को दूर हटाया गया और नहर के पास आने-जाने पर रोक लगा दी गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत उच्चाधिकारियों को सूचित किया और बम निरोधक दस्ते को बुलाने की प्रक्रिया शुरू की।

सुबह करीब 11 बजे मिली संदिग्ध वस्तुओं की जानकारी
पुलिस के अनुसार यह घटना बुधवार सुबह करीब 11 बजे की है, जब एक स्थानीय व्यक्ति ने झगड़ोली नहर पुलिया के नीचे कुछ संदिग्ध वस्तुएं देखीं। उसने बताया कि एक वस्तु आंशिक रूप से पानी से बाहर थी, जबकि दूसरी पूरी तरह पानी में डूबी हुई थी। शक होने पर उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।
मौके पर पहुंची पुलिस ने की प्रारंभिक जांच
सदर थाना पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर नहर क्षेत्र का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में दोनों वस्तुएं सैन्य उपकरण जैसी प्रतीत हुईं, जिनके मोर्टार शेल होने की आशंका जताई गई। पुलिस ने तुरंत क्षेत्र को खाली कराया और किसी भी तरह के जोखिम से बचने के लिए बम निरोधक दस्ते को सूचना भेजी।
रोहतक से बम निरोधक दस्ते की टीम ने संभाला मोर्चा
सूचना मिलने के बाद रोहतक से बम निरोधक दस्ते की एक विशेष टीम मौके पर पहुंची। टीम का नेतृत्व एएसआई संदीप के नेतृत्व में किया गया। विशेषज्ञ टीम ने सावधानीपूर्वक दोनों संदिग्ध मोर्टार शेलों की जांच शुरू की और उन्हें सुरक्षित तरीके से हैंडल किया। इस दौरान पूरे इलाके को पूरी तरह से सील रखा गया ताकि कोई दुर्घटना न हो।
सुरक्षा मानकों के तहत दोनों मोर्टार शेल निष्क्रिय किए गए
बम निरोधक दस्ते ने सभी सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए दोनों मोर्टार शेलों को निष्क्रिय कर दिया। टीम ने सुनिश्चित किया कि किसी भी प्रकार का विस्फोटक जोखिम शेष न रहे। जांच के बाद यह पाया गया कि वस्तुएं वास्तव में मोर्टार शेल थीं, जिन्हें सावधानीपूर्वक निष्क्रिय किया गया ताकि आसपास के लोगों और संपत्ति को कोई खतरा न हो।
जेसीबी की मदद से मिट्टी में दबाकर सुरक्षित निस्तारण
निष्क्रिय करने के बाद प्रशासन ने अतिरिक्त सावधानी बरतते हुए जेसीबी मशीन की मदद से नहर के पास गड्ढा खुदवाया। इसके बाद दोनों मोर्टार शेलों को सुरक्षित तरीके से मिट्टी में दबा दिया गया ताकि भविष्य में किसी प्रकार का जोखिम उत्पन्न न हो। इस प्रक्रिया को पूरी तरह नियंत्रित तरीके से अंजाम दिया गया।
जांच अधिकारी ने दी घटना की विस्तृत जानकारी
जांच अधिकारी उज्ज्वल ने बताया कि पुलिस को सुबह लगभग साढ़े ग्यारह बजे सूचना प्राप्त हुई थी। उन्होंने कहा कि स्थानीय व्यक्ति द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और जांच की। जांच के दौरान नहर से दो संदिग्ध सैन्य सामग्री बरामद हुईं, जिनकी पहचान मोर्टार शेल के रूप में हुई।
प्रारंभिक जांच में सैन्य सामग्री होने की पुष्टि
अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि बरामद वस्तुएं सैन्य उपयोग के मोर्टार शेल हो सकते हैं। हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि ये शेल नहर तक कैसे पहुंचे। पुलिस इस बात की गहन जांच कर रही है कि क्या यह किसी पुराने सैन्य अभ्यास का हिस्सा थे या किसी अन्य कारण से वहां पहुंचे।
आसपास के गांवों में पुलिस की पूछताछ जारी
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आसपास के गांवों में भी पूछताछ शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों से जानकारी जुटाई जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि ये मोर्टार शेल वहां कैसे पहुंचे। पुलिस हर संभव पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच को आगे बढ़ा रही है।
सुरक्षा को लेकर प्रशासन सतर्क, जांच जारी
फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच में जुटे हुए हैं। बम निरोधक दस्ते की त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया। अधिकारियों ने कहा है कि मामले की पूरी सच्चाई सामने आने तक जांच जारी रहेगी और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी जाएगी।











