Ambikapur News : सोमवार दोपहर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित कुटुंब न्यायालय में उस समय अफरातफरी मच गई जब अचानक न्यायालय भवन की ऊपरी मंजिल से रेलिंग और छज्जे का बड़ा हिस्सा भरभराकर नीचे गिर पड़ा। तेज आवाज सुनते ही आसपास के सभी कार्यालयों से लोग बाहर निकल आए और देखा कि परिवार न्यायाधीश के वाहन सहित जमीन पर बड़े-बड़े ईंट-पत्थर के टुकड़े बिखरे पड़े हैं। इस हादसे में न्यायालय परिसर में उपस्थित कुछ लोग घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना दोपहर लगभग 12:40 बजे हुई। हादसे के दौरान मौके पर खड़े एक पक्षकार श्यामकृष्ण दास के हाथ में गंभीर चोट आई है और उनकी हड्डी टूट गई है। वहीं एक अधिवक्ता प्रियेश सिंह भी मलबे की चपेट में आकर घायल हो गए। दोनों घायलों को तत्काल 108 एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल उपचार हेतु भेजा गया। सौभाग्य से हादसे के समय बड़ी संख्या में लोग पास खड़े थे, लेकिन वे बाल-बाल बच गए, अन्यथा बड़ा नुकसान हो सकता था। कलेक्टोरेट परिसर में सोमवार होने के कारण सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा भीड़ थी। कुटुंब न्यायालय के बाहर पक्षकारों, अधिवक्ताओं और कर्मचारियों की आवाजाही लगातार बनी हुई थी। ऐसे में अचानक छत का हिस्सा गिरने से परिसर में भगदड़ की स्थिति बन गई और लोग जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे। बताया जा रहा है कि कुटुंब न्यायालय की यह इमारत काफी पुरानी और जर्जर हालत में है। हादसे के बाद लोग दहशत में हैं और न्यायालय परिसर में सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। इस भवन के बगल में स्थित जिला उपभोक्ता आयोग की बिल्डिंग भी काफी जर्जर बताई जा रही है। अधिवक्ताओं और कर्मचारियों का कहना है कि कई बार संबंधित निर्माण विभाग को भवन की जर्जर स्थिति की सूचना दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। स्थानीय अधिवक्ताओं ने मांग की है कि प्रशासन इस घटना को गंभीरता से लेते हुए तुरंत भवन की मरम्मत और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करे, ताकि भविष्य में कोई बड़ी अनहोनी न हो। वहीं घायलों के उपचार के लिए अधिवक्ताओं ने जिला प्रशासन से समुचित व्यवस्था की मांग की है। यह घटना प्रशासन और निर्माण विभाग की लापरवाही का उदाहरण है, जिस पर तुरंत कार्रवाई अपेक्षित है।















