राष्ट्रीय

Bengal Power Shift: हार के बाद भी ममता का सीएम बॉयो, बंगाल में सियासी घमासान तेज

Bengal Power Shift:  पश्चिम बंगाल की राजनीति ने एक ऐतिहासिक मोड़ ले लिया है। राज्यपाल आर.एन. रवि द्वारा राज्य विधानसभा को भंग करने की औपचारिक घोषणा के साथ ही तृणमूल कांग्रेस के 15 साल पुराने शासन का अंत हो गया है। इस संवैधानिक प्रक्रिया का सीधा अर्थ है कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पिछली कैबिनेट अब अस्तित्व में नहीं रही। दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शुभेंदु अधिकारी को अपने विधायक दल का नेता चुन लिया है। शुभेंदु अधिकारी ने राज्यपाल से मुलाकात कर नई सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया है और वह शनिवार, 9 मई को सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। इस बड़े बदलाव के बावजूद, राज्य में एक नई तरह की डिजिटल और राजनीतिक जंग छिड़ गई है।

सोशल मीडिया पर अब भी ‘मुख्यमंत्री’: ममता का डिजिटल रेजिस्टेंस

भले ही संवैधानिक रूप से ममता बनर्जी अब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री नहीं हैं, लेकिन उनके आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल्स (X और फेसबुक) पर तस्वीर कुछ और ही बयां कर रही है। समाचार लिखे जाने तक, ममता बनर्जी ने अपने प्रोफाइल से ‘मुख्यमंत्री’ शब्द नहीं हटाया है। उनके एक्स (ट्विटर) और फेसबुक अकाउंट के ‘अबाउट’ सेक्शन में आज भी उनकी पहचान “संस्थापक अध्यक्ष, अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस” और “माननीय मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल” के रूप में दर्ज है। राजनीतिक विश्लेषक इसे ममता बनर्जी के एक प्रतीकात्मक विरोध के रूप में देख रहे हैं, जो यह दर्शाता है कि वे चुनावी परिणामों को स्वीकार करने के मूड में नहीं हैं।

इस्तीफे की परंपरा को ठुकराया: चुनाव परिणामों पर सवाल

ममता बनर्जी का यह डिजिटल रुख उनकी उस प्रेस कॉन्फ्रेंस की याद दिलाता है जो उन्होंने 5 मई को चुनावी नतीजों के अगले दिन की थी। आमतौर पर हारने वाला मुख्यमंत्री नैतिकता के आधार पर राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप देता है, लेकिन ममता बनर्जी ने इस लोकतांत्रिक परंपरा को मानने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वह इस्तीफा नहीं देंगी क्योंकि उनकी नजर में आधिकारिक चुनावी नतीजे जनता के असली जनादेश का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं। इस रुख ने राज्य में एक संवैधानिक गतिरोध जैसी स्थिति पैदा करने की कोशिश की, जिसे अंततः राज्यपाल ने विधानसभा भंग करके समाप्त किया।

भवानीपुर में करारी हार और ‘वोट लूट’ के आरोप

ममता बनर्जी के लिए सबसे बड़ा व्यक्तिगत झटका उनकी अपनी पारंपरिक सीट भवानीपुर से लगा। यहाँ उन्हें बीजेपी के कद्दावर नेता और अब राज्य के होने वाले मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने 15,000 से अधिक मतों के अंतर से शिकस्त दी। अपनी इस हार और पार्टी के निराशाजनक प्रदर्शन को ममता बनर्जी ने स्वीकार करने के बजाय ‘धांधली’ करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि लगभग 100 सीटों पर वोटों की खुली लूट हुई है और ईवीएम के साथ छेड़छाड़ की गई है। यही कारण है कि वे न तो अपनी व्यक्तिगत हार मान रही हैं और न ही राज्य में तृणमूल कांग्रेस के शासन के अंत को स्वीकार कर रही हैं।

शनिवार को शपथ ग्रहण: एक नए युग की शुरुआत

तमाम विवादों और ममता बनर्जी के विरोध के बीच, पश्चिम बंगाल शनिवार सुबह एक नए मुख्यमंत्री का स्वागत करने के लिए तैयार है। शुभेंदु अधिकारी, जो कभी ममता बनर्जी के ही खास रणनीतिकार थे, अब उनकी जगह राज्य की बागडोर संभालेंगे। बीजेपी की इस भारी जीत ने बंगाल के राजनीतिक परिदृश्य को पूरी तरह बदल दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि शपथ ग्रहण के बाद क्या ममता बनर्जी अपने सोशल मीडिया बॉयो में बदलाव करती हैं या फिर वह अपनी इस ‘डिजिटल पहचान’ के जरिए नई सरकार की वैधता को चुनौती देना जारी रखेंगी। बंगाल की जनता अब विकास और शांति की उम्मीद में नई सरकार की ओर देख रही है।

Read More :  Mexico City Sinking : मेक्सिको सिटी पर डूबने का खतरा, नासा-इसरो के निसार सैटेलाइट ने दी भयावह चेतावनी

Thetarget365

Recent Posts

पंजाब सरकार को बड़ा झटका: कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा गिरफ्तार, 100 करोड़ का GST घोटाला

पंजाब की सियासत में आज उस वक्त भूचाल आ गया, जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने…

8 minutes ago

West Bengal politics : “बंगाल और दिल्ली के बीच…”, अभिषेक बनर्जी के इस बयान ने मचाया राजनीतिक हड़कंप

West Bengal politics  : पश्चिम बंगाल के राजनीतिक इतिहास में शनिवार का दिन एक बड़े…

38 minutes ago

Sisir Adhikari vision : बेटे के मुख्यमंत्री बनते ही भावुक हुए शिशिर अधिकारी, खोला तरक्की का बड़ा राज

Sisir Adhikari vision :  पश्चिम बंगाल के राजनीतिक इतिहास में एक बड़ा उलटफेर हुआ है।…

50 minutes ago

Shakuntala Porte MLA : विधायक शकुंतला पोर्ते की अधिकारियों को कड़ी फटकार, कहा- जनता का श्राप गुरूर तोड़ देता है

Shakuntala Porte MLA : छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में सत्ता पक्ष की विधायक और प्रशासनिक…

1 hour ago

This website uses cookies.