Mexico City Sinking
Mexico City Sinking : दुनिया के सबसे व्यस्त और घनी आबादी वाले महानगरों में शुमार मेक्सिको सिटी इस वक्त एक अभूतपूर्व संकट का सामना कर रहा है। वैज्ञानिकों की एक ताजा रिपोर्ट ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है—मेक्सिको की यह ऐतिहासिक राजधानी धीरे-धीरे जमीन के अंदर धंसती जा रही है। यह महज एक अनुमान नहीं है, बल्कि अंतरिक्ष से मिली तस्वीरों और आंकड़ों ने इस भयावह सच्चाई पर मुहर लगा दी है। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो इस शहर का एक बड़ा हिस्सा आने वाले दशकों में पूरी तरह मलबे में तब्दील होकर जमीन के नीचे समा सकता है।
इस भौगोलिक आपदा की सटीक जानकारी अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के संयुक्त मिशन ‘निसार’ (NISAR) के जरिए सामने आई है। निसार सैटेलाइट से प्राप्त डेटा का जब वैज्ञानिकों ने विश्लेषण किया, तो पता चला कि शहर के कुछ संवेदनशील इलाके हर महीने लगभग 2 सेंटीमीटर की दर से नीचे जा रहे हैं। यह रफ्तार वैश्विक मानकों के अनुसार अत्यंत खतरनाक मानी जा रही है। निसार सैटेलाइट की अत्याधुनिक रडार तकनीक जमीन में होने वाले मिलीमीटर स्तर के बदलावों को भी पकड़ लेती है, जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि मेक्सिको सिटी में जमीन धंसने की प्रक्रिया दुनिया में सबसे तेज है।
जमीन धंसने का यह प्रभाव केवल कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि शहर की वास्तुकला पर इसके गहरे जख्म दिखाई देने लगे हैं। मेक्सिको सिटी के केंद्र में स्थित सदियों पुराने ऐतिहासिक कैथेड्रल और नेशनल पैलेस जैसी भव्य इमारतें अब एक तरफ झुकती हुई दिखाई दे रही हैं। सबसे हैरान करने वाला उदाहरण ‘एंजेल ऑफ इंडिपेंडेंस’ स्मारक है। 1910 में जब यह स्मारक बना था, तब यह जमीन के बराबर था, लेकिन आसपास की जमीन धंसने के कारण पिछले 115 वर्षों में इसमें 14 नई सीढ़ियां जोड़नी पड़ी हैं। यह स्मारक अब जमीन से ऊपर उठा हुआ महसूस होता है क्योंकि इसके चारों ओर की मिट्टी नीचे बैठ चुकी है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस संकट के पीछे प्राकृतिक से ज्यादा मानवीय कारण जिम्मेदार हैं। मेक्सिको सिटी मूल रूप से एक प्राचीन झील (लेक टेक्सकोको) की नरम और चिकनी मिट्टी पर बसा हुआ है। शहर की प्यास बुझाने के लिए जमीन के नीचे मौजूद जलभृतों (Aquifers) से बेतहाशा पानी निकाला जा रहा है। नासा के वैज्ञानिकों का कहना है कि जिस रफ्तार से पानी निकाला जा रहा है, उस तुलना में बारिश का पानी जमीन के अंदर वापस नहीं पहुंच पा रहा है। पानी निकलने से मिट्टी की परतों के बीच का दबाव कम हो जाता है, जिससे मिट्टी सिकुड़ने लगती है और पूरी सतह नीचे बैठ जाती है।
जमीन धंसने की वजह से शहर का इंफ्रास्ट्रक्चर बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। सड़कों के बीचों-बीच बड़ी दरारें आ रही हैं, जो आए दिन हादसों का कारण बनती हैं। यही नहीं, शहर की लाइफलाइन मानी जाने वाली मेट्रो लाइनों के ट्रैक भी टेढ़े हो रहे हैं। सबसे गंभीर समस्या जल आपूर्ति की है; जमीन के हिलने से पानी की पाइपलाइनें लगातार फट रही हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, पाइपलाइन टूटने की वजह से शहर का लगभग 40% पानी लीकेज में बर्बाद हो जाता है। वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि निसार सैटेलाइट से प्राप्त सटीक डेटा भविष्य में शहरी नियोजन और इस डूबते शहर को बचाने के लिए नई रणनीति बनाने में मददगार साबित होगा।
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