Mamata On Amit Shah: तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार (28 अगस्त, 2025) को भाजपा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर करारा हमला बोला। उन्होंने वंशवाद को लेकर भाजपा के दोहरे रवैये को उजागर करते हुए सवाल किया कि अगर भाजपा वंशवाद की आलोचना करती है, तो अमित शाह के बेटे जय शाह कैसे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के चेयरमैन बन गए?

तृणमूल छात्र परिषद के स्थापना दिवस कार्यक्रम के मंच से बोलते हुए ममता बनर्जी ने कहा, “जय शाह राजनीति नहीं करते, न ही उन्होंने राजनीति से एक पैसा कमाया है। फिर भी वह ICC जैसे हज़ारों करोड़ रुपये के संगठन के चेयरमैन कैसे बन गए?” ममता ने आरोप लगाया कि भाजपा जिस वंशवाद के खिलाफ बोलती है, वह खुद उसी का पालन कर रही है।

ममता का तंज: “आईसीसी चेयरमैन मतलब अपार संपत्ति का स्वामी”
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने भाषण में साफ कहा कि ICC का चेयरमैन बनना केवल एक सम्मानजनक पद नहीं है, बल्कि इसके पीछे अपार धन और प्रभाव की ताकत भी जुड़ी होती है। उन्होंने कहा, “आम लोग भी समझते हैं कि ICC चेयरमैन बनना क्या मायने रखता है। फिर अमित शाह के बेटे को यह पद कैसे मिला?” ममता ने यह भी कहा कि भाजपा को अब अपने गिरेबान में झांकना चाहिए और समझना चाहिए कि वंशवाद केवल विपक्षी दलों का मुद्दा नहीं है।
जय शाह की ICC में चढ़ती सियासी पारी
जय शाह दिसंबर 2024 में ICC बोर्ड में शामिल हुए थे और अगस्त 2025 में उन्हें निर्विरोध ICC चेयरमैन चुना गया। इससे पहले वे 2019 में बीसीसीआई सचिव बने और एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। क्रिकेट प्रशासन में जय शाह की बढ़ती पकड़ और प्रभावशाली पदों पर नियुक्ति को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं, लेकिन इस बार ममता बनर्जी ने इसे भाजपा के “वंशवाद विरोधी” रुख पर करारा प्रहार बताया।
ममता बनर्जी ने पहले दी थी बधाई, अब दिखाया आईना
दिलचस्प बात यह है कि जब जय शाह को ICC का चेयरमैन नियुक्त किया गया था, तब ममता बनर्जी ने अमित शाह को पत्र लिखकर उन्हें बधाई भी दी थी। उस पत्र में ममता ने तंज कसते हुए लिखा था कि, “आपका बेटा अब एक राजनेता से कहीं अधिक बड़ा बन गया है।” अब उसी मुद्दे को उठाकर उन्होंने भाजपा पर दोहरापन दिखाने का आरोप लगाया।
भाजपा पर “भाषा आतंकवाद” और NRC को लेकर भी प्रहार
अपने भाषण में ममता बनर्जी ने केवल वंशवाद ही नहीं, बल्कि भाजपा की कथित “भाषा आतंकवाद” नीति और एनआरसी के मुद्दों पर भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार समाज को बांटने की कोशिश कर रही है, और युवा वर्ग को गुमराह किया जा रहा है।
चुनावी मौसम में तेज होती सियासी ज़ुबानी जंग
जय शाह की ICC चेयरमैन पद पर नियुक्ति को लेकर ममता बनर्जी का यह हमला ऐसे समय पर आया है, जब देश में राजनीतिक हलचल तेज़ हो चुकी है और बिहार व अन्य राज्यों में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं। वंशवाद, परिवारवाद और सत्ता में हस्तक्षेप जैसे मुद्दों पर नेताओं के बीच बयानबाज़ी और आरोप-प्रत्यारोपों का दौर और भी तेज़ होने की उम्मीद है।
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