Manipur Security : मणिपुर में शांति बहाली के प्रयासों को उस समय बड़ी सफलता मिली, जब भारतीय सेना और असम राइफल्स ने एक संयुक्त अभियान चलाकर उग्रवादी संगठन के एक प्रमुख ठिकाने को पूरी तरह से नेस्तनाबूद कर दिया। सुरक्षा बलों को खुफिया जानकारी मिली थी कि यूनाइटेड कुकी नेशनल आर्मी (UKNA) के उग्रवादी चुराचांदपुर जिले के हेंगलेप उप-मंडल के दुर्गम पहाड़ी इलाकों में अपनी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए, 16 जून 2026 को सुरक्षा बलों ने एक विशेष ऑपरेशन शुरू किया, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में सक्रिय उग्रवादी नेटवर्क को जड़ से खत्म करना था।

कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और खराब मौसम के बीच बहादुरी की मिसाल
हेंगलेप उप-मंडल का इलाका बेहद दुर्गम पहाड़ी और घने जंगलों से घिरा हुआ है, जहां खराब मौसम के कारण पहुंचना पहले से ही चुनौतीपूर्ण है। इन बाधाओं को दरकिनार करते हुए, सेना और असम राइफल्स की जांबाज टीम ने अपने लक्ष्य की ओर बढ़ना जारी रखा। जब सुरक्षा बल उग्रवादियों के संदिग्ध ठिकाने के बिल्कुल करीब पहुंचे, तो उग्रवादियों ने उन पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। भारतीय जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिससे दोनों पक्षों के बीच भीषण मुठभेड़ छिड़ गई। इस जबरदस्त फायरिंग में एक उग्रवादी को मार गिराया गया, जबकि अंधेरे और घने जंगलों का फायदा उठाते हुए उसके अन्य साथी वहां से भाग निकलने में कामयाब रहे।

उग्रवादी बुनियादी ढांचे पर प्रहार: बंकर और हथियारों का जखीरा बरामद
मुठभेड़ के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर लिया और एक व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया। इस अभियान के दौरान जवानों को उग्रवादियों द्वारा बनाए गए मजबूत और छिपने वाले बंकर मिले, जिन्हें सुरक्षा बलों ने मौके पर ही नष्ट कर दिया। साथ ही, तलाशी में भारी मात्रा में आधुनिक हथियार, गोला-बारूद और युद्ध में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री बरामद की गई है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, उग्रवादियों के बुनियादी ढांचे को नष्ट करके सुरक्षा बलों ने उनके नेटवर्क को एक बड़ा झटका दिया है। यह कार्रवाई साबित करती है कि सुरक्षा बल मणिपुर में शांति और कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए पूरी तरह संकल्पित हैं।
क्षेत्र में शांति और सामान्य स्थिति की ओर एक महत्वपूर्ण कदम
रक्षा मंत्रालय के आधिकारिक बयानों के अनुसार, यह ऑपरेशन सुरक्षा बलों की सतर्कता और खुफिया तंत्र की सटीकता का परिणाम है। उग्रवादियों के ठिकानों को ध्वस्त करना और उनके हथियारों के जखीरे को जब्त करना क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल करने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है। इस कार्रवाई से हेंगलेप क्षेत्र में उग्रवादियों का भय काफी हद तक कम हुआ है और स्थानीय लोगों में सुरक्षा का विश्वास बढ़ा है। सुरक्षा बलों ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी इस तरह की गतिविधियां करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शांति के लिए सुरक्षा बलों का निरंतर अभियान जारी
मणिपुर के अशांत क्षेत्रों में भारतीय सुरक्षा बलों की यह लगातार सक्रियता शांति बनाए रखने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उग्रवादी तत्वों के खिलाफ चलाए जा रहे इन अभियानों ने उनके मंसूबों को लगातार विफल किया है। प्रशासन ने स्थानीय निवासियों से भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत सुरक्षा बलों को दें, ताकि शांति प्रक्रिया को और मजबूत किया जा सके। फिलहाल, इलाके में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद है और सेना द्वारा निरंतर निगरानी रखी जा रही है ताकि उग्रवादी फिर से अपना आधार न बना सकें।

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