Manoj Agarwal Y+ Security
Manoj Agarwal Y+ Security: पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) मनोज अग्रवाल की सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने उनकी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने के बाद उन्हें Y-प्लस (Y+) कैटेगरी का सुरक्षा कवच प्रदान किया है। इस नई व्यवस्था के तहत अब मनोज अग्रवाल की सुरक्षा का जिम्मा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के पास होगा। लगभग 20 प्रशिक्षित कमांडो और जवान हर समय उनकी सुरक्षा में तैनात रहेंगे। पिछले एक महीने से उनके कार्यालय और व्यक्तिगत सुरक्षा को लेकर उठ रही चिंताओं के मद्देनजर यह फैसला लिया गया है।
निर्वाचन आयोग ने न केवल अधिकारी, बल्कि कोलकाता स्थित उनके कार्यालय की सुरक्षा को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है। आयोग के सचिव सुरजीत कुमार मिश्रा ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर स्पष्ट किया था कि सीआईओ कार्यालय की दूसरी और तीसरी मंजिल पर केंद्रीय सुरक्षा बल तैनात किए जाने चाहिए। दिलचस्प बात यह है कि अगले महीने यह कार्यालय एनएस रोड से शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया की नई बिल्डिंग में शिफ्ट होने जा रहा है। आयोग ने निर्देश दिया है कि नए दफ्तर में भी केंद्रीय बलों का सुरक्षा घेरा बरकरार रखा जाए।
इससे पहले राज्य चुनाव अधिकारी के दफ्तर की सुरक्षा की जिम्मेदारी कोलकाता पुलिस की थी। हालांकि, पिछले महीने हुई कुछ घटनाओं ने इस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) के एक बड़े समूह ने ‘काम के अधिक बोझ’ को लेकर सीआईओ ऑफिस के बाहर जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों ने कार्यालय में घुसने की कोशिश की थी, जिससे अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच असुरक्षा का माहौल पैदा हो गया था। इस स्थिति को संभालने में राज्य पुलिस की विफलता के बाद चुनाव आयोग ने कोलकाता पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर नाराजगी जाहिर की थी।
मनोज अग्रवाल 1990 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के वरिष्ठ अधिकारी हैं। चुनाव आयोग ने इसी साल मार्च में उन्हें पश्चिम बंगाल के नए मुख्य निर्वाचन अधिकारी के रूप में नियुक्त किया है। अग्रवाल के कंधों पर 2026 के विधानसभा चुनाव को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने की बड़ी जिम्मेदारी है। वे जुलाई 2026 में अपनी सेवाओं से सेवानिवृत्त होंगे। अपनी कार्यकुशलता और ईमानदारी के लिए जाने जाने वाले अग्रवाल इससे पहले राज्य के खाद्य और आपूर्ति विभाग में सचिव के पद पर कार्यरत थे।
खाद्य सचिव के रूप में मनोज अग्रवाल का कार्यकाल काफी चर्चा में रहा था। वर्ष 2018 में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में गड़बड़ी पाए जाने पर उन्होंने दोषी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था, जिसके तुरंत बाद उन्हें उनके पद से हटा दिया गया था। बाद में अक्टूबर 2023 में जब तत्कालीन मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक को राशन घोटाले में सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किया गया, तो अग्रवाल के पुराने फैसलों की प्रासंगिकता फिर से चर्चा में आई। अब 2026 के चुनावों से पहले उन्हें दी गई यह हाई-प्रोफाइल सुरक्षा बंगाल की राजनीतिक सरगर्मी को देखते हुए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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