Margashirsha Amavasya 2025:
Margashirsha Amavasya 2025: हिंदू पंचांग में मार्गशीर्ष माह को अत्यंत पवित्र माना गया है। भगवान श्रीकृष्ण ने स्वयं श्रीमद्भगवद्गीता में कहा है – “मासानां मार्गशीर्षोऽहम्”, अर्थात् सभी महीनों में मैं मार्गशीर्ष हूं। इस कारण यह महीना विशेष रूप से श्रीहरि विष्णु और देवी लक्ष्मी की उपासना के लिए शुभ माना जाता है। इस वर्ष मार्गशीर्ष अमावस्या 2025 की तिथि 20 नवंबर, गुरुवार को पड़ रही है। यह दिन धार्मिक, आध्यात्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत फलदायी रहेगा।
मार्गशीर्ष अमावस्या की रात को तिल के तेल का दीपक जलाना बेहद शुभ माना गया है।कैसे करें: सूर्यास्त के बाद घर के शांत स्थान या तुलसी के पौधे के पास एक मिट्टी के दीये में तिल का तेल भरकर दीपक जलाएं।लाभ: यह उपाय शनिदेव की कृपा प्राप्त करने के साथ-साथ भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को भी प्रसन्न करता है। इससे घर में सौभाग्य, वैभव और धन-समृद्धि का आगमन होता है।
अमावस्या तिथि पर पीपल का वृक्ष अत्यंत पूजनीय होता है क्योंकि इसमें भगवान विष्णु और पितरों का वास माना गया है।कैसे करें: अमावस्या की रात स्नान के बाद पीपल के पेड़ के नीचे एक दीपक जलाएं (सरसों या तिल के तेल से)। इसके बाद ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करते हुए सात परिक्रमा करें।लाभ: यह उपाय पितृ दोष को समाप्त करता है। मान्यता है कि पीपल की पूजा से पितर प्रसन्न होकर अपने वंशजों को सुख, शांति और आर्थिक समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं।
मार्गशीर्ष अमावस्या पर दीपदान और दान-पुण्य विशेष फल देते हैं।कैसे करें: आटे से एक दीपक बनाएं, उसमें घी या तिल का तेल डालें और उसे जलाकर किसी पवित्र नदी या बहते हुए जल में प्रवाहित करें।लाभ: यह उपाय मनोकामना पूर्ति, बाधा निवारण और धन वृद्धि का प्रतीक है। इससे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और शुभता का संचार होता है।
पवित्र स्नान: इस दिन गंगा, यमुना या किसी पवित्र नदी में स्नान करना अत्यंत पुण्यदायी है। यदि नदी स्नान संभव न हो तो नहाने के जल में कुछ बूंदें गंगाजल मिलाकर स्नान करें।सूर्य अर्घ्य: स्नान के बाद पूर्व दिशा की ओर मुख करके सूर्य देव को जल अर्पित करें और ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करें।पितृ तर्पण: पितरों की आत्मा की शांति हेतु तर्पण, पिंडदान या श्राद्ध कर्म अवश्य करें।दान-पुण्य: इस दिन जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र, धन या तिल का दान करने से अपार पुण्य की प्राप्ति होती है।
मार्गशीर्ष अमावस्या पर किए गए इन सरल उपायों से व्यक्ति न केवल धन-संपत्ति और समृद्धि प्राप्त कर सकता है, बल्कि पितृ कृपा और भगवान विष्णु का आशीर्वाद भी मिलता है। यह दिन नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर जीवन में नई शुभ शुरुआत लाने वाला माना जाता है। इसलिए इस वर्ष 20 नवंबर को इन धार्मिक उपायों को विधिपूर्वक अपनाकर अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का स्वागत करें।
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