Iran US Peace Talks : ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने परमाणु कार्यक्रम को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंताओं के बीच अपना रुख साफ कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान का परमाणु बम बनाने का कोई इरादा नहीं है और तेहरान इस बात की लिखित गारंटी देने के लिए भी तैयार है। हालांकि, उन्होंने साथ ही यह भी जोर दिया कि ईरान अपने देश में यूरेनियम संवर्धन (एनरिचमेंट) के अधिकार को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ेगा। राष्ट्रपति ने कहा कि यह ईरान का वैज्ञानिक और तकनीकी अधिकार है और इसे नकारा नहीं जा सकता। उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता वाली महत्वपूर्ण बातचीत शुरू होने वाली है।

स्विट्जरलैंड वार्ता: मिडिल ईस्ट में तनाव और लेबनान पर चर्चा
स्विट्जरलैंड में होने वाली इस वार्ता का एजेंडा अत्यंत व्यापक और संवेदनशील है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एस्माईल बघाई के अनुसार, इस बातचीत में लेबनान में इजराइल और हिज्बुल्लाह के बीच चल रहे सैन्य टकराव को समाप्त करने के लिए मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर मुख्य रूप से चर्चा की जाएगी। तेहरान ने इजराइल पर लेबनान में किए गए वादों को तोड़ने का आरोप लगाया है। इसके अलावा, वार्ता में ईरान के प्रतिबंधित (फ्रीज) एसेट्स को जारी करने और ईरानी तेल की बिक्री को सुचारू बनाने के लिए आवश्यक अंतरराष्ट्रीय लाइसेंस प्राप्त करने जैसे आर्थिक मुद्दे भी चर्चा का केंद्र रहेंगे।

6 बिलियन डॉलर का फंड और कतर की भूमिका
राष्ट्रपति पेजेशकियन ने इस वार्ता को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं। उनके अनुसार, कतर में ईरान के फ्रीज किए गए 6 बिलियन डॉलर के फंड को तेहरान को वापस करने की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। उन्होंने दावा किया कि इस समझौते की शर्तें पूरी तरह से ईरान के पक्ष में हैं। उन्होंने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे इस तरह की कूटनीतिक सफलता से सबसे अधिक नाखुश होंगे। ईरानी राष्ट्रपति का मानना है कि अमेरिका ने आखिरकार उन ईरानी अधिकारों को स्वीकार कर लिया है, जिन्हें पहले रोकने की कोशिश की जा रही थी। यह फंड जारी होना क्षेत्रीय शांति और आर्थिक स्थिरता के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
वैश्विक कूटनीति और आईएईए की भूमिका
बर्गेनस्टॉक में चल रही इस कूटनीतिक हलचल में केवल ईरान और अमेरिका ही नहीं, बल्कि अन्य वैश्विक शक्तियां भी सक्रिय हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख असीम मुनीर के साथ बैठक की, जो मध्यस्थता के प्रयासों में पाकिस्तान की भूमिका को दर्शाता है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने भी स्विस विदेश मंत्री के साथ ईरान के परमाणु घटनाक्रम पर चर्चा की। ग्रॉसी ने कूटनीति को मौका देने पर जोर दिया है। पिछले कुछ समय में आईएईए ने ईरान से अपने संवर्धित यूरेनियम स्टॉक के बारे में पूर्ण पारदर्शिता बरतने की मांग की है, क्योंकि ईरान के पास 60% शुद्धता तक संवर्धित यूरेनियम का भंडार है, जो परमाणु हथियार बनाने की क्षमता के करीब माना जाता है।
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