BSP News: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने संगठन में बड़ा अनुशासनात्मक कदम उठाया है। उन्होंने पूर्व राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ नेता अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से स्थायी रूप से निष्कासित करने की घोषणा की है। मायावती ने स्पष्ट किया कि अब भविष्य में किसी भी परिस्थिति में उन्हें दोबारा पार्टी में शामिल नहीं किया जाएगा। इस फैसले को आगामी चुनावों से पहले संगठन को अनुशासित और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

सोशल मीडिया पर दी आधिकारिक जानकारी
मायावती ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक विस्तृत पोस्ट साझा करते हुए इस कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि अशोक सिद्धार्थ को तत्काल प्रभाव से बसपा से बाहर किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि पार्टी भविष्य में उन्हें दोबारा सदस्यता देने पर विचार नहीं करेगी। बसपा प्रमुख के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में इस फैसले को लेकर चर्चा तेज हो गई।

आकाश आनंद से पारिवारिक संबंधों के कारण भी चर्चा में रहे
अशोक सिद्धार्थ का नाम राजनीतिक गलियारों में इसलिए भी चर्चा में रहता है क्योंकि वह बसपा के राष्ट्रीय समन्वयक आकाश आनंद के ससुर हैं। इससे पहले वर्ष 2025 में भी उन्हें पार्टी से निष्कासित किया गया था। हालांकि, लगभग छह महीने बाद पार्टी नेतृत्व ने उन्हें एक और अवसर देते हुए दोबारा संगठन में शामिल कर लिया था। उस समय यह उम्मीद जताई गई थी कि भविष्य में वह पार्टी अनुशासन और संगठनात्मक निर्देशों का पूरी तरह पालन करेंगे।
अनुशासनहीनता के आरोपों का किया उल्लेख
मायावती ने अपने बयान में कहा कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान टिकट वितरण और संगठनात्मक समन्वय को लेकर अशोक सिद्धार्थ के खिलाफ गंभीर शिकायतें मिली थीं। उनके अनुसार पार्टी नेतृत्व के साथ तालमेल की कमी, अनुशासनहीनता और निर्देशों का पालन न करने के कारण उन्हें पहले भी कार्रवाई का सामना करना पड़ा था। बाद में उन्हें इस शर्त पर वापस लिया गया था कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा नहीं बनेगी। वापसी के बाद उन्हें उत्तर प्रदेश के बजाय अन्य राज्यों में संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
कई राज्यों से मिली शिकायतों का दावा
बसपा प्रमुख ने कहा कि कर्नाटक, ओडिशा और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में संगठनात्मक जिम्मेदारी संभालने के दौरान भी अशोक सिद्धार्थ के खिलाफ लगातार शिकायतें आती रहीं। उनके अनुसार कई बार चेतावनी देने के बावजूद अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। इसी कारण पहले उन्हें सभी संगठनात्मक जिम्मेदारियों से मुक्त किया गया और बाद में स्थायी रूप से पार्टी से निष्कासित करने का निर्णय लिया गया। मायावती ने कहा कि संगठनात्मक अनुशासन से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।

अफवाह फैलाने का भी लगाया आरोप
मायावती ने अपने बयान में यह भी आरोप लगाया कि संगठनात्मक जिम्मेदारियों से हटाए जाने के बाद अशोक सिद्धार्थ की उत्तर प्रदेश में वापसी को लेकर अफवाहें फैलाने का प्रयास किया गया। उनके अनुसार इससे पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर भी असर डालने की कोशिश की गई। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए उन्हें स्थायी रूप से पार्टी से बाहर करने का निर्णय लिया गया।
रणधीर सिंह बेनीवाल पर भी हुई कार्रवाई
बसपा प्रमुख ने एक अन्य संगठनात्मक फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि सहारनपुर निवासी रणधीर सिंह बेनीवाल को भी पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। उन्हें पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मायावती के अनुसार उनके खिलाफ भी अनुशासनहीनता और पार्टी निर्देशों के उल्लंघन की शिकायतें मिली थीं, जिसके बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से पार्टी से बाहर कर दिया गया।
रामजी गौतम को सौंपी गई नई जिम्मेदारी
संगठन में हुए बदलाव के तहत राज्यसभा सांसद रामजी गौतम को अन्य राज्यों के साथ पंजाब का भी प्रभारी नियुक्त किया गया है। मायावती ने बताया कि वह आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव और उसके बाद लोकसभा चुनाव तक संगठनात्मक जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे। इसके साथ ही पार्टी ने नीतिगत निर्णय लिया है कि उत्तर प्रदेश के जो वरिष्ठ पदाधिकारी अन्य राज्यों में संगठन का कार्य देख रहे हैं, उन्हें उत्तर प्रदेश में समानांतर संगठनात्मक जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी।
कार्यकर्ताओं और मीडिया से की विशेष अपील
अपने संदेश के अंत में मायावती ने बसपा कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे पार्टी के खिलाफ फैलाए जाने वाले भ्रम और भ्रामक सूचनाओं से सतर्क रहें। उन्होंने कहा कि संगठन को कमजोर करने के किसी भी प्रयास का मजबूती से सामना किया जाएगा। साथ ही मीडिया से भी आग्रह किया कि वह केवल सत्यापित तथ्यों के आधार पर समाचार प्रकाशित करे और किसी भी प्रकार की अपुष्ट जानकारी या अफवाहों को बढ़ावा न दे। उन्होंने कहा कि पार्टी अनुशासन और संगठनात्मक मजबूती के साथ आगामी चुनावों की तैयारी में जुटी हुई है।











