Odisha Flood Alert: ओडिशा में लगातार हो रही बारिश और हीराकुड बांध से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने के बाद बाढ़ की आशंका बढ़ गई है। रविवार को बांध से छोड़ा गया पानी कटक के पास स्थित मुंडाली तक पहुंच गया, जिससे महानदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने महानदी से जुड़े तटीय क्षेत्रों के 10 जिलों को हाई अलर्ट पर रखा है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल नदी किनारे के निचले इलाकों में बड़े पैमाने पर बाढ़ जैसी स्थिति नहीं बनी है, लेकिन प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।

मुंडाली में जलस्तर में दर्ज हुई बढ़ोतरी
जल संसाधन विभाग के अनुसार कटक के पास मुंडाली बैराज क्षेत्र में रविवार सुबह जलप्रवाह बढ़कर लगभग 5.73 लाख क्यूसेक तक पहुंच गया। इससे एक दिन पहले यह आंकड़ा करीब 4.74 लाख क्यूसेक था। जलस्तर में इस वृद्धि के बाद प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू किए जाएंगे।

सबसे खतरनाक दौर गुजरने का दावा
जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता दिलीप कुमार राउत ने बताया कि महानदी में जलस्तर जरूर बढ़ा है, लेकिन सबसे अधिक जोखिम वाला चरण अब काफी हद तक गुजर चुका है। उनके अनुसार मुंडाली में अधिकतम जलप्रवाह लगभग सात लाख क्यूसेक तक पहुंच सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि इससे पहले गुरुवार रात यहां से लगभग 8.88 लाख क्यूसेक पानी का प्रवाह दर्ज किया गया था। यदि आने वाले दिनों में क्षेत्र में अत्यधिक वर्षा नहीं होती है तो अतिरिक्त पानी बिना किसी बड़े नुकसान के समुद्र की ओर निकल सकता है।
हीराकुड बांध के 22 गेट खोले गए
बढ़ते जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए हीराकुड बांध के 22 गेट खोलकर अतिरिक्त पानी छोड़ा गया है। इसके बाद राज्य सरकार ने महानदी घाटी के आसपास स्थित 10 जिलों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन को आशंका है कि बढ़ा हुआ जलप्रवाह खोरधा, कटक, पुरी, केंद्रपाड़ा और जगतसिंहपुर जैसे जिलों के निचले इलाकों को प्रभावित कर सकता है। संबंधित जिलों के अधिकारियों को लगातार निगरानी रखने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
21 जिलों में बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोमवार सुबह तक के लिए ओडिशा के 21 जिलों में बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने की संभावना जताई है। जिन जिलों के लिए चेतावनी जारी की गई है उनमें बालासोर, भद्रक, जाजपुर, केंद्रपाड़ा, जगतसिंहपुर, कटक, सुंदरगढ़, अंगुल, ढेंकनाल, क्योंझर, मयूरभंज, कालाहांडी, नवरंगपुर, रायगढ़ा, कोरापुट, मलकानगिरी, गजपति, गंजाम, पुरी, खोरधा और नयागढ़ शामिल हैं। मौसम विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने और अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर न जाने की अपील की है।

उत्तरी ओडिशा में लाखों लोग प्रभावित
राज्य के उत्तरी हिस्सों में आई बाढ़ का असर बड़ी आबादी पर पड़ा है। प्रशासन के अनुसार आठ लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। कई गांवों में पानी भर जाने के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। सड़क संपर्क, कृषि गतिविधियों और दैनिक जीवन पर भी इसका असर देखा जा रहा है। प्रशासन राहत शिविरों और आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था करने में जुटा हुआ है।
मुख्यमंत्री ने दिए राहत कार्य तेज करने के निर्देश
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बताया कि सालंदी, जलका, बूढ़ाबलंग, वैतरणी और ब्राह्मणी जैसी नदियों के जलस्तर बढ़ने से कई गांव अभी भी जलमग्न हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उत्तरी ओडिशा के अधिकांश क्षेत्रों में नदियों का जलस्तर धीरे-धीरे कम होने लगा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राहत और पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने तथा प्रभावित परिवारों तक आवश्यक सहायता समय पर पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
मंत्रियों को सौंपी गई राहत कार्यों की जिम्मेदारी
राज्य सरकार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी और राहत कार्यों को प्रभावी बनाने के लिए विशेष व्यवस्था की है। मुख्यमंत्री ने दो उपमुख्यमंत्रियों सहित कई कैबिनेट मंत्रियों को प्रभावित जिलों में राहत अभियान की जिम्मेदारी सौंपी है। अन्य मंत्रियों को भी अलग-अलग क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों की निगरानी करने का दायित्व दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन भी उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द राहत मिल सके।
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