MCD Mayor Controversy
MCD Mayor Controversy: दिल्ली नगर निगम (MCD) में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच चल रही तकरार अब एक नए और अनोखे स्तर पर पहुँच गई है। शनिवार, 10 जनवरी 2026 को दिल्ली नगर निगम मुख्यालय में उस समय एक अजीबोगरीब नजारा देखने को मिला, जब आम आदमी पार्टी (AAP) के पार्षद अपने साथ असली ‘भेड़ और बकरियों’ को लेकर सिविक सेंटर पहुँच गए। यह विरोध प्रदर्शन बीजेपी के मेयर राजा इकबाल सिंह द्वारा कथित तौर पर महिला पार्षदों के विरुद्ध की गई एक आपत्तिजनक टिप्पणी के जवाब में आयोजित किया गया था। ‘आप’ पार्षदों ने मेयर के इस्तीफे की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की और सदन की मर्यादा का मुद्दा उठाया।
विवाद की जड़ शुक्रवार को हुई MCD सदन की बैठक में है। आरोप है कि बैठक के दौरान हंगामे के बीच बीजेपी मेयर राजा इकबाल सिंह ने महिला पार्षदों को संबोधित करते हुए “भेड़-बकरी” जैसे शब्दों का प्रयोग किया था। इस टिप्पणी ने आग में घी डालने का काम किया और आम आदमी पार्टी ने इसे महिलाओं की गरिमा पर एक बड़ा प्रहार करार दिया। पार्टी ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति की ऐसी भाषा उसके मानसिक दीवालियेपन और महिलाओं के प्रति तुच्छ सोच को दर्शाती है।
शनिवार को ‘आप’ के नेता विपक्ष अंकुश नारंग के नेतृत्व में दर्जनों पार्षद मेयर दफ्तर के बाहर जमा हुए। प्रदर्शनकारी अपने साथ भेड़ और बकरियां भी लाए थे, जिनका उपयोग वे बीजेपी को आईना दिखाने के लिए कर रहे थे। ‘आप’ पार्षदों ने व्यंग्य करते हुए कहा कि यदि बीजेपी मेयर की नजर में निर्वाचित महिला पार्षद भेड़-बकरियां हैं, तो बीजेपी को इन जानवरों को ही अपनी पार्टी की सदस्यता दिलाकर चुनाव लड़वाना चाहिए। मुख्यालय परिसर में काफी देर तक गहमागहमी बनी रही और सुरक्षाकर्मियों को भीड़ को नियंत्रित करने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
इस प्रदर्शन में आम आदमी पार्टी की महिला पार्षदों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उनके हाथों में “बीजेपी महिला विरोधी है” और “मर्यादा खोने वाले मेयर इस्तीफा दें” लिखी तख्तियां थीं। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने कहा कि वे दिल्ली की जनता द्वारा चुनकर आई हैं और उन्हें ‘भेड़-बकरी’ कहना पूरी दिल्ली की महिलाओं का अपमान है। महिला पार्षदों ने एक स्वर में मांग की कि राजा इकबाल सिंह को तुरंत बर्खास्त किया जाना चाहिए क्योंकि वे अब मेयर जैसे सम्मानित पद की गरिमा के योग्य नहीं रहे हैं।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे पार्षद अंकुश नारंग ने मीडिया से बात करते हुए बीजेपी की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह महज शब्दों की मर्यादा टूटने का मामला नहीं है, बल्कि यह बीजेपी की उस पितृसत्तात्मक मानसिकता का प्रतीक है जो महिलाओं को दूसरे दर्जे का नागरिक समझती है। नारंग ने स्पष्ट किया कि आम आदमी पार्टी देश की हर बेटी और महिला के सम्मान के लिए सड़क से लेकर सदन तक लड़ाई लड़ेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक बीजेपी के नेता अपनी जवाबदेही तय नहीं करते और इस्तीफा नहीं देते, उनका संघर्ष जारी रहेगा।
इस पूरे घटनाक्रम पर बीजेपी खेमे से भी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं, जहाँ आरोपों को निराधार बताया जा रहा है। हालांकि, ‘आप’ इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने की तैयारी में है। सोशल मीडिया पर भी यह विवाद तेजी से वायरल हो रहा है, जहाँ यूजर्स निर्वाचित प्रतिनिधियों की भाषा और संसद/सदन की मर्यादा पर बहस कर रहे हैं। 2026 के इस राजनीतिक घटनाक्रम ने दिल्ली की स्थानीय राजनीति में महिलाओं के सम्मान और भाषाई शुचिता के मुद्दे को एक बार फिर केंद्र में ला दिया है।
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