Pakistan Flood: पाकिस्तान में भारी बाढ़ से मची तबाही के बीच देश के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने लोगों के गुस्से को और भड़काया है। देश के बड़े हिस्से में आई बाढ़ के कारण कम से कम 854 लोगों की मौत हो चुकी है और 20 लाख से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं। इस दर्दनाक परिस्थिति में मंत्री का कहना है कि यह बाढ़ ‘अल्लाह का आशीर्वाद’ है और लोगों को इस पानी को बाल्टियों में भरकर संग्रहित करने की सलाह दे रहे हैं।
बाढ़ को ‘आशीर्वाद’ बताकर मची भारी आलोचना
ख्वाजा आसिफ ने हाल ही में एक मीडिया इंटरव्यू में कहा, “दुनिया में पानी के लिए तरस रहे लोग हैं, ऐसे में पाकिस्तान में आई बाढ़ एक बहुत ही शुभ घटना है। इसे आपदा नहीं, बल्कि अल्लाह की कृपा मानना चाहिए।” इस बयान ने देश में भारी विवाद खड़ा कर दिया है। आम जनता और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने सरकार की निष्क्रियता पर कड़ी निंदा करते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं।
‘पानी भंडारण’ पर विवादित सलाह
पाकिस्तानी मंत्री ने कहा कि सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने की बजाय लोग बाढ़ के पानी को बाल्टियों या अन्य कंटेनरों में भरकर सुरक्षित करें। उनका दावा है कि इससे देश की जल संकट समस्या हल हो जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि बड़ी बांध परियोजनाओं का निर्माण फिलहाल संभव नहीं है और इसलिए जनता को स्वयं इस पानी का प्रबंधन करना चाहिए। ख्वाजा आसिफ ने बाढ़ के लिए लोगों की बस्तियों को नदी किनारे बनाने को दोषी ठहराया और कहा कि यही बाढ़ की वजह बनी है। “लोगों ने नदी के रास्ते पर कब्जा कर लिया है, इसलिए बाढ़ आना स्वाभाविक है,” उन्होंने कहा। इस बयान को जनता ने सरकार की विफलता छुपाने की कोशिश माना है।
बाढ़ ने मचाई भारी तबाही
पाकिस्तान की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी के अनुसार, यह देश की पिछले 40 सालों में सबसे भयंकर बाढ़ है। किसानों की फ़सलें बर्बाद हो गई हैं, हजारों गाँव जलमग्न हैं, और स्वास्थ्य व बुनियादी सुविधाओं का संकट गहरा गया है। ख़ैबर पख़्तूनख़्वा प्रांत में सर्वाधिक 406 लोगों की मौत हुई है।
पड़ोसी देशों पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर
इसी बीच, पाकिस्तान के एक अन्य मंत्री, अहसान इक़बाल ने भारत पर आरोप लगाते हुए कहा कि भारत “पानी के हथियारों” का उपयोग कर रहा है और प्राकृतिक आपदा के समय सहयोग की बजाय बुरी तरह से पानी छोड़ रहा है। हालांकि, भारत की ओर से हर बार बाढ़ पानी छोड़ने से पहले पाकिस्तान को पूर्व सूचना दी जाती है।
पाकिस्तान में आई इस भीषण बाढ़ ने देश की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को अस्त-व्यस्त कर दिया है। ऐसे में सरकार के उच्च पदस्थ अधिकारियों के बयान विवादों को और हवा दे रहे हैं। जनता की उम्मीद है कि सरकार वास्तविक राहत कार्यों पर ध्यान दे और विवादित बयानों से बचते हुए संवेदनशीलता दिखाए। बाढ़ प्रबंधन और आपदा राहत में प्रभावी कदम ही देशवासियों के जीवन को सुरक्षित कर सकते हैं।
Read More : Wife Murder Najafgarh: नजफगढ़ में सोशल मीडिया को लेकर सनसनीखेज वारदात, पत्नी की हत्या कर खुदकुशी की कोशिश
Pakistan Flood: पाकिस्तान की बाढ़ में मंत्री का विवादित बयान, ‘अल्लाह का आशीर्वाद’, पानी बाल्टी में भरकर रखने की सलाह
Pakistan Flood: पाकिस्तान में भारी बाढ़ से मची तबाही के बीच देश के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने लोगों के गुस्से को और भड़काया है। देश के बड़े हिस्से में आई बाढ़ के कारण कम से कम 854 लोगों की मौत हो चुकी है और 20 लाख से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं। इस दर्दनाक परिस्थिति में मंत्री का कहना है कि यह बाढ़ ‘अल्लाह का आशीर्वाद’ है और लोगों को इस पानी को बाल्टियों में भरकर संग्रहित करने की सलाह दे रहे हैं।
बाढ़ को ‘आशीर्वाद’ बताकर मची भारी आलोचना
ख्वाजा आसिफ ने हाल ही में एक मीडिया इंटरव्यू में कहा, “दुनिया में पानी के लिए तरस रहे लोग हैं, ऐसे में पाकिस्तान में आई बाढ़ एक बहुत ही शुभ घटना है। इसे आपदा नहीं, बल्कि अल्लाह की कृपा मानना चाहिए।” इस बयान ने देश में भारी विवाद खड़ा कर दिया है। आम जनता और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने सरकार की निष्क्रियता पर कड़ी निंदा करते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं।
‘पानी भंडारण’ पर विवादित सलाह
पाकिस्तानी मंत्री ने कहा कि सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने की बजाय लोग बाढ़ के पानी को बाल्टियों या अन्य कंटेनरों में भरकर सुरक्षित करें। उनका दावा है कि इससे देश की जल संकट समस्या हल हो जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि बड़ी बांध परियोजनाओं का निर्माण फिलहाल संभव नहीं है और इसलिए जनता को स्वयं इस पानी का प्रबंधन करना चाहिए। ख्वाजा आसिफ ने बाढ़ के लिए लोगों की बस्तियों को नदी किनारे बनाने को दोषी ठहराया और कहा कि यही बाढ़ की वजह बनी है। “लोगों ने नदी के रास्ते पर कब्जा कर लिया है, इसलिए बाढ़ आना स्वाभाविक है,” उन्होंने कहा। इस बयान को जनता ने सरकार की विफलता छुपाने की कोशिश माना है।
बाढ़ ने मचाई भारी तबाही
पाकिस्तान की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी के अनुसार, यह देश की पिछले 40 सालों में सबसे भयंकर बाढ़ है। किसानों की फ़सलें बर्बाद हो गई हैं, हजारों गाँव जलमग्न हैं, और स्वास्थ्य व बुनियादी सुविधाओं का संकट गहरा गया है। ख़ैबर पख़्तूनख़्वा प्रांत में सर्वाधिक 406 लोगों की मौत हुई है।
पड़ोसी देशों पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर
इसी बीच, पाकिस्तान के एक अन्य मंत्री, अहसान इक़बाल ने भारत पर आरोप लगाते हुए कहा कि भारत “पानी के हथियारों” का उपयोग कर रहा है और प्राकृतिक आपदा के समय सहयोग की बजाय बुरी तरह से पानी छोड़ रहा है। हालांकि, भारत की ओर से हर बार बाढ़ पानी छोड़ने से पहले पाकिस्तान को पूर्व सूचना दी जाती है।
पाकिस्तान में आई इस भीषण बाढ़ ने देश की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को अस्त-व्यस्त कर दिया है। ऐसे में सरकार के उच्च पदस्थ अधिकारियों के बयान विवादों को और हवा दे रहे हैं। जनता की उम्मीद है कि सरकार वास्तविक राहत कार्यों पर ध्यान दे और विवादित बयानों से बचते हुए संवेदनशीलता दिखाए। बाढ़ प्रबंधन और आपदा राहत में प्रभावी कदम ही देशवासियों के जीवन को सुरक्षित कर सकते हैं।
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