Modi Cabinet: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी पांच महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। इन परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत 13,041 करोड़ रुपये है। सरकार के फैसले में रेलवे नेटवर्क के विस्तार के साथ बिहार में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने वाली बड़ी परियोजना भी शामिल है। इन योजनाओं से यातायात क्षमता बढ़ने और क्षेत्रीय विकास को गति मिलने की उम्मीद है।
बिहार को मिली 3,591 करोड़ रुपये की बड़ी परियोजना
कैबिनेट बैठक में बिहार के लिए मुजफ्फरपुर–सीतामढ़ी–सोनबरसा 4-लेन हाईवे कॉरिडोर के विकास को मंजूरी दी गई है। NH-22 से जुड़े इस प्रोजेक्ट पर करीब 3,591 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। लगभग 83 किलोमीटर लंबे इस हाईवे से मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी जिलों के बीच सड़क संपर्क बेहतर होगा। इससे स्थानीय लोगों के साथ व्यापार और परिवहन गतिविधियों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।
30 महीने में पूरा होगा 4-लेन हाईवे
सरकार के अनुसार, बिहार की इस सड़क परियोजना का निर्माण हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल यानी HAM के तहत किया जाएगा। परियोजना में फ्लेक्सिबल पेवमेंट तकनीक का इस्तेमाल होगा और इसे करीब 30 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत सात प्रमुख पुल, तीन रेलवे ओवरब्रिज और छह व्हीकुलर अंडरपास बनाए जाएंगे। इससे सड़क मार्ग पर यातायात को सुगम बनाने में मदद मिलेगी।
रेलवे नेटवर्क के विस्तार पर भी सरकार का फोकस
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पांच परियोजनाओं में चार रेलवे लाइन विस्तार योजनाओं को भी मंजूरी दी है। इनमें खड़गपुर–भद्रक (रानीताल) चौथी लाइन, भद्रक–हरिदासपुर चौथी लाइन, गुम्मिडीपुंडी–गुडूर तीसरी और चौथी लाइन तथा कटक–पारादीप तीसरी और चौथी लाइन शामिल हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य रेलवे की क्षमता बढ़ाने और माल तथा यात्री परिवहन को अधिक प्रभावी बनाना है।
खड़गपुर–भद्रक चौथी लाइन पर 3,352 करोड़ खर्च
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, खड़गपुर से भद्रक के बीच चौथी रेलवे लाइन विकसित करने की योजना को मंजूरी दी गई है। यह रेल मार्ग बालेश्वर और रुपसा से होते हुए भद्रक तक जाएगा। लगभग 173 किलोमीटर लंबी इस परियोजना पर 3,352 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे ओडिशा के तटीय क्षेत्र में रेल परिवहन की क्षमता और कनेक्टिविटी को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
पुलों का भी होगा बड़े स्तर पर निर्माण
खड़गपुर–भद्रक परियोजना के तहत रेलवे के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई पुलों का निर्माण किया जाएगा। योजना में दो मेगा ब्रिज, 41 बड़े पुल और 169 छोटे पुल शामिल हैं। चौथी लाइन बनने के बाद इस रेल कॉरिडोर पर ट्रेनों की आवाजाही के लिए अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध होगी। इससे क्षेत्र में माल ढुलाई और यात्री सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
भद्रक–हरिदासपुर चौथी लाइन को भी मंजूरी
कैबिनेट ने भद्रक–हरिदासपुर चौथी रेलवे लाइन परियोजना के लिए 1,583 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। यह परियोजना ओडिशा में रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अतिरिक्त रेल लाइन उपलब्ध होने से मौजूदा मार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही को व्यवस्थित करने और भविष्य की परिवहन जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
गुम्मिडीपुंडी–गुडूर रेल कॉरिडोर का होगा विस्तार
गुम्मिडीपुंडी–गुडूर रेलवे परियोजना के तहत तीसरी और चौथी लाइन विकसित की जाएगी। इस परियोजना की अनुमानित लागत 2,229 करोड़ रुपये है। अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस कॉरिडोर के आसपास मशीनरी, ऑटोमोबाइल, फार्मास्यूटिकल्स, केमिकल्स और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स से जुड़ी नई औद्योगिक इकाइयां विकसित हो रही हैं। ऐसे में अतिरिक्त रेल लाइन औद्योगिक और यात्री परिवहन दोनों के लिए उपयोगी होगी।
स्वर्णमुखी नदी पर बनेगा 360 मीटर मेगा ब्रिज
गुम्मिडीपुंडी–गुडूर परियोजना में स्वर्णमुखी नदी पर करीब 360 मीटर लंबा मेगा ब्रिज भी बनाया जाएगा। इस ब्रिज के निर्माण से रेल संचालन को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। सरकार का मानना है कि बढ़ती औद्योगिक गतिविधियों और यात्रियों की संख्या को देखते हुए इस रेल कॉरिडोर की क्षमता बढ़ाना जरूरी है। नई लाइनें भविष्य में माल ढुलाई को भी अधिक सुगम बना सकती हैं।
कटक–पारादीप रेल लाइन का भी विस्तार
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कटक–पारादीप रेल कॉरिडोर की तीसरी और चौथी लाइन को भी मंजूरी दी है। इस परियोजना की अनुमानित लागत 2,286 करोड़ रुपये है। पारादीप क्षेत्र की औद्योगिक और बंदरगाह गतिविधियों को देखते हुए इस रेल विस्तार का महत्व काफी अधिक है। अतिरिक्त लाइनें बनने से माल परिवहन की क्षमता बढ़ने और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद है।
कुल 13,041 करोड़ से बढ़ेगा इंफ्रास्ट्रक्चर
केंद्रीय मंत्रिमंडल की ओर से मंजूर इन पांच परियोजनाओं की कुल लागत 13,041 करोड़ रुपये है। इनमें रेलवे और सड़क दोनों क्षेत्रों की योजनाएं शामिल हैं। सरकार के फैसले का उद्देश्य परिवहन नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने के साथ आर्थिक गतिविधियों को गति देना है। बिहार में नया 4-लेन हाईवे और ओडिशा समेत अन्य क्षेत्रों में रेलवे लाइन विस्तार से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
Read More : CG High Court POCSO Case: शादी के बाद भी खत्म नहीं होगा POCSO केस, आरोपी की याचिका खारिज