Mohali News: पंजाब के मोहाली में शनिवार को जेलों में बंद कैदियों की रिहाई की मांग को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा ने जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी लंबे समय से जेलों में बंद सिख कैदियों को रिहा करने की मांग उठा रहे हैं। शनिवार को बड़ी संख्या में मोर्चा समर्थक राज्यपाल भवन की ओर बढ़ने की कोशिश करने लगे। प्रदर्शनकारियों के आगे बढ़ने की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी।


राज्यपाल भवन की ओर बढ़े प्रदर्शनकारी
प्रदर्शनकारियों ने जब राज्यपाल भवन की तरफ आगे बढ़ने का प्रयास किया तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए रास्ते में बैरिकेडिंग कर दी। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड हटाने की कोशिश की, जिसके बाद मौके पर तनाव की स्थिति पैदा हो गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और पानी की बौछार का इस्तेमाल किया। पुलिस की कार्रवाई के बाद प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया गया।

मोहाली बॉर्डर पर बढ़ाई गई सुरक्षा
प्रदर्शन को देखते हुए मोहाली और चंडीगढ़ सीमा के आसपास बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। शहर के दक्षिणी हिस्से में जेल रोड और यादविंद्रा पब्लिक स्कूल रोड के आसपास भारी बैरिकेडिंग की गई है। प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए कई स्थानों पर सुरक्षा घेरा मजबूत किया है। पुलिस की कोशिश है कि प्रदर्शनकारी निर्धारित सुरक्षा क्षेत्र को पार कर चंडीगढ़ की ओर न बढ़ सकें।
राज्यपाल आवास के बाहर भी पुलिस तैनात
चंडीगढ़ पुलिस ने राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया के आवास के बाहर भी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। राज्यपाल के आवास की ओर जाने वाली दोनों प्रमुख सड़कों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। स्वतंत्रता दिवस समारोह को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा एजेंसियां किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए विशेष सतर्कता बरत रही हैं। राज्यपाल के परेड ग्राउंड जाने के संभावित मार्ग पर भी पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई।
दशकों से जेलों में बंद कैदियों की रिहाई की मांग
कौमी इंसाफ मोर्चा की प्रमुख मांग देश की अलग-अलग जेलों में लंबे समय से बंद सिख कैदियों की रिहाई है। प्रदर्शनकारी दावा करते हैं कि कई कैदी 1980 और 1990 के दशक से जेलों में बंद हैं और अपनी सजा पूरी करने के बावजूद उनकी रिहाई नहीं हुई है। इसी मुद्दे को लेकर मोर्चा लगातार सरकार और प्रशासन के सामने अपनी मांग रखता रहा है।

पहले भी हो चुकी है पुलिस से झड़प
कौमी इंसाफ मोर्चा के चंडीगढ़ में प्रवेश के प्रयासों के दौरान पहले भी तनाव और हिंसा की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। 8 फरवरी 2023 को प्रदर्शनकारियों को चंडीगढ़ की तरफ मार्च करने से रोकने के दौरान सेक्टर 52/53 की डिवाइडिंग रोड पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई थी। इस घटना में कम से कम 33 पुलिसकर्मी घायल हुए थे।
हिंसा के बाद दर्ज हुए थे मामले
झड़प के बाद यूटी पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इसके अलावा करीब 30 अन्य लोगों को संदिग्धों की सूची में शामिल किया गया था। इसके बाद भी प्रदर्शन के दौरान पुलिस के साथ टकराव और हिंसा की कई घटनाएं सामने आती रही हैं। इसी पुराने रिकॉर्ड को देखते हुए इस बार प्रशासन ने पहले से ही व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है।
YPS चौक पर लंबे समय से जारी धरना
कौमी इंसाफ मोर्चा का आंदोलन लंबे समय से जारी है। प्रदर्शनकारियों ने 7 जनवरी 2023 से यादविंद्रा पब्लिक स्कूल यानी YPS चौक को कथित तौर पर अवरुद्ध कर रखा है और वहां टेंट लगाकर धरना दे रहे हैं। शनिवार को प्रदर्शनकारियों के राज्यपाल भवन की ओर बढ़ने के प्रयास के बाद प्रशासन की चुनौती और बढ़ गई। फिलहाल पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती जारी है।
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