Chhattisgarh Monsoon Active: छत्तीसगढ़ में मानसून ने फिर से सक्रिय रूप ले लिया है। राज्य मौसम विभाग ने आगामी तीन दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। खासकर बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग संभाग के जिलों पर इसका सबसे अधिक असर होने की संभावना है। मौसम विभाग ने इन जिलों के पूर्वी इलाकों में गरज–चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात की भी संभावना जताई है। मानसून की मौजूदा स्थिति वर्तमान में मानसून द्रोणिका गंगानगर, पिलानी, दतिया, सतना, डाल्टनगंज और दीघा से होते हुए उत्तर–पूर्व बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। इस क्षेत्र में एक चक्रीय चक्रवातीय परिसंचरण 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक सक्रिय है, जो उत्तर–पूर्व बंगाल की खाड़ी और म्यांमार तट के पास स्थित है। इस परिसंचरण के कारण बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है, जो आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ के मध्य भागों में भारी बारिश की वजह बनेगा। आगामी तीन दिनों का मौसम पूर्वानुमान 2 से 4 सितंबर तक प्रदेश के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग संभाग में भारी बारिश के साथ-साथ कुछ स्थानों पर अति भारी वर्षा का खतरा भी है।मौसम विभाग ने गरज–चमक के साथ वज्रपात की संभावना को भी चेतावनी में शामिल किया है, जो कि खासतौर पर पूर्वी जिलों में देखने को मिल सकता है। किसानों और नागरिकों के लिए जरूरी सलाह मौसम विभाग ने किसानों से अपनी फसलों की देखभाल को लेकर विशेष सतर्कता बरतने को कहा है। भारी बारिश के कारण खेतों में जलभराव हो सकता है, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है। इसलिए किसानों को सलाह दी गई है कि वे खेतों में उचित निकासी व्यवस्था रखें और फसलों को अनावश्यक पानी से बचाएं। नागरिकों के लिए भी बारिश और वज्रपात के दौरान सुरक्षा उपायों को अपनाना जरूरी है। मौसम विभाग ने लोगों से खुले स्थानों, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के समीप खड़े होने से बचने की हिदायत दी है। इसके अलावा, सड़कों और निचले इलाकों में जलभराव के चलते सावधानी से चलने और दुर्घटनाओं से बचने का आग्रह किया गया है। प्रशासन की तैयारी और सतर्कता छत्तीसगढ़ सरकार और स्थानीय प्रशासन ने भी भारी बारिश की संभावना को देखते हुए सतर्कता बढ़ा दी है। आपदा प्रबंधन टीम और संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा गया है ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य किया जा सके। साथ ही, लोगों को समय-समय पर मौसम अपडेट देने के लिए डिजिटल माध्यमों और मीडिया का उपयोग किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में मानसून की सक्रियता ने किसानों और आम जनता के लिए एक बार फिर से वर्षा की उम्मीद जगाई है। हालांकि भारी और अति भारी बारिश के कारण संभावित नुकसान को ध्यान में रखते हुए सावधानी जरूरी है। बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग संभाग के पूर्वी जिलों में गरज–चमक और वज्रपात से होने वाले खतरों को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। किसानों को अपने खेतों की सुरक्षा करनी होगी और नागरिकों को सुरक्षा नियमों का पालन करना होगा ताकि बारिश का फायदा हो और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके। Read More : Chhattisgarh Urea Allocation: छत्तीसगढ़ को सितंबर में 60,800 मीट्रिक टन यूरिया का आवंटन, किसानों को बड़ी राहत














