Monsoon Session Updates: संसद का मानसून सत्र आज सोमवार (20 जुलाई) से अधिकारिक तौर पर शुरू हो चुका है और इसके बेहद हंगामेदार रहने के पूरे आसार हैं। केंद्र सरकार ने इस महत्वपूर्ण सत्र के सुचारू संचालन के लिए कुल 8 विधेयकों का एक ठोस विधायी एजेंडा तैयार किया है। दूसरी ओर, आक्रामक रुख अपनाते हुए विपक्ष ने भी सरकार को घेरने की पुख्ता रणनीति बना ली है। विपक्षी दलों ने साफ कर दिया है कि वे अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा विवाद, नीट-यूजी पेपर लीक, ई-20 पेट्रोल, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और अन्य गंभीर जनहित के मुद्दों पर संसद के दोनों सदनों में सरकार को पूरी ताकत से घेरेंगे।

कांग्रेस ने बनाई रणनीति, लोकसभा सांसदों को दी जाएगी खास ब्रीफिंग
संसद के इस मानसून सत्र के पहले दिन कांग्रेस पार्टी अपनी आगामी संसदीय रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटी है। पार्टी के लोकसभा सांसदों की एक महत्वपूर्ण बैठक आज सुबह 10:30 बजे संसद परिसर स्थित कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) कार्यालय में आयोजित की जा रही है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य कांग्रेस के लोकसभा सांसदों को विपक्ष के फ्लोर लीडर्स की बैठक में लिए गए अहम फैसलों से अवगत कराना है। साथ ही, पार्टी नेतृत्व सांसदों को सदन के भीतर अपनाई जाने वाली साझा रणनीति के बारे में बताएगा और यह निर्देश भी देगा कि किन प्रमुख मुद्दों पर सरकार को आड़े हाथों लेना है।

मनीष तिवारी और मणिक्कम टैगोर ने लोकसभा में दिए स्थगन प्रस्ताव
संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन लोकसभा में विपक्षी सांसदों द्वारा कई बड़े कदम उठाए गए हैं। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने निचले सदन में देश के मौजूदा राजनीतिक हालातों को देखते हुए एक स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है। इस नोटिस का मुख्य उद्देश्य देश में एक नए, मजबूत और अधिक प्रभावी दलबदल विरोधी कानून की रूपरेखा तैयार कर उस पर गंभीर चर्चा करना है। इसके साथ ही, एक अन्य कांग्रेस सांसद मणिक्कम टैगोर ने भी लोकसभा में बहुचर्चित नीट-यूजी पेपर लीक मामले पर तत्काल चर्चा कराने की मांग को लेकर स्थगन प्रस्ताव का नोटिस सौंपा है।
राम मंदिर चढ़ावा मामले पर गरमाया माहौल, कांग्रेस का आक्रामक रुख
अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित तौर पर सामने आई गड़बड़ियों के मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने संसद के भीतर सरकार के खिलाफ अपने हमले तेज कर दिए हैं। कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने सोमवार को राज्यसभा में कार्यस्थगन का एक नोटिस देकर इस संवेदनशील मामले पर तत्काल चर्चा कराने की जोरदार मांग की है। सुरजेवाला ने अपने नोटिस में मंदिर के चढ़ावे के प्रबंधन में हुए कथित गबन को अत्यंत गंभीर बताया है। उनका कहना है कि यह करोड़ों देशवासियों की आस्था का विषय है, इसलिए सरकार को इस पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
परिसीमन बिल और सरकार के विधायी एजेंडे पर सियासी अटकलें तेज
सरकार के आधिकारिक विधायी एजेंडे में कई अहम और जरूरी बिल शामिल हैं, हालांकि बहुचर्चित परिसीमन विधेयक फिलहाल इस आधिकारिक सूची में शामिल नहीं है। इसके बावजूद राजनीतिक गलियारों में इस बात की जोरदार चर्चा चल रही है कि सरकार सत्र के दौरान इसे अचानक पेश कर सकती है क्योंकि इसका सीधा संबंध महिला आरक्षण कानून के सही क्रियान्वयन से है। एक तरफ जहां सरकार अपने विधायी कार्यों को पूरा कराने की कोशिश करेगी, वहीं दूसरी ओर विपक्ष राम मंदिर चढ़ावा, नीट पेपर लीक और महंगाई जैसे मामलों पर सरकार से तीखे सवाल पूछने के लिए पूरी तरह तैयार है।
एनडीए की संसदीय बैठक का नया नामकरण, अब कहेंगे ‘मंगल मिलन’
संसद के इस मानसून सत्र के बीच राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) अपनी रणनीति को धार देने के लिए मंगलवार को सुबह 9:30 बजे एक अहम बैठक करेगा। यह बैठक संसद भवन परिसर स्थित जीएमसी बालयोगी ऑडिटोरियम में होगी। एनडीए द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, हर मंगलवार को होने वाली इस पारंपरिक संसदीय दल की बैठक को अब से नया नाम ‘मंगल मिलन’ दिया गया है। इस बैठक में मौजूदा सत्र की रणनीति, विधायी एजेंडे और विपक्ष के हमलों से निपटने के तौर-तरीकों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी ताकि सदन में सरकार का पक्ष मजबूती से रखा जा सके।
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