MPSC Paper Leak News : महाराष्ट्र में महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है। इस बीच राज्य सरकार ने मामले की जांच और आयोग में सुधार की दिशा में कदम उठाया है। सरकार ने इसके लिए गठित समिति के सचिव पद पर FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे को नियुक्त किया है। इस फैसले से परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और अभ्यर्थियों की शिकायतों की जांच को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं।
पूर्व न्यायाधीश दिलीप भोसले करेंगे समिति की अध्यक्षता
MPSC से जुड़ी शिकायतों और कथित अनियमितताओं की पड़ताल के लिए गठित समिति की अध्यक्षता बॉम्बे हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश दिलीप भोसले करेंगे। समिति में अलग-अलग प्रशासनिक और न्यायिक अनुभव रखने वाले सदस्यों को शामिल किया गया है। इनमें आईपीएस अधिकारी लक्ष्मी गौतम, पूर्व आईएएस अधिकारी गणेश पाटिल और सेवानिवृत्त न्यायाधीश पी. डी. नाईक शामिल हैं। समिति का उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया से संबंधित शिकायतों की जांच करना और सुधार के लिए सुझाव देना बताया गया है।
पुणे में आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों की मांगों पर चर्चा
राज्य मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले ने पुणे में प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों की मांगों पर चर्चा के बाद समिति के गठन और तुकाराम मुंढे की नियुक्ति की जानकारी दी। भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर अभ्यर्थी निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग कर रहे हैं। सरकार के इस कदम को आंदोलन के बीच महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। हालांकि, समिति की जांच कब तक पूरी होगी और उसकी सिफारिशों पर किस तरह कार्रवाई होगी, इसे लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
अभ्यर्थियों की मांग: मामले वापस हों और भर्ती बढ़े
आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों की मांग केवल पेपर लीक की जांच तक सीमित नहीं है। वे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग भी कर रहे हैं। इसके अलावा, अगले तीन वर्षों में 70 हजार पदों पर भर्ती करने और जनवरी में प्रस्तावित ग्रुप-C परीक्षा में पदों की संख्या बढ़ाने की मांग उठाई गई है। अभ्यर्थियों का जोर इस बात पर है कि भर्ती प्रक्रिया समयबद्ध हो और सरकारी विभागों में खाली पदों को भरने के लिए स्पष्ट योजना बनाई जाए।
MPSC अध्यक्ष विवेक भीमनवार को हटाने की मांग पर स्थिति स्पष्ट नहीं
अभ्यर्थियों ने MPSC अध्यक्ष विवेक भीमनवार को पद से हटाने की मांग भी उठाई है। हालांकि, इस मांग पर सरकार का अंतिम रुख स्पष्ट नहीं हुआ है। समिति की जांच और आयोग के प्रशासनिक फैसलों को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाएंगे, इस पर नजर बनी हुई है। फिलहाल सरकार की ओर से समिति गठित करने और उसके सचिव की नियुक्ति की जानकारी दी गई है।
जांच पूरी होने तक अवकाश पर गए MPSC अध्यक्ष
समिति के गठन की घोषणा के बाद MPSC अध्यक्ष विवेक भीमनवार ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अवकाश पर जाने का निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पेपर लीक मामले की न्यायिक जांच की घोषणा की है और जांच पूरी होने तक वह पद पर बने रहने के बजाय छुट्टी पर रहेंगे। उन्होंने नैतिक मूल्यों, आयोग की स्वायत्तता, विश्वसनीयता और विद्यार्थियों के हितों को अपनी प्राथमिकता बताया। अब अभ्यर्थियों की नजर जांच की प्रक्रिया, समिति की सिफारिशों और सरकार के अगले फैसलों पर है।
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