Maharashtra Accident : महाराष्ट्र के धुले जिले से होकर गुजरने वाले मुंबई-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर आज सुबह एक बेहद हृदयविदारक, भीषण और अजीबोगरीब तिहरा सड़क हादसा सामने आया है। यह दर्दनाक दुर्घटना धुले के समीप स्थित ललिंग घाट के खतरनाक घुमावदार इलाके में घटित हुई। चश्मदीदों के अनुसार, सुबह के समय हाईवे पर वाहनों की सामान्य आवाजाही चल रही थी, तभी अचानक एक डंपर और एक बड़े ट्रक के बीच जोरदार आमने-सामने की भिड़ंत हो गई। दोनों भारी वाहनों के बीच हुई यह पहली टक्कर इतनी तेज थी कि इसकी आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी। इस शुरुआती एक्सीडेंट के बाद दोनों ही वाहन सड़क के बीचों-बीच बुरी तरह क्षतिग्रस्त होकर रुक गए, जिससे वहां से गुजरने वाले अन्य वाहनों की रफ्तार थम गई।

दुर्घटना के बाद घायलों को बचाने पहुंचे टोल कर्मियों और स्थानीय लोगों की मानवीय पहल
जैसे ही इस शुरुआती एक्सीडेंट की भनक पास में स्थित टोल प्लाजा के कर्मचारियों और ललिंग घाट के आसपास रहने वाले स्थानीय ग्रामीणों को लगी, वे सभी इंसानियत के नाते तुरंत मदद के लिए दुर्घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। ट्रक और डंपर के केबिन के अंदर फंसे हुए ड्राइवरों और क्लीनरों को बाहर निकालने तथा घायलों को प्राथमिक चिकित्सा देने का प्रयास युद्ध स्तर पर शुरू किया गया। टोल कर्मचारी अपनी जान की परवाह न करते हुए क्षतिग्रस्त वाहनों के मलबे से तड़प रहे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में जुटे हुए थे। उस समय वहां मौजूद हर कोई केवल इस कोशिश में था कि किसी भी तरह से घायलों को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाकर उनकी कीमती जान बचाई जा सके।

मध्य प्रदेश से आ रही बेकाबू ट्रैवल बस ने बचाव दल को ही कुचला, मची भारी चीख-पुकार
जब स्थानीय लोग और टोल कर्मी पूरी शिद्दत के साथ राहत और बचाव कार्य में लगे हुए थे, तभी मध्य प्रदेश की दिशा से आ रही एक अत्यंत तेज रफ्तार लक्जरी ट्रैवल बस ललिंग घाट के ढलान पर अचानक अपना संतुलन खो बैठी। बस की रफ्तार इतनी अधिक थी कि चालक ने वाहन पर से अपना नियंत्रण पूरी तरह खो दिया। वह बेकाबू ट्रैवल बस सीधे उस जगह जा घुसी जहां डंपर और ट्रक का एक्सीडेंट हुआ था। रफ्तार का कहर ऐसा था कि बस ने सड़क पर पहले से खड़े दोनों दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को और वहां राहत कार्य में जुटे लोगों को अपनी चपेट में लेते हुए बेहद जोरदार टक्कर मार दी। इस दूसरी टक्कर के बाद वहां चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई।
टोल कर्मचारी सहित छह मासूमों ने गंवाई अपनी जान, छब्बीस से अधिक यात्री हुए गंभीर घायल
यह दूसरी टक्कर इतनी ज्यादा भयावह और विनाशकारी थी कि इसने मदद करने आए लोगों को संभलने तक का मौका नहीं दिया। निस्वार्थ भाव से दूसरों की जान बचाने की कोशिश कर रहे टोल प्लाजा के एक कर्मठ कर्मचारी की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। पुलिस और अस्पताल प्रशासन से प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस पूरे तिहरे हादसे में टोल कर्मचारी समेत कुल छह लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा, ट्रैवल बस में सवार यात्रियों और सड़क पर मौजूद लोगों को मिलाकर कुल 26 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। मृतकों के शवों की स्थिति इतनी क्षत-विक्षत थी कि उन्हें देखकर हर किसी का कलेजा कांप उठा।
पुलिस प्रशासन द्वारा त्वरित राहत कार्य शुरू, जिला अस्पताल में घायलों का इलाज जारी
विचित्र और भीषण हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस स्टेशन की टीम, हाईवे पुलिस के जवान और आपदा प्रबंधन का बचाव दल बिना कोई समय गंवाए एम्बुलेंस के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत सभी 26 घायलों को मलबे से बाहर निकाला और इलाज के लिए धुले के नजदीकी शासकीय जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां कई घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है। इस भीषण दुर्घटना के कारण मुंबई-आगरा राजमार्ग पर कई किलोमीटर लंबा भारी ट्रैफिक जाम लग गया और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाकर हाईवे को दोबारा सुचारू रूप से चालू कराया और मामले की जांच शुरू कर दी है।
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