Nagpur MLC Election : महाराष्ट्र के नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में विधान परिषद चुनाव के नतीजे ने कांग्रेस को बड़ी राजनीतिक राहत दी है। भारतीय जनता पार्टी के मजबूत गढ़ माने जाने वाले नागपुर में कांग्रेस उम्मीदवार अभिजीत वंजारी की जीत के बाद पार्टी उत्साहित है। इस परिणाम को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। इसी बीच असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस को लेकर अपने पुराने सोशल मीडिया पोस्ट पर व्यंग्यात्मक अंदाज में माफी मांगी है।

हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस से क्यों मांगी माफी?
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “कांग्रेस से मेरी दिली माफी। हां, आपने एक सीट जीती है, शून्य नहीं।” इस टिप्पणी के साथ उन्होंने हंसने वाला इमोजी भी साझा किया। उनका यह पोस्ट नागपुर में कांग्रेस की जीत के बाद सामने आया। सरमा की टिप्पणी को चुनावी नतीजों के संदर्भ में कांग्रेस पर तंज के तौर पर देखा जा रहा है।

पहले पोस्ट में बरनोल की तस्वीर साझा की थी
इससे पहले हिमंत बिस्वा सरमा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए बरनोल की तस्वीर साझा की थी। उन्होंने लिखा था, “जलन इतनी ज्यादा है कि एक ट्यूब से काम नहीं चलेगा।” उनके इस बयान को कांग्रेस पर निशाना साधने के रूप में देखा गया। हालांकि, नागपुर में कांग्रेस की जीत के बाद सरमा ने अपनी टिप्पणी में एक सीट मिलने का जिक्र करते हुए पार्टी पर फिर व्यंग्य किया।
पीएम मोदी ने विधान परिषद चुनाव पर उठाया था सवाल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 अक्टूबर को एक्स पर विधान परिषद चुनाव के नतीजों को लेकर सवाल किया था। उन्होंने लिखा था कि उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक जैसे चार बड़े राज्यों की 28 सीटों पर विधान परिषद चुनाव हुए और मतदान मतपत्रों के जरिए कराया गया। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस की जीत से जुड़ा सवाल उठाते हुए पूछा था कि पार्टी को कितनी सीटें मिलीं। इस पोस्ट के बाद चुनावी नतीजों को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई थीं।
अभिजीत वंजारी ने सुधाकर कोहले को हराया
नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस उम्मीदवार अभिजीत वंजारी ने भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार सुधाकर कोहले को पराजित किया। उपलब्ध नतीजों के अनुसार, वंजारी को प्रथम और द्वितीय वरीयता के कुल 67,231 वोट मिले, जबकि कोहले को 63,960 वोट प्राप्त हुए। दोनों उम्मीदवारों के बीच मुकाबला काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा था। इस जीत से कांग्रेस को नागपुर में राजनीतिक मजबूती का संदेश देने का अवसर मिला है।

पुणे में एनसीपी (एसपी) उम्मीदवार की जीत
महाराष्ट्र में विधान परिषद चुनाव के दौरान पुणे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से भी महत्वपूर्ण नतीजा सामने आया। शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की उम्मीदवार हर्षदा देशमुख-जाधव ने बीजेपी उम्मीदवार स्मिता जाधव को हराया। वहीं, बीजेपी के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन को दो सीटें मिलने की जानकारी सामने आई। इन नतीजों ने महाराष्ट्र में विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच प्रतिस्पर्धा को चर्चा का विषय बना दिया।
शिक्षित मतदाताओं को लेकर अभिजीत वंजारी का बयान
जीत के बाद अभिजीत वंजारी ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनावों की प्रकृति पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि इन चुनावों में मतदाता शिक्षित होते हैं और वे अच्छी तरह समझते हैं कि विधान परिषद के लिए चुने गए प्रतिनिधि से किस प्रकार के काम की अपेक्षा की जाती है। उनके अनुसार, ऐसे मतदाता प्रतिनिधि के काम और जिम्मेदारियों को ध्यान में रखकर निर्णय लेते हैं।
कांग्रेस की जीत से बढ़ी राजनीतिक बयानबाजी
नागपुर में कांग्रेस की जीत के बाद पार्टी को बीजेपी के गढ़ में लगातार दूसरी जीत का राजनीतिक संदेश देने का मौका मिला है। दूसरी ओर, हिमंत बिस्वा सरमा की टिप्पणी ने चुनावी नतीजों को लेकर सोशल मीडिया पर राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया। महाराष्ट्र के इन परिणामों को अलग-अलग दल अपने राजनीतिक प्रदर्शन के नजरिए से देख रहे हैं। आने वाले दिनों में इन नतीजों को लेकर नेताओं के बीच बयानबाजी जारी रहने की संभावना है।
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