Cyclone Arnab Chhattisgarh : बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान अर्नब का असर छत्तीसगढ़ में दिखाई दे रहा है। राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के कई इलाकों में बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी है। गुरुवार सुबह से मौसम में आए बदलाव ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में पककर तैयार धान की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका है। कई क्षेत्रों में फसलों के प्रभावित होने की खबरें सामने आई हैं।

बस्तर से आगे बढ़ेगा तूफान, रायपुर तक दिखेगा असर
मौसम संबंधी जानकारी के अनुसार, चक्रवाती तूफान अर्नब सुबह बस्तर क्षेत्र में पहुंचा। इसके कोंडागांव और गरियाबंद की ओर बढ़ते हुए रायपुर तक पहुंचने का अनुमान जताया गया है। हालांकि, आगे बढ़ने के साथ तूफान के कमजोर पड़ने की संभावना भी है। एहतियात के तौर पर कुछ जिलों में स्कूल-कॉलेजों की छुट्टी और प्रशासनिक सतर्कता जैसे कदम उठाए गए हैं। फिलहाल प्रदेश में किसी बड़ी तबाही की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

29 अक्टूबर को कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 29 अक्टूबर को बस्तर, बलरामपुर-रामानुजगंज, सूरजपुर, कोरिया और कोरबा जिलों में कुछ स्थानों पर भारी से अति भारी वर्षा होने की आशंका है। इसके अलावा रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, धमतरी, महासमुंद, गरियाबंद, जशपुर, सरगुजा, रायगढ़ और अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। लोगों को मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
30 अक्टूबर से 1 नवंबर तक भी बिगड़ा रह सकता है मौसम
पूर्वानुमान के अनुसार, 30 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कोरबा, मुंगेली, रायगढ़, जांजगीर-चांपा, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़ और बिलासपुर सहित कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश संभव है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है।
किसानों को पकी धान की फसल जल्द काटने की सलाह
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग ने किसानों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। पक चुकी धान, मक्का और तिलहन की फसलों की जल्द कटाई करके सुरक्षित स्थानों पर रखने को कहा गया है। खेतों में खड़ी फसलों की निगरानी करने, जलभराव रोकने और अतिरिक्त पानी की निकासी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। बारिश की संभावना को देखते हुए गेहूं, चना और मसूर की बुआई मौसम साफ होने तक टालने की सलाह दी गई है।

अनाज के भंडारण और सब्जियों की सुरक्षा पर जोर
किसानों को कटी हुई उपज ढककर रखने और अनाज को उचित नमी स्तर तक सुखाने के बाद साफ, हवादार जगह पर भंडारित करने की सलाह दी गई है। बीजों को सुरक्षित रखने के साथ भंडारण स्थल की छत और जल निकासी व्यवस्था की जांच करने को कहा गया है। मौसम साफ होने तक कीटनाशक और खरपतवारनाशक का छिड़काव नहीं करने की सलाह भी दी गई है।
पशुधन की सुरक्षा के लिए भी जारी की गई सलाह
तेज हवाओं और बारिश के दौरान पशुओं को सूखे तथा सुरक्षित स्थानों पर रखें। बिजली गिरने की आशंका में उन्हें पेड़ों के नीचे बांधने से बचें। चारा, पशु आहार और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करें। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों और पशुपालकों से मौसम की जानकारी के अनुसार काम करने तथा खराब मौसम में खेतों में जाने से बचने की अपील की है। समय रहते सावधानी बरतने से फसल, उपज और पशुधन को होने वाले संभावित नुकसान को कम किया जा सकता है।
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