Nankiram Kanwar detained: छत्तीसगढ़ के पूर्व गृहमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता ननकीराम कंवर को रायपुर के गहोई भवन में पुलिस ने नजरबंद कर दिया है। वे अपने ही सरकार के खिलाफ मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठने वाले थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें एम्स के पास ही रोक लिया। ननकीराम कंवर ने गेट कूदकर निकलने की कोशिश भी की, लेकिन सफल नहीं हो पाए।

पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि यदि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो भाजपा की अगली चुनाव में जीत की संभावनाएं कमजोर हो जाएंगी। उन्होंने कहा, “अगर यही रवैया रहा तो अगली बार भाजपा की सरकार नहीं बनेगी। जनता बोल रही है कि अगली बार 15 सीट से ज्यादा भाजपा को नहीं मिलेगी।”

भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच धरना की योजना
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ननकीराम कंवर ने कोरबा कलेक्टर अजित वसंत के खिलाफ भ्रष्टाचार और प्रशासनिक दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि कलेक्टर हिटलरशाही रवैया अपना रहे हैं और उनके खिलाफ सैकड़ों भ्रष्टाचार के मामले हैं। खासतौर पर 40,000 स्व-सहायता समूह की महिलाओं से अरबों रुपए की ठगी, मालगांव और रलिया में फर्जी मुआवजे के नाम पर करोड़ों की अनियमितताएं कलेक्टर की संलिप्तता को दर्शाती हैं।
पूर्व मंत्री ने जिला प्रशासन को 4 अक्टूबर तक कार्रवाई करने का अल्टीमेटम दिया था, अन्यथा वे रायपुर में धरने पर बैठेंगे। इसी क्रम में उन्होंने शनिवार सुबह 10.30 बजे धरना शुरू करने की योजना बनाई थी, लेकिन पुलिस ने समय से पहले ही उन्हें रोक लिया।
जिला प्रशासन और संभागायुक्त की जांच
इस मामले में छत्तीसगढ़ सरकार ने जांच के आदेश दे दिए हैं। बिलासपुर संभागायुक्त सुनील जैन को ननकीराम कंवर के शिकायती पत्र पर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश मिले हैं। हालांकि, संभागायुक्त ने मीडिया से बातचीत में बताया कि अभी तक उन्हें लिखित आदेश नहीं मिला है, लेकिन आदेश मिलने पर वे तुरंत जांच कर रिपोर्ट सौंप देंगे। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी विवादों में रहे कोरबा कलेक्टर
यह पहली बार नहीं है जब कोरबा कलेक्टर अजित वसंत विवादों में आए हैं। उन्होंने भाजपा के पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल को फेसबुक पोस्ट को लेकर नोटिस भेजा था। कलेक्टर का आरोप था कि उक्त पोस्ट प्रशासन की छवि खराब करती है। इसके अलावा भाजपा कार्यकर्ताओं और पत्रकारों पर भी प्रशासन की कार्रवाई हुई है, जिसमें एक पत्रकार के मकान को गिराना, पार्टी कार्यकर्ताओं के राइस मिल और पेट्रोल पंप को सील करना शामिल है। ननकीराम कंवर ने इसे भी कलेक्टर की पक्षपातपूर्ण कार्रवाई बताया है।
राजनीतिक हलचल बढ़ी
पूर्व मंत्री का आरोप और धरने की कोशिश ने प्रदेश में सियासी गर्माहट बढ़ा दी है। ननकीराम कंवर के बयान से भाजपा के आंतरिक विरोधाभास भी उजागर हो रहे हैं, जहां वरिष्ठ नेता अपने ही सरकार के खिलाफ खुलकर विरोध जता रहे हैं। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि यह विवाद आगामी चुनावों से पहले भाजपा के लिए चुनौती बन सकता है। रायपुर में ननकीराम कंवर के नजरबंद होने और भ्रष्टाचार के आरोपों ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में नया मोड़ ला दिया है। केंद्र और राज्य सरकार की छवि को यह विवाद प्रभावित कर सकता है। जनता के बीच बढ़ती नाराजगी और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदमों की मांग को देखते हुए अब प्रशासन के लिए जल्द और पारदर्शी जांच करना आवश्यक है।
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