NASA Moon Mission :
NASA Moon Mission : विश्व के अंतरिक्ष इतिहास में आज एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) के महत्वाकांक्षी आर्टेमिस II मिशन के अंतरिक्ष यात्रियों ने चंद्रमा के बेहद करीब पहुंचकर अपना ऐतिहासिक 7 घंटे का फ्लाईबाई शुरू कर दिया है। इस मिशन के दौरान एक समय ऐसा भी आया जब पूरी दुनिया की सांसें थम गईं, क्योंकि अंतरिक्ष यात्रियों को लगभग 40 मिनट तक ‘ब्लैकआउट’ की स्थिति का सामना करना पड़ा। इस अवधि के दौरान ओरियन अंतरिक्ष यान का पृथ्वी से संपर्क पूरी तरह टूट गया था। हालांकि, इस सन्नाटे के बाद जैसे ही दोबारा सिग्नल मिले, वैज्ञानिकों और अंतरिक्ष प्रेमियों में खुशी की लहर दौड़ गई।
आर्टेमिस II के क्रू ने इस सफर के दौरान एक ऐसा कीर्तिमान स्थापित किया है जिसे आने वाली पीढ़ियां याद रखेंगी। टीम ने वर्ष 1970 में अपोलो 13 मिशन द्वारा बनाए गए सबसे अधिक दूरी के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। अपोलो 13 के अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी से 2,48,655 मील की दूरी तक गए थे, लेकिन आर्टेमिस II के ओरियन यान ने 2,52,756 मील (4,06,771 किमी) की अधिकतम दूरी तय कर नया वैश्विक रिकॉर्ड बना दिया है। यह मानव इतिहास में किसी भी मानवयुक्त यान द्वारा तय की गई अब तक की सबसे लंबी दूरी है। अंतरिक्ष यात्रियों ने चंद्रमा के उस ‘डार्क साइड’ (दूरस्थ हिस्से) को अपनी आंखों से देखा, जो आज तक मानवीय दृष्टि से ओझल था।
न्यूज एजेंसी AFP की रिपोर्ट के अनुसार, जैसे ही ब्लैकआउट खत्म हुआ और सिग्नल वापस आए, अंतरिक्ष यात्री क्रिस्टीना कोच ने भावुक होते हुए कहा, “धरती से दोबारा संपर्क स्थापित करके बहुत अच्छा लग रहा है।” उन्होंने इस चुनौतीपूर्ण सफर के दौरान अपने साथियों और पृथ्वी पर मौजूद टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। कोच ने कहा कि ब्रह्मांड की अनंत गहराइयों में होने के बावजूद, हम हमेशा अपनी मातृभूमि पृथ्वी और एक-दूसरे के साथ को ही चुनेंगे। यह संदेश मानवता के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि विज्ञान का अंतिम लक्ष्य मानवता की सेवा ही है।
मिशन के एक अन्य महत्वपूर्ण सदस्य जेरेमी हैनसेन ने इस उपलब्धि को भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा बताया। उन्होंने कहा कि यह क्षण न केवल हमारी पीढ़ी के लिए गर्व का है, बल्कि अगली पीढ़ी को चुनौती देने का भी है। हैनसेन ने इच्छा जताई कि यह नया रिकॉर्ड लंबे समय तक न बना रहे और जल्द ही आने वाले मिशन इससे भी आगे की दूरियां तय करें। रात लगभग 9:20 बजे तक चंद्रमा के निकट से गुजरने की प्रक्रिया जारी रहेगी। इसके बाद अंतरिक्ष यात्री एक दुर्लभ खगोलीय घटना के साक्षी बनेंगे, जब सूर्य चंद्रमा के पीछे छिप जाएगा और उन्हें अंतरिक्ष से सूर्य ग्रहण का अद्भुत नजारा दिखेगा।
चंद्रमा की सतह के करीब पहुंचने पर अंतरिक्ष यात्रियों ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया। पृथ्वी से हम चंद्रमा को जिस सफेद और चमकीले ग्रे रंग में देखते हैं, करीब से वह वैसा बिल्कुल नहीं है। अंतरिक्ष यात्री क्रिस्टीना कोच ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि पास से देखने पर चंद्रमा काफी हद तक ब्राउन यानी भूरे रंग का दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि ओरियन की खिड़की से हम जितना ज्यादा चंद्रमा की सतह का अवलोकन कर रहे हैं, उसकी रंगत उतनी ही अधिक भूरी और मिट्टी जैसी नजर आ रही है। यह जानकारी चंद्रमा की भौगोलिक बनावट को समझने के लिए वैज्ञानिकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी।
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