Jagdalpur Municipal Corporation
Jagdalpur Municipal Corporation : नगर पालिक निगम जगदलपुर के करदाताओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए संपत्ति कर और अन्य नगरीय शुल्कों को जमा करने की अंतिम तिथि, जो पहले 31 मार्च 2026 निर्धारित थी, उसे अब बढ़ाकर 30 अप्रैल 2026 कर दिया गया है। राज्य सरकार ने नागरिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस विस्तार का मुख्य उद्देश्य उन लोगों को एक और अवसर प्रदान करना है जो किसी कारणवश समय सीमा के भीतर अपना कर जमा नहीं कर पाए थे। अब शहर के नागरिक बिना किसी अतिरिक्त वित्तीय बोझ के अपने दायित्वों को पूरा कर सकते हैं।
सामान्य नियमों के अनुसार, वित्तीय वर्ष की समाप्ति के बाद टैक्स जमा करने पर भारी अधिभार लगाया जाता है। हालांकि, इस विशेष छूट के तहत 30 अप्रैल तक कर जमा करने वाले नागरिकों को 10% की पेनल्टी नहीं देनी होगी। राज्य शासन के इस कदम से मध्यम वर्गीय परिवारों और व्यापारियों को बड़ी राहत मिली है। यदि कोई करदाता इस विस्तारित समय सीमा यानी 30 अप्रैल के बाद अपना बकाया भुगतान करता है, तो उसे अनिवार्य रूप से 10 प्रतिशत अतिरिक्त अधिभार (पेनल्टी) का भुगतान करना होगा। अतः निगम प्रशासन ने अपील की है कि इस छूट की अवधि का लाभ उठाकर अतिरिक्त आर्थिक दंड से बचें।
जगदलपुर नगर निगम ने इस वित्तीय वर्ष में टैक्स वसूली के मोर्चे पर सराहनीय प्रदर्शन किया है। निगम द्वारा निर्धारित 24.21 करोड़ रुपये के कुल लक्ष्य के सापेक्ष 31 मार्च 2026 तक 19.11 करोड़ रुपये की वसूली की जा चुकी है। यह कुल लक्ष्य का लगभग 78.93% है। निगम के राजस्व विभाग द्वारा चलाए गए सघन वसूली अभियानों और वार्ड स्तर पर लगाए गए शिविरों के कारण पिछले वर्षों की तुलना में इस बार राजस्व संग्रह में सुधार देखा गया है। शेष राशि की वसूली के लिए विभाग अब इस एक महीने की अतिरिक्त अवधि में सक्रिय रूप से कार्य करेगा।
विभिन्न मदों में हुई वसूली का विश्लेषण करें तो संपत्ति कर (Property Tax) में निगम ने रिकॉर्ड तोड़ सफलता हासिल की है। कुल 6.76 करोड़ रुपये के लक्ष्य के विरुद्ध निगम ने 6.63 करोड़ रुपये वसूल लिए हैं, जो कि 98.04% की बड़ी उपलब्धि है। हालांकि, जल कर (Water Tax) के मामले में स्थिति इसके विपरीत है। जल कर के लिए निर्धारित 8.25 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले केवल 2.48 करोड़ रुपये ही प्राप्त हुए हैं, जो मात्र 30.08% है। दुकानों के किराये के मद से भी निगम के खजाने में 1.80 करोड़ रुपये आए हैं। जल कर की कम वसूली निगम के लिए आगामी दिनों में बड़ी चुनौती साबित हो सकती है।
महापौर संजय पांडेय ने शहर के जागरूक नागरिकों से आग्रह किया है कि वे इस रियायती अवधि का पूरा लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि समय पर टैक्स जमा करने से न केवल नागरिक पेनल्टी से बचते हैं, बल्कि उन्हीं पैसों से शहर के विकास कार्यों जैसे सड़क, बिजली और सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाया जाता है। राजस्व सभापति संग्राम सिंह राणा ने इस छूट के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और नगरीय निकाय मंत्री अरुण साव का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि सरकार की मंशा करदाताओं को प्रताड़ित करने की नहीं, बल्कि उन्हें सहूलियत प्रदान करने की है।
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