Navya Malik accused : मुंबई से रायपुर तक ड्रग तस्करी के एक बड़े मामले में इंटीरियर डिजाइनर नव्या मलिक की गिरफ्तारी ने मीडिया और आम जनता दोनों में हलचल मचा दी है। नव्या पर क्लब, पब, फार्महाउस समेत कई वीवीआईपी पार्टियों में ड्रग्स सप्लाई करने का आरोप है। पुलिस की जांच के दौरान सामने आए चौंकाने वाले खुलासे इस मामले को और गंभीर बना रहे हैं।

नव्या मलिक का ड्रग्स नेटवर्क: मुंबई, दिल्ली से छत्तीसगढ़ तक
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, नव्या जिस ड्रग्स गैंग का हिस्सा थी, वह ड्रग्स को मुंबई, दिल्ली और पंजाब से छत्तीसगढ़ तक तस्करी करता था। इसके अलावा उसके कनेक्शन पाकिस्तान समेत अन्य देशों तक भी फैले हुए हैं। नव्या के संपर्क में कई विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के छात्र भी थे, जिससे ड्रग्स का नेटवर्क और व्यापक होता गया।

डिजाइनिंग से ड्रग पैडलिंग तक का चौंकाने वाला सफर
30 वर्षीय नव्या मलिक मूल रूप से इंटीरियर डिजाइनिंग की छात्रा थी, साथ ही फैशन डिजाइनिंग का भी कोर्स कर रही थी। अक्सर फैशन शो और नाइट पार्टीज़ में हिस्सा लेने वाली नव्या को ड्रग्स की लत लग गई। धीरे-धीरे वह इस काले धंधे में घिरी और ड्रग पैडलर बन गई। अपने मॉडलिंग करियर के चलते नव्या के लिए यह काम ज्यादा मुश्किल नहीं था। शुरूआत में उसने दिल्ली से ड्रग्स मंगवाना शुरू किया, फिर पंजाब, हरियाणा और मुंबई तक उसके नेटवर्क का विस्तार हुआ।
वीवीआईपी इलाकों में ड्रग्स सप्लाई, बड़ा कनेक्शन सामने आया
नव्या पर आरोप है कि वह वीवीआईपी इलाकों, बड़े होटलों और फार्महाउस में ड्रग्स सप्लाई करती थी। पुलिस जांच में सामने आया है कि उसका संबंध एक शराब कारोबारी के बेटे से भी था, जिसे नव्या ने स्वीकार किया। नव्या की व्हाट्सएप चैट और बैंक ट्रांजेक्शन की मदद से पुलिस ने 600 से अधिक ड्रग उपभोक्ताओं की पहचान की है।
राजनीतिक बयानबाजी और सियासी दबाव
इस मामले ने राजनीतिक गलियारों में भी हलचल मचा दी है। बीजेपी सांसद संतोष पांडेय ने कांग्रेस पर नव्या मलिक का समर्थन करने का आरोप लगाया। वहीं, बीजेपी सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने नव्या और ढेबर परिवार के नशे के कनेक्शन पर टिप्पणी की। कांग्रेस ने इस आरोपों को खारिज करते हुए, युवाओं को रोजगार न मिलने और पाकिस्तान से ड्रग्स की तस्करी के मुद्दे को उठाया। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने भाजपा पर देश को बर्बाद करने का आरोप लगाया।
पुलिस की अगली कार्रवाई
पुलिस नव्या मलिक के जरिए अन्य ड्रग्स सिंडिकेट तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। कई अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जांच भी तेज हो गई है। MDMA, हेरोइन जैसी खतरनाक ड्रग्स की सप्लाई के मामले में नव्या की भूमिका को लेकर आगे की छानबीन जारी है।
मुंबई-रायपुर ड्रग तस्करी केस ने एक बार फिर युवाओं में बढ़ती ड्रग्स की लत और इसकी आपूर्ति की जटिलता को उजागर किया है। नव्या मलिक जैसे हाई प्रोफाइल केस यह दिखाते हैं कि ड्रग्स की समस्या सिर्फ समाज का निचला तबका ही नहीं बल्कि उच्च वर्ग तक भी पहुंच चुकी है। इस मामले की जांच के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता और कड़े कानूनों की भी जरूरत महसूस की जा रही है।
Read More : Raipur fake officer: रायपुर में नकली क्राइम ब्रांच अधिकारी का खुलासा, सिस्टम की चूक पर उठे सवाल










