Bad Condition Of Health Services : स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सख्ती दिखाते हुए सरगुजा संभागीय संयुक्त संचालक डॉ. अनिल कुमार शुक्ला ने बुधवार 08 अक्टूबर को आकस्मिक निरीक्षण कर कई गंभीर अनियमितताओं का खुलासा किया। डॉ. शुक्ला ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय बलरामपुर तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र प्रतापपुर (जिला सूरजपुर) का निरीक्षण किया, जहाँ उन्हें स्वास्थ्य व्यवस्था में भारी लापरवाही और अनुशासनहीनता देखने को मिली।

बलरामपुर सीएमएचओ कार्यालय में हाजिरी गड़बड़


निरीक्षण के दौरान अधिकांश कर्मचारी शासन द्वारा निर्धारित समय (सुबह 10 बजे) तक अपने कार्यस्थल पर उपस्थित नहीं पाए गए। इस पर डॉ. शुक्ला ने सीएमएचओ बलरामपुर को निर्देशित किया कि वे अपने स्तर पर आकस्मिक निरीक्षण कर कार्रवाई सुनिश्चित करें। कार्यालय में अनुपस्थित पाए गए कर्मचारियों में आर.एस.बी.वाई के दिवेश श्रीवास्तव, स्टोर कीपर अरबिंद पटवा, सहायक ग्रेड-02 अवरेष टोप्पो, भृत्य सुनिल सिंह सेंगर, चौकीदार जोखू सिंह सहित कई अन्य शामिल हैं। सभी अनुपस्थित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
प्रतापपुर स्वास्थ्य केन्द्र में गंदगी और अव्यवस्था

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र प्रतापपुर के निरीक्षण में भी कई गंभीर कमियाँ पाई गईं। परिसर में साफ-सफाई का अभाव, दवाइयों का अस्त-व्यस्त रख-रखाव, और मैन्युफैक्चरिंग/एक्सपायरी डेट के बिना दवाइयाँ पाई गईं। ड्रेसिंग रूम, वॉशरूम और टॉयलेट अस्वच्छ स्थिति में मिले, वहीं मरीजों की वार्ड व्यवस्था में भी गड़बड़ी मिली, महिला वार्ड में पुरुष मरीज और पुरुष वार्ड में महिला मरीज भर्ती थे। इसके अलावा स्वास्थ्य केन्द्र परिसर में संचालित निजी दवा दुकान को भी बाहर शिफ्ट करने का निर्देश दिया गया है।
निरीक्षण के दौरान डॉ. शुक्ला ने बताया कि अनुपस्थित पाए गए चिकित्सा अधिकारी और स्टाफ नर्स जिनमें डॉ. विकास सिंह, डॉ. निमेष दूबे, स्टाफ नर्स सुनिता श्रेष्ठ, फार्मासिस्ट सचिन पैकरा, एएनएम जैसला सहित कई कर्मचारी शामिल हैं। सभी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
आगे कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
डॉ. शुक्ला ने कहा कि इन संस्थाओं में पाई गई लापरवाहियों पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बलरामपुर और सूरजपुर को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि आगामी निरीक्षणों में यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी अपने कार्य से अनुपस्थित पाया गया, तो उसके विरुद्ध निलंबन की कार्यवाही की जाएगी और इसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी की स्वयं की होगी।
“स्वास्थ्य सेवाएँ जनता की पहली ज़रूरत हैं। शासन की योजनाएँ तभी सफल होंगी जब जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारी अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करें।”
डॉ. अनिल कुमार शुक्ला संभागीय संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएँ, सरगुजा संभाग अंबिकापुर।










