Nepal Bus Accident
Nepal Bus Accident: भारत के पिथौरागढ़ से सटी नेपाली सीमा के पास बैतडी जिले में एक अत्यंत हृदय विदारक सड़क दुर्घटना हुई है। खुशियों के माहौल में जा रही एक बरात उस समय मातम में बदल गई, जब यात्रियों से खचाखच भरी बस अनियंत्रित होकर लगभग 150 मीटर गहरी खाई में गिर गई। इस भीषण हादसे में अब तक 13 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। यह दर्दनाक वाकया गुरुवार रात को पेश आया, जिसने न केवल नेपाल बल्कि सीमा से सटे भारतीय गांवों में भी शोक की लहर दौड़ा दी है।
हादसे का विवरण देते हुए स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि बरात बैतडी के पुरचुंणी नगरपालिका स्थित भवने गांव से दुल्हन को लेकर बजांग के सुनकुडा की ओर जा रही थी। जैसे ही बस पुरचूंणी के बड़गांव मोड के पास एक संकरे और कठिन पहाड़ी रास्ते पर पहुँची, वह चढ़ाई चढ़ने में नाकाम रही। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस में क्षमता से कहीं अधिक यात्री सवार थे, जिसके कारण वाहन का इंजन लोड नहीं उठा पाया। अचानक बस पीछे की ओर लुढ़कने लगी और चालक के नियंत्रण से बाहर होकर सीधे गहरी खाई में जा गिरी।
जिला प्रहरी कार्यालय बैतडी के अनुसार, इस तबाही में कुल 13 लोगों ने अपनी जान गंवाई है। मृतकों की सूची में 13 वर्षीय मासूम बालक अशोक राज जोशी का नाम भी शामिल है, जिसकी मौत ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। हादसे की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि छह बरातियों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था, जबकि सात अन्य की मृत्यु अस्पताल ले जाते समय या इलाज के दौरान हुई। पुलिस ने शवों का पंचनामा कर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
हादसे की सूचना मिलते ही नेपाल सशस्त्र पुलिस बल (APF), स्थानीय पुलिस और आसपास के ग्रामीण बचाव कार्य के लिए मौके पर दौड़ पड़े। अंधेरी रात और दुर्गम पहाड़ी ढलान होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। टॉर्च और मोबाइल की रोशनी के सहारे रेस्क्यू टीम ने खाई में फंसे घायलों को बाहर निकाला। पुलिस महानिरीक्षक ने बताया कि सभी घायलों को समय रहते अस्पताल पहुँचाने के लिए स्थानीय एम्बुलेंस और निजी वाहनों का तत्परता से उपयोग किया गया।
इस दुर्घटना में घायल हुए 34 लोगों में से कई की स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है। गंभीर रूप से घायल पांच यात्रियों को उच्च स्तरीय चिकित्सा के लिए धनगढ़ी रेफर किया गया है, जबकि 25 अन्य का उपचार डडेलधुरा अस्पताल में चल रहा है। कोटिला अस्पताल में भी दो बरातियों ने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों की एक बड़ी टीम लगातार घायलों की जान बचाने की कोशिश कर रही है। घायलों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे अपनों की सलामती की प्रार्थना कर रहे हैं।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बस तकनीकी रूप से खराब थी और पहाड़ी सड़कों के मानकों के विपरीत उसमें ओवरलोडिंग की गई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि तेज रफ्तार और ढलान पर गियर फेल होना भी हादसे की वजह हो सकता है। नेपाल और भारतीय सीमावर्ती अधिकारियों ने इस घटना पर दुख जताते हुए पहाड़ी रास्तों पर सुरक्षा नियमों को और सख्त करने की बात कही है। यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि दुर्गम क्षेत्रों में यातायात नियमों की अनदेखी कितनी महंगी पड़ सकती है।
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