Nepal Gen Z protest: काठमांडू में हालात उस समय और बिगड़ गए, जब कुछ युवकों का एक समूह एयरपोर्ट की ओर बढ़ने लगा और वहां के गेट को नुकसान पहुंचाया। यह घटना तनावपूर्ण स्थिति का कारण बनी, जिसके बाद पुलिस ने हस्तक्षेप किया। पुलिस ने हालात को काबू में करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे। इससे पहले, प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर विरोध प्रदर्शन किया था, लेकिन एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद हालात अधिक गंभीर हो गए।
Nepal Gen Z protest: फ्लाइट्स का संचालन रुका, UML नेता का कार्यक्रम टला
हालात को बिगड़ते देख प्रशासन ने एयरपोर्ट पर फ्लाइट्स का संचालन भी रोक दिया। काठमांडू से आने वाले UML के केंद्रीय नेता ने अपना कार्यक्रम भी टाल दिया, ताकि स्थिति और अधिक न बिगड़े। इस दौरान प्रशासन ने मोर्चा संभालते हुए स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की।स्थिति को काबू में करने के लिए प्रशासन ने कर्फ्यू का भी आदेश दिया। कर्फ्यू 12:30 बजे से लेकर रात 8 बजे तक लागू किया गया था, जिसमें त्रिभुवन हाईवे के दोनों ओर 500 मीटर का क्षेत्र और एयरपोर्ट क्षेत्र को शामिल किया गया था। इस दौरान प्रशासन दिनभर सड़कों पर नजर रखे हुए था और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास करता रहा। कर्फ्यू के बावजूद, कुछ युवा प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर आकर विरोध प्रदर्शन जारी रखा।
Nepal Gen Z protest: Gen Z युवाओं का विरोध और UML का पक्ष
कर्फ्यू के बावजूद, Gen Z समूह के कुछ युवाओं ने विरोध प्रदर्शन जारी रखा। उन्होंने सड़कों पर टायर जलाए और पुलिस पर UML का पक्ष लेने का आरोप लगाया। इन युवाओं ने सात UML कार्यकर्ताओं के खिलाफ शिकायत भी दर्ज की, लेकिन अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। उनका कहना था कि UML के पक्ष में पुलिस द्वारा पक्षपाती व्यवहार किया जा रहा था। वहीं, UML ने इन प्रदर्शनकारियों के आरोपों को नकारते हुए कहा कि विरोध प्रदर्शन जानबूझकर उनके कार्यक्रम को खराब करने के लिए किया गया था।
UML का शांतिपूर्ण कार्यक्रम और 3000 लोगों की भागीदारी
विरोध प्रदर्शन और कर्फ्यू के बावजूद UML ने अपनी गतिविधियां जारी रखी। पार्टी ने परवानीपुर में अपना कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें पार्टी के अनुसार करीब 3000 लोग शामिल हुए। UML ने इसे एक शांतिपूर्ण कार्यक्रम बताया और आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शन उनके कार्यक्रम को प्रभावित करने के लिए साजिश के तहत किया गया था। पार्टी का कहना है कि Gen Z समूह का यह विरोध उनके कार्यक्रम की सफलता को रोकने का एक प्रयास था।
विरोध और सियासी तनाव का जारी रहना
इस घटनाक्रम से यह साफ हो गया कि काठमांडू में प्रदर्शन और राजनीतिक तनाव का माहौल जारी रहेगा। एक ओर जहां Gen Z समूह ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन की बात की, वहीं UML ने इसे जानबूझकर कार्यक्रम को बिगाड़ने की कोशिश बताया। फिलहाल प्रशासन ने स्थिति को काबू में रखने के लिए कर्फ्यू और अन्य सुरक्षा उपाय किए हैं, लेकिन इस तनावपूर्ण माहौल में आगामी दिनों में और भी विरोध प्रदर्शन हो सकते हैं।