Nepal Rescue Operation: भारत ने 108 भारतीयों को बचाया, 4 विमानों से भेजी 68.5 टन राहत सामग्री

नेपाल में प्राकृतिक आपदा के बीच भारत ने बड़ा राहत और बचाव अभियान चलाया है। 108 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालकर स्वदेश लाया गया। इसके अलावा चार विमानों के जरिए 68.5 टन राहत सामग्री नेपाल भेजी गई। भारत की इस मदद से प्रभावित क्षेत्रों में राहत अभियान को बड़ी मजबूती मिली है।

Nepal Rescue Operation:  नेपाल में 26 अगस्त को भोटे कोशी नदी में आई भीषण बाढ़ के बाद हालात बेहद चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। विनाशकारी बाढ़ से कई इलाकों में संपर्क व्यवस्था प्रभावित हुई और बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए। इस मुश्किल समय में भारत ने अपने पड़ोसी देश नेपाल की मदद के लिए राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। भारतीय एजेंसियां जमीनी और हवाई दोनों माध्यमों से अभियान चला रही हैं। इस दौरान बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

ads
Adst

अब तक 108 भारतीय नागरिकों का सफल रेस्क्यू

भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक, शनिवार रात 10:30 बजे तक कुल 108 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ के माध्यम से इसकी जानकारी साझा की। इसके अलावा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे 40 अन्य भारतीय नागरिकों से भी दोबारा संपर्क स्थापित किया गया है। इससे राहत एवं बचाव अभियान में जुटी टीमों को महत्वपूर्ण जानकारी मिली है।

Adst

275 भारतीय नागरिकों की तलाश अभी जारी

नेपाल और आसपास के प्रभावित क्षेत्रों में अभी भी कई भारतीय नागरिकों का पता लगाने का प्रयास जारी है। अधिकारियों के अनुसार, करीब 275 भारतीय नागरिकों और 128 भारतीय मूल के व्यक्तियों (PIOs) का पता लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। संबंधित एजेंसियां स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय करके लापता लोगों की जानकारी जुटा रही हैं और उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही हैं।

598 भारतीय नागरिक सुरक्षित नेपाल पहुंचे

स्थानीय सरकारी स्रोतों से मिली जानकारी के अनुसार, चीन की सीमा के रास्ते 598 भारतीय नागरिक सुरक्षित नेपाल में प्रवेश कर चुके हैं। वहीं, करीब 900 भारतीय नागरिक फिलहाल चीन में प्रस्थान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास इन नागरिकों के संपर्क में बना हुआ है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, चीन में मौजूद भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

मृतकों की पहचान के लिए हेल्पलाइन जारी

काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने बाढ़ में जान गंवाने वाले पीड़ितों के पार्थिव शरीर की पहचान और संबंधित सहायता के लिए हेल्पलाइन तथा ईमेल सुविधा उपलब्ध कराई है। इसका उद्देश्य प्रभावित परिवारों को जरूरी जानकारी और सहायता उपलब्ध कराना है। दूतावास राहत अभियान के साथ-साथ भारतीय नागरिकों और उनके परिवारों से जुड़े मामलों में भी समन्वय कर रहा है।

Adst

भारतीय वायुसेना ने पहुंचाई 68.5 टन राहत सामग्री

भारत ने नेपाल के राहत अभियान के लिए बड़े पैमाने पर आवश्यक सामग्री भेजी है। विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने बताया कि भारतीय वायुसेना का चौथा विमान करीब 11 टन आपातकालीन राहत सामग्री लेकर काठमांडू पहुंचा। इसके साथ भारत की ओर से अब तक कुल 68.5 टन राहत सामग्री नेपाल भेजी जा चुकी है। इससे आपदा प्रभावित लोगों तक जरूरी संसाधन पहुंचाने में मदद मिलेगी।

दवाओं से लेकर जनरेटर तक भेजे गए जरूरी सामान

भारत द्वारा भेजी गई राहत सामग्री में आवश्यक दवाएं, जीवन रक्षक सामान, पोर्टेबल जनरेटर, भोजन के पैकेट और पानी साफ करने वाली गोलियां शामिल हैं। इसके अलावा राहत एवं बचाव कार्यों में उपयोग होने वाले भारी तकनीकी उपकरण भी भेजे गए हैं। इन संसाधनों का इस्तेमाल प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं, बिजली और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को बहाल करने के लिए किया जा सकता है।

संपर्क बहाली के लिए मॉड्युलर स्टील ब्रिज भेजे

बाढ़ से प्रभावित नेपाल में कई स्थानों पर सड़क और जमीनी संपर्क टूट गया है। इसे बहाल करने के लिए भारत ने इंफ्रास्ट्रक्चर सहायता भी बढ़ाई है। डॉ. जयशंकर के अनुसार, 230 फीट लंबे सिंगल लेन मॉड्युलर स्टील ब्रिज के उपकरण लेकर 16 ट्रक नेपाल पहुंच चुके हैं। इन पुलों के जरिए महत्वपूर्ण मार्गों पर आवागमन दोबारा शुरू करने में मदद मिलेगी।

सात अतिरिक्त बेली ब्रिज के लिए तैयारी

भारत जल्द ही सात अतिरिक्त बेली ब्रिज के उपकरण भी नेपाल भेजने की तैयारी कर रहा है। इन्हें तेजी से स्थापित करने के लिए भारतीय तकनीकी विशेषज्ञों की टीम भी नेपाल जाएगी। इसका उद्देश्य बाढ़ से कटे प्रमुख मार्गों और क्षेत्रों के बीच संपर्क जल्द बहाल करना है। परिवहन व्यवस्था बहाल होने से राहत सामग्री पहुंचाने और प्रभावित लोगों तक बचाव दलों की पहुंच आसान हो सकेगी।

नेपाल सरकार ने बढ़ाई निगरानी

बाढ़ के बाद नेपाल की सरकारी मशीनरी भी राहत और बचाव अभियान में पूरी क्षमता से जुटी हुई है। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने शनिवार को कहा कि जब तक प्रत्येक बाढ़ प्रभावित नागरिक सुरक्षित नहीं हो जाता और उसका पुनर्वास नहीं किया जाता, तब तक सरकार हाई अलर्ट पर रहेगी। प्रशासनिक टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार स्थिति का जायजा ले रही हैं।

चौबीस घंटे जारी है राहत और बचाव अभियान

नेपाल में भारतीय दूतावास, बचाव दल और स्थानीय प्रशासन मिलकर लगातार खोज एवं बचाव अभियान चला रहे हैं। प्राथमिकता फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने, लापता नागरिकों का पता लगाने और प्रभावित क्षेत्रों तक जरूरी राहत सामग्री पहुंचाने की है। भारत की ओर से हवाई राहत सामग्री और तकनीकी सहायता के साथ जमीनी स्तर पर भी सहयोग जारी है। आने वाले दिनों में संपर्क बहाली और पुनर्वास अभियान पर विशेष जोर रहने की उम्मीद है।

Read More : NEET PG Exam 2026 : NEET PG परीक्षा में एंट्री को लेकर बड़ा अपडेट, ड्रेस कोड समेत नियम जानें

Adst
Chandan Das

Chandan Das

Writer & Blogger

All Posts
पिछले पोस्ट
अगला पोस्ट

ताज़ा खबरे

  • All Posts
  • FIFA World Cup 2026
  • Thetarget365
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अन्य
  • अपराध
  • कारोबार
  • कृषि
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • टेक
  • ट्रेंड
  • ताज़ा खबर
  • धर्म
  • पशु-पक्षी
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय
  • विचार/लेख
  • शिक्षा और नौकरी
  • साहित्य/मीडिया
  • सेहत-फिटनेस

© 2026 | All Rights Reserved | Thetarget365.com | Made By Top News Portal Development Company

Contacts

Call Us At – +91-:9406130006
WhatsApp – +91 62665 68872
Mail Us At – thetargetweb@gmail.com
Meet Us At – Shitla Ward, Ambikapur Dist. Surguja Chhattisgarh.497001.

Adst