NIT Raipur Convocation 2026 : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) का 17वां दीक्षांत समारोह मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया। समारोह में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर संस्थान के कुल 1,364 विद्यार्थियों को स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी की उपाधियां प्रदान की गईं। शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए 51 पदकों से मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया गया।
विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका अहम
समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने विद्यार्थियों से विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश ऊर्जा, स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि और आपूर्ति श्रृंखला जैसे क्षेत्रों में कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। युवाओं को इन चुनौतियों को अवसर मानकर नए समाधान और तकनीक विकसित करनी चाहिए।

उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित रखना नहीं, बल्कि कौशल आधारित, व्यावहारिक और रोजगारोन्मुखी शिक्षा देना है। उनके अनुसार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक विनिर्माण तकनीक भविष्य की अर्थव्यवस्था और रोजगार के महत्वपूर्ण आधार बनेंगे। उन्होंने सिलिकॉन वैली में भारतीय तकनीकी विशेषज्ञों की उल्लेखनीय मौजूदगी का उदाहरण देते हुए युवाओं से अपनी प्रतिभा का उपयोग देश और समाज के हित में करने का आह्वान किया।

सात सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का उद्घाटन
दीक्षांत समारोह के दौरान केंद्रीय मंत्री ने एनआईटी रायपुर में सात अत्याधुनिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का उद्घाटन किया। इनमें इंडिया एआई छत्तीसगढ़ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ऑन क्रिटिकल मिनरल्स, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन कम्प्यूटेशनल मैकेनिक्स, सेंटर ऑफ स्पेस एंड इंटरप्लेनेटरी एक्सप्लोरेशन (COSINE), मैराल सेंटर फॉर इनोवेशन इन रूरल एंड ट्राइबल हेल्थ, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर एयरोस्पेस एंड ऑटोनॉमस टेक्नोलॉजीज और सेंटर फॉर नैनोसाइंस एंड सस्टेनेबल एनर्जी टेक्नोलॉजीज शामिल हैं।
इन केंद्रों के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अंतरिक्ष अनुसंधान, महत्वपूर्ण खनिज, एयरोस्पेस, जनजातीय स्वास्थ्य और स्वच्छ ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में शोध को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही विद्यार्थियों, वैज्ञानिकों और उद्योग जगत के बीच सहयोग के नए अवसर विकसित होंगे।

1,364 विद्यार्थियों को उपाधियां, 51 पदक वितरित
संस्थान के अनुसार इस वर्ष 976 विद्यार्थियों को स्नातक, 283 को स्नातकोत्तर और 105 विद्यार्थियों को पीएचडी की उपाधि दी गई। कुल 51 पदकों में 25 स्वर्ण, 25 रजत और एक संस्थान स्वर्ण पदक शामिल रहा। बीटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग की छात्रा आत्मिका गांगेली को ओवरऑल टॉपर घोषित किया गया।
बुनियादी ज्ञान और आधुनिक तकनीक दोनों जरूरी
एनआईटी रायपुर के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष डॉ. सुरेश हावरे ने कहा कि दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों के जीवन की नई यात्रा का आरंभ है। उन्होंने कहा कि डिग्री हासिल करने वाले युवा भविष्य के इंजीनियर, वैज्ञानिक, उद्यमी और नेतृत्वकर्ता हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑटोमेशन के दौर में नई तकनीक अपनाने के साथ मूलभूत वैज्ञानिक सिद्धांतों की समझ बनाए रखना भी जरूरी है।
रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत कई खनिजों के लिए आयात पर निर्भर है। अनुसंधान संस्थानों को इनके देश में अन्वेषण और उपयोग के लिए नई तकनीक विकसित करनी चाहिए।
कोयले और धातुकर्म में अनुसंधान की जरूरत
सीएसआईआर की महानिदेशक डॉ. एन. कलैसेल्वी ने कोयला और धातुकर्म के क्षेत्र में अनुसंधान की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक से कोयले की मूल्य श्रृंखला को अधिक उपयोगी बनाया जा सकता है। साथ ही कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन घटाने वाली तकनीकों के विकास पर भी ध्यान देना आवश्यक है।
एनआईटी रायपुर को मिले 821 प्लेसमेंट ऑफर
संस्थान के निदेशक प्रो. एन. वी. रमण राव ने वार्षिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि वर्ष 2026 के बैच को कुल 821 प्लेसमेंट ऑफर मिले हैं। इस दौरान सर्वोच्च वार्षिक पैकेज 60 लाख रुपये रहा। संस्थान ने टाइम्स हायर एजुकेशन वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में 1201 से 1400 के समूह में स्थान हासिल किया है। संस्थान के 18 संकाय सदस्यों और चार विद्यार्थियों को स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय की विश्व के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में जगह मिली है।
राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन
कार्यक्रम में अतिथियों ने मेधावी विद्यार्थियों को पदक और उपाधियां प्रदान कीं। अंत में अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट किए गए और राष्ट्रगान के साथ समारोह संपन्न हुआ। सात नए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की शुरुआत को संस्थान में विज्ञान, अनुसंधान और तकनीकी नवाचार के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


