Nitish Kumar decision : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार के युवाओं के लिए एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि सरकारी शिक्षकों की बहाली में अब राज्य के निवासियों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि TRE-4 परीक्षा से डोमिसाइल पॉलिसी को लागू किया जाएगा। इसके लिए शिक्षा विभाग को नियमों में संशोधन के निर्देश दे दिए गए हैं। साथ ही 2026 में आयोजित होने वाली TRE-5 परीक्षा से पहले STET परीक्षा आयोजित कराने के भी आदेश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नवंबर 2005 से सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। बड़ी संख्या में शिक्षकों की नियुक्तियां की गई हैं और यह नई डोमिसाइल नीति शिक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाएगी। उन्होंने युवाओं से STET की तैयारी अभी से शुरू करने की अपील की है ताकि वे समय पर इन अवसरों का लाभ उठा सकें।
एक अगस्त 2025 को मुख्यमंत्री ने घरेलू उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए 125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना लागू करने की घोषणा की थी। इस योजना से राज्य के लगभग 1.67 करोड़ परिवारों को फायदा होगा। इसका असर जुलाई 2025 के बिजली बिल में दिखाई देना शुरू हो गया है। योजना के लिए 2025-26 के बजट में 3797 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। आने वाले तीन वर्षों में राज्य सरकार घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने की भी योजना बना रही है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में काम कर रहीं आशा और ममता कार्यकर्ताओं के लिए भी बड़ी घोषणा की है। आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय 1000 रुपये से बढ़ाकर 3000 रुपये कर दिया गया है, जबकि ममता कार्यकर्ताओं को अब 300 रुपये के बजाय 600 रुपये मिलेंगे। इस कदम से जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं और सुदृढ़ होंगी।
राज्य सरकार ने युवाओं को रोजगार, प्रशिक्षण और सशक्तिकरण के अवसर प्रदान करने के लिए ‘युवा आयोग’ के गठन की भी घोषणा की है। आयोग में अध्यक्ष और सदस्यों की उम्र 45 वर्ष से अधिक नहीं होगी। यह आयोग युवा नीति और योजनाओं को बेहतर तरीके से क्रियान्वित करने में सहायक बनेगा।
शिक्षा से जुड़े अन्य कर्मियों को भी सरकार ने राहत दी है। स्कूलों में कार्यरत रसोइयों, सुरक्षा गार्डों और फिजिकल व हेल्थ इंस्ट्रक्टर्स का मानदेय अब दोगुना कर दिया जाएगा। इससे शिक्षा से जुड़ी बुनियादी सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है।
महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 35% हॉरिजॉन्टल आरक्षण पहले से मिलता रहा है, लेकिन अब इस पर डोमिसाइल नीति लागू कर दी गई है। यानी अब केवल बिहार की निवासी महिलाएं ही इस आरक्षण का लाभ ले सकेंगी। इससे पढ़ी-लिखी महिलाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे।
राज्य सरकार ने सामाजिक सुरक्षा के तहत दी जाने वाली पेंशन राशि को भी बढ़ाया है। अब लाभार्थियों को हर महीने 400 रुपये के बजाय 1100 रुपये मिलेंगे। इससे राज्य के 1 करोड़ 11 लाख से अधिक बुजुर्ग, विधवा, दिव्यांग और असहाय नागरिकों को सीधा फायदा मिलेगा।
स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी जीविका दीदियों को भी सरकार ने राहत दी है। यदि वे तीन लाख रुपये से अधिक का बैंक लोन लेती हैं, तो उन्हें उस पर 3% ब्याज की छूट मिलेगी। इससे ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मदद मिलेगी।
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