Ukraine Russia war : यूक्रेन की सुरक्षा सेवा (SBU) ने दावा किया है कि उसकी सेना ने रूस के कब्जे वाले क्रीमिया में स्थित साकी एयरबेस पर बड़ा हमला किया है। इस ड्रोन हमले में रूस के कम से कम चार Su-30SM लड़ाकू विमानों को नुकसान पहुंचा है। बताया गया कि एक विमान पूरी तरह नष्ट हो गया, जबकि तीन अन्य को आंशिक रूप से क्षति पहुंची है। यूक्रेन ने इस ऑपरेशन को अपनी सैन्य सफलता के रूप में बताया है।

समुद्री ड्रोन ने गिराया हवा में उड़ता फाइटर जेट
यूक्रेन की रक्षा खुफिया एजेंसी (GUR) ने भी 2 मई 2025 को दावा किया था कि उसके विशेष दस्ते “ग्रुप-13” ने काला सागर के पास नोवोरोस्सिय्स्क बंदरगाह के पश्चिम में 50 किलोमीटर दूर एक रूसी Su-30SM फाइटर जेट को मार गिराया। यह दावा इसलिए खास है क्योंकि यह दुनिया की पहली घटना है जिसमें समुद्री ड्रोन (Magura V5 या V7) ने हवा में उड़ रहे विमान को निशाना बनाया है।

अमेरिकी AIM-9 मिसाइल से हुआ हमला
यूक्रेनी सेना ने बताया कि ड्रोन बोट्स ने अमेरिका से मिली AIM-9 साइडवाइंडर मिसाइलों का उपयोग किया। इन मिसाइलों की खासियत यह है कि ये इन्फ्रारेड होमिंग सिस्टम से लक्ष्य को बिना रडार चेतावनी के पहचानकर तबाह कर सकती हैं। हमले के वक्त फाइटर जेट का पायलट विमान से इजेक्ट कर गया और उसे एक पैसेंजर क्रूज जहाज ने रेस्क्यू कर लिया।
क्या है Su-30SM3 की ताकत और कीमत?
Su-30SM3 रूस का एडवांस मल्टीरोल फाइटर जेट है जिसकी कीमत लगभग 50 मिलियन डॉलर (करीब 415 करोड़ रुपये) है। यह विमान उच्च गति, लंबी दूरी और कई प्रकार के मिशनों में सक्षम है। फिलहाल यह रूस द्वारा कब्जा किए गए क्रीमिया क्षेत्र में साकी एयरबेस पर तैनात था, जो अब यूक्रेनी ड्रोन की पहुंच में आ गया है।
रूस के सैन्य ब्लॉगर्स ने मानी नुकसान की बात
हालांकि रूस के रक्षा मंत्रालय ने अब तक इस हमले को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन रूस के जाने-माने सैन्य ब्लॉगर्स Rybar और Fighterbomber ने पुष्टि की है कि यूक्रेनी ड्रोन ने R-73 मिसाइल का इस्तेमाल कर Su-30SM विमान को गिराया है। यह भी बताया गया है कि इससे पहले दिसंबर 2024 में यूक्रेन ने इसी तरह से रूस का Mi-8 हेलीकॉप्टर भी गिराया था।
युद्ध की शुरुआत और वर्तमान हालात
रूस-यूक्रेन युद्ध की शुरुआत 2014 में क्रीमिया पर कब्जे से हुई थी, लेकिन फरवरी 2022 में रूस के पूर्ण हमले के बाद युद्ध ने भयावह रूप ले लिया। अगस्त 2025 तक रूस ने यूक्रेन के लगभग 20% हिस्से पर कब्जा कर लिया है। हालांकि यूक्रेन अपनी नई ड्रोन स्ट्रेटेजी और पश्चिमी हथियारों के सहयोग से लगातार जवाबी कार्रवाई कर रहा है।
युद्ध के मानवीय और सैन्य परिणाम
इस युद्ध ने यूरोप में द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे अधिक सैन्य और मानवीय संकट खड़ा किया है। लाखों यूक्रेनी नागरिक बेघर हो चुके हैं और हजारों सैनिक व आम नागरिकों की जान जा चुकी है। दोनों देशों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है, लेकिन यूक्रेन की हालिया तकनीकी और रणनीतिक जीत इसे नई दिशा दे रही है।
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