Nobel Prize 2025: छह अक्टूबर 2025 से शुरू होकर 13 अक्टूबर तक विश्व के सबसे प्रतिष्ठित और सम्मानित नोबेल पुरस्कारों की घोषणा की जाएगी। इस बार भी विज्ञान, साहित्य, शांति सहित विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले विजेताओं का नाम उभरकर सामने आएगा। नोबेल पुरस्कारों का ऐलान करने वाली समितियां शुद्ध वैज्ञानिक उपलब्धियों से लेकर मानवता की सेवा तक के उन व्यक्तियों और संगठनों को सम्मानित करती हैं, जिन्होंने मानव जाति के लिए अनमोल योगदान दिया है। आइए जानते हैं नोबेल पुरस्कारों की शुरुआत, कैटेगरी, चयन प्रक्रिया और उनकी वैश्विक प्रतिष्ठा के बारे में।

नोबेल पुरस्कार की शुरुआत कब और कैसे हुई?
नोबेल पुरस्कार की स्थापना अल्फ्रेड नोबेल की मृत्यु के बाद उनकी वसीयत के अनुसार हुई। अल्फ्रेड नोबेल एक स्वीडिश वैज्ञानिक, उद्योगपति और आविष्कारक थे, जिन्होंने डायनामाइट के आविष्कार से विश्वभर में प्रसिद्धि पाई। अपनी अधिकांश संपत्ति उन्होंने 1895 में जारी की गई वसीयत के जरिए उन लोगों के लिए पुरस्कार के रूप में छोड़ दी, “जिन्होंने मानवता के लिए सबसे बड़ा उपकार किया हो।” पहली बार ये पुरस्कार 1901 में प्रदान किए गए और तब से यह विश्वभर में सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार माने जाते हैं।

नोबेल पुरस्कार की प्रमुख श्रेणियां
अल्फ्रेड नोबेल की वसीयत के अनुसार नोबेल पुरस्कार छह प्रमुख श्रेणियों में दिए जाते हैं:
फिजियोलॉजी या मेडिसिन
भौतिकी (फिजिक्स)
रसायन विज्ञान (केमिस्ट्री)
साहित्य
शांति पुरस्कार
अर्थशास्त्र (यह पुरस्कार 1968 में स्वीडिश सेंट्रल बैंक द्वारा स्थापित किया गया)
2025 में कब-कब होगी नोबेल पुरस्कार की घोषणा?
6 अक्टूबर: फिजियोलॉजी या मेडिसिन पुरस्कार का ऐलान, कारोलिंस्का इंस्टीट्यूट, वॉलेनबर्गसलेन से।
7 अक्टूबर: भौतिकी पुरस्कार का ऐलान, रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज, स्टॉकहोम से।
9 अक्टूबर: साहित्य के नोबेल पुरस्कार की घोषणा, स्टॉकहोम से।
10 अक्टूबर: शांति पुरस्कार की घोषणा, नॉर्वे से, जो अक्सर सबसे ज्यादा चर्चा का विषय रहता है।
आगे के दिन: अर्थशास्त्र सहित अन्य पुरस्कारों का ऐलान।
नोबेल शांति पुरस्कार क्यों नॉर्वे में दिया जाता है?
नोबेल पुरस्कार ज्यादातर स्वीडन में प्रदान किए जाते हैं, लेकिन शांति पुरस्कार नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में दिया जाता है। इसका कारण यह है कि अल्फ्रेड नोबेल ने अपनी वसीयत में स्पष्ट किया था कि शांति पुरस्कार की चयन समिति नॉर्वे की संसद द्वारा नियुक्त हो। उस समय स्वीडन और नॉर्वे एक ही संघ में थे, इसलिए यह व्यवस्था की गई थी। नोबेल पुरस्कारों की आधिकारिक वेबसाइट पर भी इस विषय पर विस्तार से जानकारी दी गई है।
पुरस्कार राशि और स्वरूप
नोबेल पुरस्कार विजेताओं को पुरस्कार राशि, स्वर्ण पदक और प्रमाणपत्र (डिप्लोमा) दिया जाता है। वर्तमान में प्रत्येक पुरस्कार की राशि लगभग 11 मिलियन स्वीडिश क्रोनर (लगभग 1.2 मिलियन अमेरिकी डॉलर) है। पुरस्कार के साथ 18 कैरेट का स्वर्ण पदक भी दिया जाता है, जो विजेताओं की उपलब्धियों का प्रतीक होता है।
चयन प्रक्रिया और नियम
अधिकतम तीन विजेता: एक नोबेल पुरस्कार को अधिकतम तीन लोगों के बीच बांटा जा सकता है। शांति पुरस्कार के मामले में इसे किसी संगठन को भी दिया जा सकता है।
नामांकन का रहस्य: नोबेल फाउंडेशन के नियमों के अनुसार नामांकन संबंधी जानकारी 50 साल तक गुप्त रखी जाती है।
मरणोपरांत पुरस्कार नहीं: नोबेल पुरस्कार मरणोपरांत प्रदान नहीं किया जाता, हालांकि कुछ विशिष्ट परिस्थितियों में विजेता की मृत्यु पुरस्कार की घोषणा के बाद हुई हो तो पुरस्कार दिया जा सकता है।
नोबेल दिवस और पुरस्कार समारोह
नोबेल दिवस हर वर्ष 10 दिसंबर को मनाया जाता है, जो अल्फ्रेड नोबेल की पुण्यतिथि है। इसी दिन विजेताओं को भव्य समारोह में पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं। यह समारोह स्वीडन के स्टॉकहोम और नॉर्वे के ओस्लो में होता है।
नोबेल पुरस्कार की वैश्विक प्रतिष्ठा
नोबेल पुरस्कार विज्ञान, साहित्य, और शांति के क्षेत्र में सबसे बड़ा सम्मान माना जाता है। यह पुरस्कार न केवल प्रतिभा और कड़ी मेहनत का प्रमाण है, बल्कि यह दुनिया को बेहतर बनाने वाले प्रयासों को भी प्रोत्साहित करता है। इस वजह से यह पुरस्कार विजेताओं के लिए जीवनभर की सबसे बड़ी उपलब्धि होती है।नोबेल पुरस्कार दुनिया भर में मानवता की सेवा, विज्ञान के विकास और विश्व शांति के लिए किए गए कामों का सम्मान हैं। 6 अक्टूबर से शुरू हो रही इस प्रतिष्ठित पुरस्कार श्रृंखला के जरिए हम मानवता के लिए किए गए उत्कृष्ट योगदान को याद करेंगे और उनका सम्मान करेंगे।
Read More : Bemetara factory fire: बेमेतरा में पाइप फैक्ट्री में भीषण आग, लाखों का नुकसान; कोई हताहत नहीं











