North 24 Parganas: राज्य के उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम इलाके में स्थित एक स्कूल के मुख्य गेट पर सोमवार सुबह जोरदार बम विस्फोट की घटना सामने आई। इस धमाके में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। चश्मदीदों और स्थानीय पुलिस के अनुसार, मृतक के पास दो भारी बैग थे, जिनमें से एक में बम रखा हुआ था, जो अचानक फट गया।

घटना के तुरंत बाद मौके पर फोरेंसिक टीम और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की टीम पहुंच गई है। बम धमाके की संवेदनशीलता को देखते हुए केंद्र सरकार ने इस मामले में एनआईए को जांच सौंपने का निर्णय लिया है।

विस्फोट से इलाके में दहशत
स्थानीय लोगों के मुताबिक, सुबह लगभग 8 बजे के आसपास मध्यमग्राम इलाके के एक सरकारी स्कूल के बाहर एक तेज धमाका हुआ, जिससे आसपास की इमारतें भी हिल गईं। स्कूल खुलने से पहले ही यह हादसा हो गया, जिससे एक बड़ी त्रासदी टल गई। लेकिन इस घटना ने इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि एक व्यक्ति स्कूल गेट के पास दो भारी बैग लेकर घूम रहा था। कुछ ही देर में तेज आवाज के साथ विस्फोट हुआ और व्यक्ति वहीं गिर पड़ा। उसे गंभीर रूप से घायल अवस्था में स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
घटनास्थल पर जांच जारी
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, बम स्क्वॉड और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि यह पता चल सके कि मृतक वहां क्यों आया था और उसके साथ कोई और तो नहीं था। पुलिस ने स्कूल को पूरी तरह सील कर दिया है। विस्फोटक सामग्री के नमूने एकत्र किए जा रहे हैं और इलाके को सर्च किया जा रहा है कि कहीं और कोई संदिग्ध वस्तु तो नहीं छुपाई गई।
शव एनआईए को सौंपा गया, आतंकी कनेक्शन की आशंका
घटना की गंभीरता को देखते हुए शव को एनआईए के हवाले कर दिया गया है। प्रारंभिक जांच में विस्फोटक की उच्च तीव्रता होने के संकेत मिले हैं। सूत्रों के मुताबिक, आतंकी साजिश या संगठित आपराधिक गिरोह की भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता।
एनआईए टीम ने घटनास्थल से बैग के बचे हुए हिस्से, विस्फोटक के अवशेष और अन्य डिजिटल सबूत एकत्र किए हैं। मृतक की पहचान की प्रक्रिया जारी है और पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं यह सेल्फ-गोल तो नहीं था—अर्थात बम ले जाते समय गलती से फट गया हो।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
घटना को लेकर राज्य में राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। भाजपा नेता ने राज्य सरकार पर कानून व्यवस्था को लेकर निशाना साधा, वहीं तृणमूल कांग्रेस ने मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
राज्य सरकार ने भी तत्काल संज्ञान लेते हुए पुलिस को निर्देश दिए हैं कि जांच में कोई कोताही न बरती जाए। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से कहा गया है कि “किसी भी रूप में शांति भंग करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।”
स्थानीय लोग डरे, स्कूलों की सुरक्षा पर सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूल के बाहर ऐसे हादसे होना बहुत चिंताजनक है। अभिभावकों और नागरिक संगठनों ने स्कूलों की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। उत्तर 24 परगना में हुए इस विस्फोट ने न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, बल्कि स्कूल जैसे संवेदनशील स्थलों की सुरक्षा को लेकर भी चिंताओं को जन्म दिया है। एनआईए की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि यह मामला आतंकी साजिश था या अपराधियों की लापरवाही का नतीजा।











