NYC Mayor Zohran Mamdani
NYC Mayor Zohran Mamdani: न्यूयॉर्क शहर के नवनियुक्त मेयर जोहरान ममदानी ने कार्यभार संभालते ही भारत में जेल में बंद जेएनयू (JNU) के पूर्व छात्र उमर खालिद को एक पत्र लिखकर चर्चा छेड़ दी है। बृहस्पतिवार, 1 जनवरी 2026 को मेयर पद की शपथ लेने के तुरंत बाद ममदानी ने खालिद के प्रति अपनी संवेदनाएं और समर्थन व्यक्त किया। इस पत्र ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानवाधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की बहस को एक बार फिर गरमा दिया है। मेयर ममदानी ने इस चिट्ठी में स्पष्ट किया है कि वे और उनके समर्थक उमर खालिद की परिस्थितियों पर करीब से नजर बनाए हुए हैं और उनके संघर्ष को याद कर रहे हैं।
अपनी चिट्ठी में जोहरान ममदानी ने बेहद आत्मीय भाषा का प्रयोग किया है। उन्होंने लिखा, “प्रिय उमर, मैं अक्सर तुम्हारे उन शब्दों को याद करता हूं जिनमें तुमने कड़वाहट को खुद पर हावी ना होने देने की बात कही थी। हाल ही में तुम्हारे माता-पिता से मिलकर मुझे बेहद खुशी हुई। मैं तुम्हें यह बताना चाहता हूं कि हम सब तुम्हारे बारे में सोच रहे हैं।” उल्लेखनीय है कि कुछ दिनों पहले ही उमर खालिद के पिता कासिम रसूल इलियास ने अमेरिका की यात्रा की थी, जहां उन्होंने कई महत्वपूर्ण हस्तियों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं से मुलाकात की थी। इसी यात्रा के दौरान उनकी मुलाकात ममदानी से भी हुई थी।
यह पहली बार नहीं है जब ममदानी ने उमर खालिद के पक्ष में अपनी आवाज उठाई है। साल 2023 में भी न्यूयॉर्क में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान ममदानी ने उमर द्वारा जेल से लिखी गई एक चिट्ठी को पढ़कर सुनाया था। उस समय उन्होंने उमर खालिद को एक ऐसा साहसी व्यक्तित्व बताया था जो समाज में नफरत और मॉब लिंचिंग जैसी बुराइयों के खिलाफ निडर होकर आवाज उठाता है। ममदानी के इस निरंतर समर्थन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उमर खालिद के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
उमर खालिद वर्तमान में दिल्ली की उच्च सुरक्षा वाली तिहाड़ जेल में बंद है। उन्हें सितंबर 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने उन पर आपराधिक साजिश रचने, दंगा भड़काने, गैर-कानूनी सभा बुलाने और कड़े आतंकवाद विरोधी कानून ‘गैर-कानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम’ (UAPA) के तहत कई गंभीर आरोप लगाए हैं। अभियोजन पक्ष का दावा है कि ये दंगे एक पूर्व नियोजित साजिश का हिस्सा थे, जबकि खालिद के वकील इन आरोपों को निराधार बताते रहे हैं।
लंबे समय से सलाखों के पीछे रहने के बाद, हाल ही में उमर खालिद को कुछ दिनों की राहत मिली थी। कड़कड़डुमा कोर्ट ने मानवीय आधार पर उमर खालिद को उनकी बहन की शादी में शामिल होने के लिए 16 दिसंबर से 29 दिसंबर 2025 तक की 14 दिनों की अंतरिम जमानत दी थी। उनकी बहन का विवाह 27 दिसंबर को संपन्न हुआ, जिसके बाद तय समय सीमा के भीतर खालिद ने पुनः जेल में आत्मसमर्पण कर दिया। मेयर ममदानी की यह चिट्ठी ऐसे समय में आई है जब खालिद की नियमित जमानत याचिका पर कानूनी प्रक्रिया जारी है।
न्यूयॉर्क के मेयर द्वारा एक भारतीय कैदी को पत्र लिखना कूटनीतिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर सकता है। जहाँ एक तरफ समर्थक इसे मानवाधिकारों के लिए वैश्विक एकजुटता मान रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ आलोचक इसे भारत के आंतरिक और कानूनी मामलों में विदेशी हस्तक्षेप के तौर पर देख रहे हैं। फिलहाल, यह पत्र सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
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