Russia trade deal : विदेश मंत्री एस. जयशंकर गुरुवार को रूस की राजधानी मॉस्को पहुंचे, जहां उन्होंने अपने समकक्ष सर्गेई लावरोव से मुलाकात की। इसके बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में जयशंकर ने साफ कहा कि भारत रूस से तेल का सबसे बड़ा खरीदार नहीं है, बल्कि चीन है। उन्होंने अमेरिका द्वारा लगाए गए अतिरिक्त टैरिफ पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह फैसला तर्कसंगत नहीं है।

LNG खरीद में यूरोपीय यूनियन सबसे आगे
जयशंकर ने आंकड़े पेश करते हुए कहा कि रूस से LNG (नेचुरल गैस) की खरीद में यूरोपीय यूनियन (EU) शीर्ष पर है। वहीं, 2022 के बाद रूस के साथ व्यापार बढ़ाने में कुछ दक्षिणी देश भारत से आगे हैं। इसके बावजूद केवल भारत पर अमेरिका का हाई टैरिफ लगाना सवालों के घेरे में है।

ट्रम्प का टैरिफ फैसला
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हाल ही में भारत पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। यह 27 अगस्त से लागू होगा। ट्रम्प का आरोप है कि भारत रूस से तेल खरीदकर अप्रत्यक्ष रूप से रूस को यूक्रेन युद्ध लड़ने में मदद कर रहा है। जयशंकर ने भारत की ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए रूस से तेल खरीद को उचित ठहराया। उन्होंने कहा,“द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से भारत और रूस का रिश्ता दुनिया के सबसे स्थिर रिश्तों में से एक रहा है।”उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत का मकसद अपनी जनता और अर्थव्यवस्था को ऊर्जा सुरक्षा देना है, और इसके लिए किसी भी सस्ती और भरोसेमंद आपूर्ति स्रोत का इस्तेमाल करना स्वाभाविक है।
व्यापार असंतुलन को लेकर समझौता
दोनों देशों ने बैठक में व्यापार संतुलन पर भी चर्चा की। जयशंकर ने कहा कि रूस भारत से कृषि उत्पाद, दवाइयाँ और वस्त्र का आयात बढ़ाने पर सहमत हुआ है। इससे भारत के लिए नए निर्यात अवसर खुलेंगे। उन्होंने आगे कहा कि भारत और रूस मिलकर नॉन-टैरिफ बाधाओं और रेगुलेशन संबंधी दिक्कतों को जल्द दूर करेंगे। इससे व्यापार को और सुगम बनाने में मदद मिलेगी और ट्रेड डेफिसिट (व्यापार घाटा) कम होगा।
पुतिन से मुलाकात
मॉस्को दौरे के दौरान जयशंकर ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी मुलाकात की। इस मुलाकात में द्विपक्षीय संबंधों, ऊर्जा सहयोग, रक्षा साझेदारी और वैश्विक सुरक्षा पर गहन चर्चा हुई। जयशंकर का बयान न सिर्फ अमेरिका के टैरिफ फैसले पर भारत की असहमति को दर्शाता है, बल्कि यह भी स्पष्ट करता है कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों के आधार पर ऊर्जा नीति तय करेगा
Read More : Russia Ukraine war : रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म करने को तैयार पुतिन, लेकिन रखीं 3 सख्त शर्तें











