Odisha Deogarh
Odisha Deogarh: ओडिशा के देवगढ़ जिले से एक ऐसी मर्मस्पर्शी घटना सामने आई है जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। एक 5 साल का मासूम बच्चा कड़ाके की ठंड और घने जंगल के बीच पूरी रात अपने मृत पिता और बेहोश मां के पास बैठा रहा। हाड़ कंपा देने वाली सर्दी और जंगली जानवरों के खतरे के बावजूद वह बच्चा वहां से हिला नहीं और अपनों की रखवाली करता रहा। यह घटना रविवार, 28 दिसंबर 2025 की सुबह तब उजागर हुई जब वह मासूम मदद की गुहार लगाते हुए जंगल से निकलकर मुख्य सड़क पर पहुँचा।
पुलिस जांच के अनुसार, मृतक की पहचान दुष्मंत माझी और उसकी पत्नी रिंकी माझी के रूप में हुई है, जो जियानंतपाली गांव के निवासी थे। बताया जा रहा है कि शनिवार की रात दंपति अपनी मोटरसाइकिल से कहीं जा रहे थे। रास्ते में उनके बीच किसी बात को लेकर गंभीर घरेलू विवाद हुआ। विवाद इतना बढ़ गया कि उन्होंने आत्मघाती कदम उठाने का फैसला किया। उन्होंने अपनी मोटरसाइकिल सड़क किनारे खड़ी की और बच्चे के साथ करीब एक किलोमीटर पैदल चलकर घने जंगल के भीतर चले गए, जहाँ उन्होंने कथित तौर पर कीटनाशक का सेवन कर लिया।
देवगढ़ जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) धीरज चोपदार ने बताया कि जहरीला पदार्थ पीने के कुछ ही समय बाद दुष्मंत माझी की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, उसकी पत्नी रिंकी जहरीले प्रभाव के कारण बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ी। इन सबके बीच उनका 5 साल का बेटा निशब्द होकर अपने माता-पिता को देखता रहा। उसे अंदाजा भी नहीं था कि उसके पिता अब इस दुनिया में नहीं रहे। वह पूरी रात उस खौफनाक अंधेरे में अपने माता-पिता के शरीर के पास बैठा रहा, मानो उन्हें सुरक्षित रखने की कोशिश कर रहा हो। सूरज उगने के बाद जब उसे लगा कि वे नहीं उठ रहे, तब वह हिम्मत जुटाकर सड़क की तरफ भागा।
सड़क पर बदहवास बच्चे को देखकर राहगीरों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर महिला को पड़ोसी जिले अंगुल के छेंदीपाड़ा अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद रिंकी माझी की भी मौत हो गई। पुलिस के लिए सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि माता-पिता ने अपने बच्चे को भी कीटनाशक दिया था। हालांकि, चमत्कारिक रूप से बच्चे पर उस जहर का घातक असर नहीं हुआ। डॉक्टरों ने प्रारंभिक उपचार के बाद उसे स्वस्थ घोषित कर दिया है।
पुलिस ने इस मामले में अस्वाभाविक मौत का केस दर्ज कर लिया है और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एएसपी धीरज चोपदार ने बताया कि बच्चे की हालत अब स्थिर है और उसे उसके दादा-दादी को सौंप दिया गया है। मासूम बच्चा अब शारीरिक रूप से तो ठीक है, लेकिन अपने माता-पिता को खोने का जो सदमा उसने झेला है, वह उम्रभर उसके साथ रहेगा। प्रशासन ने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी है और स्थानीय लोगों ने इस दुखद घड़ी में बच्चे की देखभाल के लिए हाथ आगे बढ़ाए हैं।
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